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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 20, 2022 11:22 AM IST
Ear infection in hindi: बारिश का मौसम असल में फंगल, बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन का मौसम है। दरअसल, नमी भरे मौसम में फंगल और बैक्टीरिया आसानी से पनपने लगते हैं और इन्हें प्रजनन करने का मौका मिल जाता है। इससे ये मल्टीप्लाई करते हैं और आसानी से फैलने लगते हैं। ऐसे में शरीर के वह क्षेत्र जहां नमी रह सकती है वो बारिश में आसानी से इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। ऐसी ही एक जगह कान। बारिश के मौसम में इसलिए कान का इंफेक्शन (Monsoon ear infection risk) फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में ज्यादातर लोगों को इसे बारे में पता नहीं होता और ये धीमे-धीमे बढ़ कर कई समस्याओं का कारण बन जाता है। तो, आइए जानते हैं बारिश में कारण और लक्षण।
कान में इंफेक्शन कई कारणों से होता है जो कि इसके प्रकारों पर निर्भर करता है। जैसे कि कान के ऊपरी हिस्से का इंफेक्शन और कान के अंदुरुनी हिस्से का इंफेक्शन। बारिश में कान में इंफेक्शन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे कि
बारिश में भीगने के नुकसान कई हैं, जिसमें से एक है कान का इंफेक्शन। कान में संक्रमण वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है, विशेष रूप से बैक्टीरिया स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया या हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा। वे अक्सर आपके यूस्टेशियन ट्यूबों के ब्लॉकेज के परिणामस्वरूप होते हैं, जिससे आपके कान के बीच में द्रव का निर्माण होता है। यूस्टेशियन ट्यूब छोटी ट्यूब होती हैं जो आपके प्रत्येक कान से सीधे आपके गले के पीछे तक जाती हैं। बारिश के मौसम में जब नमी आपके कान में रह जाती है तो ये बैक्टीरिया फैलते हैं और इंफेक्शन का कारण बनते हैं।
बारिश के मौसम में ऐसे ही नमी रहती है। ऐसे में साबुन के पानी के संपर्क में आने से कानों में इंफेक्शन आसानी से हो जाता है। ये कान के बीच में होने वाले इंफेक्शन का कारण बनता है और कई बार ये अंदर तक भी पहुंच जाता है।
बारिश के मौसम में स्विमिंग पूल जैसी जगहें फंगल और बैक्टीरिया के लिए प्रजनन स्थल होती हैं। ऐसे में स्विमिंग पूल के पानी से आपको आसानी से इंफेक्शन हो सकता है। ये इंफेक्शन आपके कान में खुजली के साथ तेज दर्द और मवाद का भी कारण बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि बारिश के दिनों में स्विमिंग पूल में नहाने से बचें।
ठंडी चीजों को खाने के कारण भी आपको कान में इंफेक्शन हो सकता है। दरअसल, ये ठंडी चीजें इंफेक्शन का कारण बन सकती हैं। ये संक्रमित एडीनोइड से कान में संक्रमण हो सकता है। दरअसल, आपके एडेनोइड आपके नाक के पीछे आपके मुंह की छत पर ग्रंथियां हैं जो आपके शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। संक्रमण इन ग्रंथियों से आपके यूस्टेशियन ट्यूब के आस-पास के छोर तक फैल सकता है और कान में इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है।
-कान में दर्द खासकर लेटते समय
-आवाज सुनने या प्रतिक्रिया देने में समस्या
-संतुलन की हानि
-तेज बुखार
-कान से तरल पदार्थ का निकलना
-सिरदर्द
तो, इन तमाम कारणों को जानें और बारिश के दिनों में नहाते समय कान में कॉटन डाल कर रखें। साथ ही बारिश में भीगने के बाद या फिर जब आपको लगे कि पानी कान में चला गया है घर आ कर कान की सफाई जरूर करें।