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What is Mirgi in Hindi: मिर्गी, मस्तिष्क से जुड़ी एक बीमारी है। इसमें पीड़ित व्यक्ति को बार-बार दौरे पड़ते हैं। आपको बता दें कि मिर्गी दुनियाभर में चौथा सबसे आम न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। स्ट्रोक और कुछ खास संक्रमण मिर्गी के मुख्य कारण माने जाते हैं। आपको बता दें कि भारत में लगभग 12 मिलियन मिर्गी के रोगी हैं। इनमें से 30-40 फीसदी ऐसे रोगी हैं, जिनके इलाज के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प होता है। भारत में हर साल 500 सर्जरी सिर्फ मिर्गी रोगियों की होती है। हालांकि, ज्यादातर मिर्गी रोगियों का इलाज दवाइयों से किया जाता है। इसमें दौरे पड़ने की आवृत्ति (Frequency) कम हो जाती है। लोगों को मिर्गी के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 26 मार्च को मिर्गी जागरूकता दिवस (Epilepsy Awareness Day) मनाया जाता है। आज इसी मौके पर अर्मिता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट और न्यूरोसर्जरी डॉ. सत्यकाम बरुआ से जानते हैं मिर्गी के लक्षण और कारण-
जी हां, आम इंसान को भी अचानक से मिर्गी का दौरा पड़ सकता है। आपको बता दें कि मिर्गी के दौरे तब पड़ते हैं, जब मस्तिष्क में विद्युत गतिविधि अचानक से अनियंत्रित हो जाती है।
डॉ. सत्यकाम बरुआ के अनुसार, लगभग 50 फीसदी मामलों में मिर्गी का कोई स्पष्ट कारण नहीं पहचाना जाता है।
सिर में चोट लगना: जिन लोगों को किसी दुर्घटना के दौरान सिर में चोट लगी है, उन्हें मिर्गी के दौरे पड़ सकते हैं।
जेनेटिक: मिर्गी जेनेटिक भी हो सकती है। यानी अगर किसी के घर पर मम्मी-पापा या दादा-दादी को मिर्गी के दौरे पड़ते हैं, तो उनमें भी इसका जोखिम हो सकता है।
मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं: मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं भी मिर्गी के दौरे का कारण बन सकती हैं। मस्तिष्क ट्यूमर और स्ट्रोक जैसी स्थितियां मिर्गी का कारण बन सकती हैं।
संक्रमण: इसके अलावा, एचआईवी और वायरल एन्सेफलाइटिस जैसे संक्रमण भी मिर्गी के दौरे पड़ने का कारण बन सकते हैं। ऑटोइम्यून डिसऑर्डर और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की वजह से भी मिर्गी के दौरे पड़ सकते हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशन उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।