
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 19, 2026 12:07 PM IST
हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है।
गलत खानपान के कारण भारत समेत तमाम विकासशील देशों में लिवर से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लिवर की बीमारी न सिर्फ आम लोगों की समस्त सेहत के लिए खतरा है, बल्कि आने वाले सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा बोझ बन सकती है। लिवर की बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे (World Liver Day 2026) मनाया जाता है। वर्ल्ड लिवर डे के खास मौके पर कई प्रकार के हेल्थ कैंप और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, इस मौके पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय (World Liver Day 2026 Importance) ने लोगों को लिवर स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक डाइट और माइंडफुल ईटिंग अपनाने पर फोकस देने के लिए कहा है।
सोशल मीडिया पर हैंडल पर शेयर किए टिप्स में मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सही खानपान की आदतें अपनाकर हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
मंत्रालय का कहना है कि एक आम व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ आयुर्वेदिक सिद्धांतों को अपनाएं तो इससे लिवर की बीमारियों का खतरा करने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं इसके बारे में-
आयुष मंत्रालय के अनुसार लिवर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान का सही होना भी बहुत जरूरी है। आयुर्वेद में भी ऐसी जड़ी- बूटियों का जिक्र किया गया है, जिसे खानपान में अपनाने से लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में-
इसके अलावा आंवला, अनार, अंगूर, पपीता, संतरा और नींबू जैसे फल, मकोय (सोलेनम नाइग्रम) के पत्ते भी लिवर को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। माइंडफुल ईटिंग यानी भोजन करते समय ध्यान से और शांति से खाना भी लिवर की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इससे पाचन अच्छा होता है और शरीर पर बोझ नहीं पड़ता है, जिससे लिवर की बीमारियां होने का खतरा कम होता है।
लिवर सही तरीके से काम करें तो इससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट बताती है कि लिवर को बीमारियों से बचाने के लिए माइंडफुल ईटिंग होना बहुत जरूरी है। इसके लिए खाना खाते समय मोबाइल और टीवी स्क्रिन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
पेट में दर्द, थकान, कमजोरी, वजन कम होना, भूख न लगना, त्वचा का पीला पड़ना, आंखों में पीलापन आदि फैटी लिवर के लक्षण हो सकते हैं।
नहीं, लिवर सिरोसिस पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता है। हालांकि, अगर शुरुआती स्टेज में लिवर सिरोसिस का निदान हो जाए तो बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
फैटी लिवर डिजिज होने पर आमतौर पर प्रोसेस्ड फूड्स जैसे मैदा और शक्कर का सेवन करने से मना किया जाता है। इसी तरह तला-भुना, मसालेदार खाना, अधिक मात्रा में नमक खाने और अल्कोहल से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
अनहेल्दी डाइट, ऑयली फूड्स खाना, स्मोकिंग और शराब पीने की आदत, प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड्स का सेवन, मोटापा और अनकंट्रोल्ड डायबिटीज के कारण फैटी लिविर डिजिज का खतरा बढ़ सकता है।