नोएडा में मिले मंकीपॉक्स के संदिग्ध में दिखे ये 2 लक्षण, जानें मंकीपॉक्स के कौन-से लक्षण दिखते ही हो जाना चाहिए आइसोलेट

मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति से दूसरों तक आसानी से यह संक्रमण फैल सकता है।इसीलिए एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ लक्षण दिखने के बाद पीड़ित व्यक्ति को खुद ही आइसोलेशन में चले जाना चाहिए।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 28, 2022 11:58 PM IST

Monkeypox Symptoms: भारत में मंकीपॉक्स का एक नया मामला सामने आया है जो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा शहर से है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हुए नोएडा में मंकीपॉक्स संक्रमण का यह संदिग्ध मामला (Monkeypox case in Noida) सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, मरीज एक 47 वर्षीय महिला है। मंगलवार को पीड़ित महिला ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया था, जिसके बाद पीड़िता के सैम्पल्स इकट्ठा करके जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब में भेजे गए हैं। समाचार एजेंसी आईएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध मरीज महिला को फिलहाल होम आइसोलेशन (Home Isolation) में भेज दिया गया है।

दिल्ली के बाद नोएडा में मिला मंकीपॉक्स का संदिग्ध

वहीं, एक अधिकारी द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, अभी तक टेस्ट रिपोर्ट नहीं आयी है और इसीलिए, महिला में मंकीपॉक्स से संक्रमण की पुष्टि नहीं हो सकी है। बता दें दिल्ली में मंकीपॉक्स के एक मामले (Monkeypox case in Delhi) की पुष्टि की गयी है वहीं इस बीच राजधानी में बुधवार को भी मंकीपॉक्स से संक्रमण बीमारी का एक संदिग्ध मामला दर्ज किया गया। मंकीपॉक्स से पीड़ित एक संदिग्ध व्यक्ति को दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (Lok Nayak Jai Prakash Narayan Hospital, New Delhi ) में आइसोलेट किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अगर उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो यह राजधानी में मंकीपॉक्स का दूसरा मामला होगा।

बता दें कि भारत में अब तक मंकीपॉक्स के चार मामले दर्ज किए गए हैं  जिनमें से तीन मामले केरल (Monkeypox cases in Kerala) से हैं और एक केस की पुष्टि दिल्ली (Delhi) में की गयी है। वहीं, दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती संदिग्ध मरीज में पेरिस और मुंबई की ट्रैवल हिस्ट्री भी बतायी गयी है।

अस्पताल में भर्ती मरीज में दिखे ये लक्षण

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक एक प्राइवेट नौकरी में काम करता है। तकरीबन 2 महीने पहले यह व्यक्ति पेरीस (Paris) गया था और उसके बाद वह 15 दिनों तक मुंबई  में भी रहा था। मुंबई से गाजियाबाद लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगी हैं। जो लक्षण उनमें दिखे उनमें ये समस्याएं दिख रही है-

  • बुखार (Fever)
  • छोटे लाल दाने (Red boils)

लक्षण दिखने के बाद डॉक्टरों ने टेस्टिंग करायी और टेस्ट के बाद उसे आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती करा दिया गया। वहीं, संदिग्ध व्यक्ति के सैम्पल्स भी जांच के लिए भेज दिए गए हैं।  डॉक्टरों के अनुसार पीड़ित व्यक्ति में  मंकीपॉक्स और चिकनपॉक्स जैसे हल्के लक्षण देखने को मिले हैं, हालांकि, मामले की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकती है।

मंकीपॉक्स के लक्षण क्या होते हैं? (Symptoms of Monkeypox in Hindi)

गौरतलब है कि मंकीपॉक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठनद्वारा  (World Health Organization) एक अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता का विषय और एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा घोषित कर दिया गया है। मंकीपॉक्स एक प्रकार का संक्रमण है जो ऑर्थोपॉक्स फैमिली के एक  वायरस द्वारा फैलता  है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैल सकता है और पीड़ित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों (छींकने या खांसने से निकलने वाली छोटी बूंदों या ड्रॉपलेट्स) से यह आसानी से फैल सकता है। इसी तरह संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए हुए सामान जैसे तौलिया, बिस्तर और यहां तक कि उनके बर्तनों से भी मंकीपॉक्स फैल सकता है।

