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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 24, 2022 2:29 PM IST
12 देशों में फैल चुका है Monkeypox virus! भारत में आए उससे पहले जान लें ये सभी जरूरी बातें, रहेंगे सेफ
Monkeypox virus : कोरोनावायरस के बाद तेजी से बढ़ रहे मंकीपॉक्स के मामलों को समझने के लिए वैज्ञानिक ये पता लगाने में जुट गए हैं कि किस वजह से मंकीपॉक्स फैल रहा है और इस संक्रमण से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका कौन सा है। डब्लूएचओ की मानें तो 21 मई तक मंकीपॉक्स के कुल 92 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 12 देशों में 28 संदिग्ध अभी भी मौजूद हैं। हालांकि भारत में अभी तक मंकीपॉक्स का एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन ब्रिटेन, स्पेन, पुर्तगाल, इटली और स्वीडन जैसे यूरोपीय देशों में इस वायरस के मामले सामने आए हैं। इसलिए जरूरी हो जाता है कि इस वायरस के लक्षणों और बचाव के तरीकों को समझा जाए।
इस वायरस से संक्रमित लोगों में ये लक्षण दिखाई दे रहे हैंः
1-बुखार
2-रैशेज
3-लिम्फ नोड में सूजन
हालांकि ये लक्षण कुछ स्थितियों में बिगड़ सकते हैं लेकिन मंकीपॉक्स आमतौर 2 से 4 सप्ताह के बीच तक रहने वाली बीमारी है, जिसके लक्षण खुद-ब खुद हल्के होते जाते हैं। डब्लूएचओ की मानें तो मंकीपॉक्स की गंभीरताकी दर 3 से 6 फीसदी है।
एक व्यक्ति मंकीपॉक्स वायरस से तब संक्रमित होता है जब वो किसी संक्रमित व्यक्ति, जानवर या फिर प्रदूषित सतह व चीज के करीबी संपर्क में आता है। मंकीपॉक्स ठीक स्मॉलपॉक्स की तरह ही लेकिन ये थोड़ा कम संक्रामक और कम घातक होता है।
इस बीमारी की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी है कि जागरूकता फैलना और लोगों को शिक्षित करना। लोगों को ये बताने की जरूरत है कि वायरस के संपर्क में आने के खतरे को कैसे कम किया जाए और ऐसा क्या किया जाए, जिससे आप इस वायरस से बचे रहें।
डब्लूएचओ के मुताबिक, कुछ देशों ने हेल्थ वर्कर्स, लेबोरेटरी में काम करने वाले कर्मचारियों और रैपिड रिस्पॉन्स टीम जैसे समूह, जिन्हें इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा है उनके लिए वैक्सीन लगाने के निर्देश जारी किए हैं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कुछ अध्ययन में ये पाया गया है कि स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन मंकीपॉक्स को रोकने में 85 फीसदी तक कारगर है।
1970 के दशक से अफ्रीकी देशों में इस बीमारी की वजह से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि अभी तक मंकीपॉक्स के लिए कोई विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है लेकिन मंकीपॉक्स जैसी बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। सीडीसी ने इस बीमारी के लिए स्मॉलपॉक्स वैक्सीन Cidofovir, ST-246, Vaccinia Immune Globulin (VIG) को मंकीपॉक्स में इस्तेमाल करने की मंजूरी प्रदान कर रखी है।
वहीं फूड्स एंड ड्रग्स एडमिन्सट्रेशन ने Tpoxx और Tembexa नाम की दवा को स्मॉलपॉक्स के उपचार के लिए मंजूरी प्रदान की हुई है। ये दोनों दवाएं एंटी-वायरल हैं और इन्हें खाया या फिर इंजेक्शन के माध्यम से लिया जा सकता है।