
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 20, 2022 12:05 PM IST
Monkeypox Risk In India: मंकीपॉक्स के मामलों का पता चलते ही भारत समेत दुनियाभर में लोगों में चिंता और डर का माहौल है। मिली ताजा जानकारी के अनुसार अब तक 7 देशों में मंकीपॉक्स के मामले मिलने की पुष्टि की जा चुकी है। वहीं, कई देशों में इस बीमारी से जुड़ा अलर्ट घोषित किया गया है। बता दें कि बीते सप्ताह यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कुछ देशों में मंकीपॉक्स के मामले पाए जाने की पुष्टि की गयी थी जबकि, अब तक कई संदिग्ध मामलों की पुष्टि हो चुकी है। मंकीपॉक्स के लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण अमेरिका और कनाडा सहित, पुर्तगाल और यूके जैसे देशों में अलर्ट (Monkeypox Alert) जारी कर दिया गया है।
मंकीपॉक्स की बीमारी अभी तक पश्चिमी अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में एंडेमिक बीमारी के तौर पर पहचाना जा रहा था। वहीं, अब इस बीमारी के मामले अन्य कई देशों में भी पाए जा रहे हैं जिसके कारण अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं, भारत में भी लोगों में मंकीपॉक्स को लेकर डर का माहौल है क्योंकि, कोरोना वायरस संक्रमण के बाद से ब्लैक फंगस और MIS-C जैसी कई बीमारियां फैल चुकी हैं और उनके परिणाम भी काफी गम्भीर रहे हैं।

मंकीपॉक्स एक ऐसा वायरस है जो जंगली जीवों में पाया जाता है और कभी-कभार यह संक्रमण मनुष्यों में भी दिखायी दे जाता है। हालांकि, अभी तक मंकीपॉक्स के जो भी मामले पाए गए हैं वे मध्य अफ्रीका और पश्चिमी अफ्रीका में पाए गए हैं जहां यह बीमारी एक एंडेमिक मानी जाती है।
गौरतलब है कि अमेरिका और यूरोपिय देशों के बाहर मंकीपॉक्स के मामले मिलने से स्वास्थ्य इकाइयों की चिंता बढ़ रही है। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारयों द्वारा इस बात पर भी हैरानी जाहिर की गयी है कि, अफ्रीका के बाहर यह बीमारी कैसे फैल गयी। चिंता इस बात की है कि अब मंकीपॉक्स के मामले उन लोगों में भी पाए गए हैं जिन्होंने हाल-फिलहाल अफ्रीका की यात्रा नहीं की है। वहीं, कम उम्र के लोगों और युवाओं में भी मंकीपॉक्स के मामले काफी अधिक देखे गए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, लोगों में मंकीपॉक्स का रिस्क (risk to the general population is low) कम ही है।
भारत में अभी तक मंकीपॉक्स का एक भी मामला सामने नहीं आया है और इसीलिए, एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में मंकीपॉक्स के मामले (Monkeypox Risk In India) मिले तो उन्हें नयी महामारीकी शुरूआत के तौर पर नहीं देखा जा सकता। जानकारों के अनुसार, भारत में मंकीपॉक्स संक्रमण के प्रसार के बारे में कोई अनुमान लगाने से पहले यह देखना होगा कि यह बीमारी किस तरह फैलती है और संक्रमण के मामले कितनी कम या अधिक मात्रा में उभरकर सामने आते हैं।