मंकीपॉक्स संक्रमण होने पर आमतौर पर जो लक्षण (Monkeypox infection symptoms) सबसे पहले दिखते हैं उनमें ये समस्याएं शामिल हैं -

  • बुखार (fever),
  • सिरदर्द (headache)
  • मांसपेशयों में दर्द ( muscle aches)
  • पीठ का दर्द (backache)
  • ठंड लगना ( chills) और,
  • थकान या कमजोरी ( exhaustion) महसूस करना

वहीं, संक्रमण होने के कुछ समय बाद कुछ और गम्भीर लक्षण दिखायी दे सकते हैं जैसे चेहरे पर रैशेज जो धीरे-धीरे पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। वहीं, कुछ समय बाद शरीर पर छाले दिखते हैं जिनमें पानी भी भर सकता है। हालांकि, धीरे-धीरे ये छाले सूखने लगते हैं और उनपर जमा पपड़ी (Flacks) सूखकर झड़ भी सकती है।

किन लक्षणों के दिखने पर होम आइसोलेशन में जाना है जरूरी ? ( Self Isolation After Monkeypox Infection)

एक्सपर्ट्स के अनुसार मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति से दूसरों तक आसानी से यह संक्रमण फैल सकता है। संक्रमण फैलने का यह खतरा तब तक बना रह सकता है जब तक कि पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर दिखने वाले छाले और रैशेज (rashes) पूरी तरह ठीक ना हो जाएं औ त्वचा की नयी परत बनने के बाद वह सारे दाग-धब्बे खत्म ना हो जाएं। इस प्रक्रिया में कई सप्ताह का समय लग सकता है और इसीलिए, लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

  • जब किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स संक्रमण के लक्षण (symptoms of monkeypox infection) दिखायी दें और डॉक्टर द्वारा संक्रमण की पुष्टि की जाए तो लोगों को खुद को दूसरों से दूर और आइसोलेशन में चले जाना चाहिए।
  • ऐसे लोगों को ऑफिस, स्कूल और अन्य सार्वजनिक जगहों पर नहीं जाना चाहिए।
  • संक्रमित व्यक्ति को मकान में रहने वाले अन्य लोगों के साथ कम से कम एक मीटर या 3-4 कदमों की दूरी रखते हुए बात करनी चाहिए या खड़े होना चाहिए।
  • बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
  • जब भी घर से बाहर निकलें तो फुल पैंट और फुल स्लीव कपड़े पहनें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके घाव, रैशेज या छाले पूरी तरह से ढंके हुए हों ताकि किसी और व्यक्ति को आपसे संक्रमण फैलने की संभावना कम से कम हो। (ways to minimize risk of monkeypox spread)
  • 3 परतों वाला सर्जिकल मास्क (surgical mask) पहनकर ही घर से बाहर निकलें।

बरतें ये सावधानियां भी

  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और अपने हाथों को बार-बा साबुन और पानी से धोते रहें।
  • जरूरत के अनुसार अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर (Alcohol based sanitizer) का भी इस्तेमाल करें।
  • अपने बिस्तर, टेबल, चश्मे और मोबाइल फोन जैसी वस्तुएं जो बहुत अधिक इस्तेमाल होती हैं उन्हें सैनिटाइज करते रहें।
  • इस्तेमाल के बाद टिश्यू पेपर, रूमाल, ड्रेसिंग, बैंडेज और अन्य प्रकार के कूड़े को सही तरीके से पैक करके कूड़ेदान में फेंके।
  • दवाइयां, राशन और जरूरत के अन्य सामान की खरीदारी के लिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मदद मांगें और खुद बाहर बाजार जाने से बचें।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बसों और ट्रेनों से सफर ना करें। बल्कि, अपने निजी वाहन से यात्रा करें। अगर बहुत जरूरी हो तो ऐसे समय पर यात्रा करें जब वहां भीड़ कम हो।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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