
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sindhura Mandava
Dandruff in Monsoon
Monsoon Hair Care : बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह बालों और स्कैल्प से जुड़ी कई समस्याएं भी साथ लेकर आता है। मानसून के दौरान कई लोग बाल झड़ने, डैंड्रफ, खुजली और स्कैल्प में चिपचिपाहट की शिकायत करने लगते हैं। अगर समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान न दिया जाए तो बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट एंड एस्थेटिक्स डॉ. सिंधुरा मंडावा का कहना है कि मानसून में बढ़ी हुई नमी और लंबे समय तक स्कैल्प का गीला रहना बालों और सिर की स्किन का प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ देता है। इससे स्कैल्प में सीबम और पसीना काफी ज्यादा बनने लगता है, जो हेयर फॉलिकल्स को प्रभावित करता है और बालों की जड़ों को कमजोर बना सकता है।
NCBI पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मालासेजिया नामक यीस्ट स्कैल्प पर नैचुरल रूप से मौजूद होता है, लेकिन नमी और अतिरिक्त तेल की वजह से इसकी संख्या बढ़ने लगती है। यही फंगस डैंड्रफ और सेबोरिक डर्मटाइटिस जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण माना जाता है। इससे सिर में सफेद परत, खुजली और जलन की समस्या बढ़ सकती है।
डॉ. मंडावा बताती हैं कि इस मौसम में धूप कम मिलने और लंबे समय तक बालों के गीले रहने से स्कैल्प की प्राकृतिक एंटीफंगल सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है। इसके कारण कई हेयर फॉलिकल्स समय से पहले टेलोजेन फेस में पहुंच जाते हैं, जिससे सामान्य से अधिक बाल गिरने लगते हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों में भी पाया गया है कि टेलोजेन एफ्लुवियम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें तनाव, संक्रमण, हार्मोनल बदलाव या पर्यावरणीय कारणों से बड़ी संख्या में बाल एक साथ झड़ने लगते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि प्रदूषित बारिश का पानी और धूल-मिट्टी स्कैल्प में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे बालों की बाहरी परत (Hair Cuticle) कमजोर हो जाती है, जिसके कारण बाल रूखे, बेजान और आसानी से टूटने लगते हैं।
मानसून में अगर आप अपने बालों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-
कुछ स्थितियों में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है, जैसे-
Disclaimer : अगर आपको ऐसे लक्षण दिखे, तो फौरन डॉक्टर की सलाह लें। इसे सामान्य मौसमी बदलाव मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द डर्मेटॉलोजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है ताकि सही कारण का पता लगाकर समय पर इलाज शुरू किया जा सके।