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मानसून में कौन सी बीमारियां होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ता है?

मानसून का मौसम सुहावना होने के साथ-साथ इससे स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है। इस लेख में हम इन बीमारियों व इनके बचाव के बारे में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 5, 2026 7:38 PM IST

मानसून का मौसम हर किसी को पसंद होता है, किसी को ठंडी-ठंडी हवा और बारिश याद आती है, तो किसी को बारिश के बाद मिट्टी की खुशबू और चाय-पकोड़े। लेकिन बहुत ही कम लोग मानसून के मौसम में बढ़ने वाली बीमारियों के खतरे के बारे में सोचते हैं। लेकिन इस बारे में सोचना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि मानसून का मौसम सुहावना सिर्फ तभी लगता है जब आपका स्वास्थ्य ठीक हो। मानसून के मौसम के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याओं व बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है, जो मानसून का मजा खराब कर सकती हैं। इसलिए यह पता होना चाहिए कि मानसून के मौसम में किस तरह से आपका स्वास्थ्य प्रभावित होता है, किस तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है और किस तरह से उनका बचाव करना जरूरी है। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जिनका खतरा मानसून के कारण बढ़ जाता है।

मच्छर जनित बीमारियां

बारिश के मौसम में घरों के आसपास और छतों पर पानी जमा होने लग जाता है और इस कारण से मच्छर पैदा होने लगते हैं। यही कारण है कि बारिश के मौसम में मच्छर पनपने लगते हैं और उससे डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियां होने लगती हैं। भारत में मानसून के मौसम बहुत ज्यादा ज्यादा खतरा बढ़ जाता है।

पाचन तंत्र से जुड़े रोग

अक्सर देखा गया है कि बारिश के मौसम में पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है और ऐसा आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर लोग बाहर की तली-भुनी चीजें, चाय, पकोड़े और अन्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि बारिश के मौसम में पाचन क्रिया खराब होने के कारण, पेट दर्द, दस्त, कब्ज और यहां तक कि पीलिया जैसी बीमारियां होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

एलर्जी व इन्फेक्शन

बारिश के मौसम ह्यूमिडिटी का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है, जिसके कारण वातावरण में फफूंद और धूल मिट्टी के कारण रोगाणु व एलर्जिक तत्व बढ़ने लग जाते हैं। यही कारण है कि वातावरण में साइनस इन्फेक्शन, एलर्जी और श्वसन मार्गों से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। अक्सर बारिश के मौसम में छींक आना आदि इसी समस्या का एक संकेत है, इसके अलावा स्किन एलर्जी व अन्य प्रकार की एलर्जिक रिएक्शन होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

कैसे करें बचाव

अगर आपको मानसून का मजा लेना है, तो हेल्दी रहना सबसे ज्यादा जरूरी है और इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। मानसून के मौसम में इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग रखना बेहद जरूरी है, जिसके लिए नियमित रूप से सही डाइट लें, जिसमें पर्याप्त मात्रा में फल व सब्जियां होनी चाहिए। इसके साथ ही मानसून का मजा दिन में ही लीजिए, क्योंकि रात सोने के लिए होती है और हेल्दी रहने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। इसके अलावा अगर आपको निम्न में से कोई भी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य मानसून के मौसम में होने वाली बीमारियां व उनसे बचाव के बारे में जानकारी देना है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।