
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : December 26, 2025 10:19 AM IST
Medically Verified By: Dr. Pratibha Gupta
Late Periods Causes in Hindi: जब पीरियड्स मिस होते हैं, तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी का ख्याल आता है। पीरियड्स बंद होते ही लड़कियों और महिलाओं के मन में कई सवाल आ जाते हैं। उनके मन में डर और कन्फ्यजून रहता है। हालांकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि पीरियड्स बंद होने का मतलब सिर्फ प्रेग्नेंसी है। आजकल खराब खान-पान और लाइफस्टाइल की वजह से भी कई ऐसी बीमारियां बढ़ रही हैं, जो पीरियड्स को प्रभावित करती हैं। दरअसल, जब शरीर में किसी बीमारी की वजह से हार्मोनल हेल्थ बिगड़ती है तो भी पीरियड्स देरी से होने लगते हैं। यानी तनाव, बीमारियां और वजन कम होने की वजह से भी पीरियड्स की डेट इधर-उधर हो सकती है। अगर आपको भी इस बार पीरियड्स आने में देरी हो गई है, तो यह सिर्फ प्रेग्नेंसी का संकेत नहीं है। ऐसा कुछ बीमारियां की वजह से भी हो सकता है। आइए, हीलिंग हैंड्स पीजी गायनोकोलॉजी एंड यूरोलॉजी सेंटर, जनकपुरी की गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. प्रतिभा गुप्ता से जानते हैं पीरियड्स मिस होने के पीछे के कारण-
पीसीओएस एक ऐसी समस्या है, जो आजकल ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिल रही है। महिलाओं में पीसीओएस के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पीरियड्स का देरी से आना पीसीओएस का संकेत भी हो सकता है। पीसीओएस की वजह से लंबे समय तक पीरियड्स नहीं आते हैं। जब महिलाओं के ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं, तो पीसीओएस हो जाता है। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन की वजह से होती है। चेहरे पर ज्यादा बाल निकलना, तेजी से वजन बढ़ना और चेहरे पर मुंहासे पीसीओएस के लक्षण होते हैं। आपको बता दें कि पीसीओएस में ओव्यूलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता है। इसलिए पीरियड्स मिस या लेट हो जाते हैं।
थायराइड आजकल की एक बेहद आम समस्या बन गई है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है। जब थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम या ज्यादा होता है, तो पीरियड साइकिल गड़बड़ा जाता है। थायराइड की वजह से पीरियड्स मिस या काफी लेट हो सकते हैं। थायराइड रोग की वजह से पीरियड्स कई महीनों तक रुक सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को प्रेग्नेंसी का शक होता है और वह प्रेग्नेंसी की जांच करने लगती हैं। जबकि, ऐसा थायराइड की वजह से भी हो सकता है। ज्यादा थकान लगना, वजन कम या ज्यादा होना, हेयर फॉल आदि भी थायराइड के संकेत होते हैं। अगर आपको प्रेग्नेंसी नहीं है, तो आपको थायराइड की जांच जरूर करवानी चाहिए।
सिर्फ शारीरिक सेहत में गड़बड़ी से ही नहीं, मानसिक हेल्थ में गड़बड़ी का असर भी पीरियड्स पर पड़ता है। खराब मेंटल हेल्थ का भी पीरियड्स पर सीधा असर पड़ता है। दरअसल, डिप्रेशन की वजह से दिमाग का हाइपोथैलेमस (मस्तिष्क का एक छोटा, बादाम के आकार का हिस्सा) प्रभावित होता है, जो पीरियड साइकिल को कंट्रोल करता है। यही वजह है कि डिप्रेशन की वजह से भी पीरियड्स देरी से हो सकते हैं। डिप्रेशन की वजह से आपको अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और भूख में कमी जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
अगर आपके पीरियड्स देरी से आते हैं, तो हर बार यह प्रेग्नेंसी का संकेत नहीं होता है। कई बार कुछ बीमारियों की वजह से भी पीरियड्स बंद या लेट हो सकते हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।