ब्रिटेन में दुर्लभ वायरस संक्रमण Monkeypox की पुष्टि, जानें लक्षण से लेकर शरीर में दिखाई देने बदलाव

हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के क्लीनिकल एंड इमरजिंग इंफेक्शन के निदेशक डॉ. कोलिन ब्राउन का कहना है कि इस बात पर जोर देने की जरूरत है कि मंकीपॉक्स जल्दी से लोगों के बीच नहीं फैलता है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 9, 2022 4:29 PM IST

ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ‘मंकीपॉक्स ’ (Monkeypox) के एक मामले की पुष्टि की है। मंकीपॉक्स एक ऐसा वायरस है, जो चूहों जैसे जानवरों से इंसानों में फैलता है। ब्रिटेन में संक्रमित पाया गया व्यक्ति नाइजीरिया से लौटा है, जहां उसके संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है। ब्रिटेन की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी का कहना है कि मंकीपॉक्स एक दुर्लभ वायरल इंफेक्शन है, जो लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलता है और इससे बीमार होने की संभावना सीमित है। इससे पीड़ित व्यक्ति कुछ सप्ताह के भीतर ही ठीक हो जाता है। कुछ मामलों में गंभीर रूप से बीमार होने की संभावना रहती है।

जल्दी से इंसानों में नहीं फैलता ये वायरस

हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के क्लीनिकल एंड इमरजिंग इंफेक्शन के निदेशक डॉ. कोलिन ब्राउन का कहना है कि इस बात पर जोर देने की जरूरत है कि मंकीपॉक्स जल्दी से लोगों के बीच नहीं फैलता है और इसके लोगों में फैलने की संभावना बहुत ही कम है।

ब्राउन का कहना है कि हम एनएचएस इंग्लैंड और एनएचएस इंप्रूवमेंट के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि ये पता लगाया जा सके कि संक्रमित व्यक्ति में वायरसकी पुष्टि होने से पहले वो कितने लोगों के साथ संपर्क में रहा था। पता लगाने के बाद उन्हें जरूरी सलाह दी जाएगी।

ब्रिटेन हेल्थ एजेंसी और एनएचएस इस संक्रामक रोग से निपटने के लिए कई उपायों पर काम कर रहा है और इनका सख्सी से पालन किया जाना चाहिए।

मंकीपॉक्स के लक्षण ?

मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षण हैंः

1-बुखार

2-सिरदर्द

3-मांसपेशियों में दर्द

4-पीठ में दर्द

5-लिम्फ नोड में सूजन

6-ठंड लगना

7-थकान

इस बीमारी में आपके चेहरे पर दाने आ सकते हैं, जो शरीर के दूसरे अंगों पर भी फैल सकते हैं। ये रैशेज समय के साथ-साथ घाव में तब्दील हो सकते हैं और बाद में जाकर खुद-ब-खुद फूट जाते हैं।

वायरस के फैलने का कारण?

अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं आप इस वायरस का शिकार हो सकते हैं। ये वायरस आपकी स्किन में दरार, श्वास मार्ग, आंख, नाक और मुंह के माध्यम से प्रवेश करता है। एनएचएस का कहना है कि ये संक्रमण पश्चिम, मध्य अफ्रीका के कुछ हिस्सों में संक्रमित जंगली जानवरों से फैलता है और चूहे मुख्य रूप से इसका वाहक हो सकते हैं।

ब्रिटेन की हेल्थ एजेंसी का कहना है कि बिना लक्षण वाले लोग संक्रामक नहीं माने जा रहे हैं लेकिन एहतियात के रूप में सावधानी बरतने की जरूरत है और संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना चाहिए। बीमार व्यक्ति को जल्द से जल्द इलाज कराने की जरूरत है।

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