माइग्रेन के दर्द से फट रहा है सिर तो ये बातें जानना है आपके लिए जरूरी

लाइफस्टाइल, टेंशन या मौसम के बदलाव के कारण भी माइग्रेन हो सकता है। इससे बचाव का एक ही तरीका है, समय पर इसे पहचानकर इसका उपचार करना।

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Written By: Atul Modi | Updated : January 31, 2024 7:01 AM IST

'माइग्रेन' एक ऐसा सिरदर्द है जो कभी-कभी असहनीय हो जाता है। ये कभी आधे सिर में तो कभी पूरे सिर में भी हो सकता है। अगर यह दर्द बिगड़ जाए या समय पर इसका ट्रीटमेंट न किया जाए तो कई बार यह लगातार कई दिनों तक भी आपकी नींदें उड़ा सकता है। लाइफस्टाइल, टेंशन या मौसम के बदलाव के कारण भी माइग्रेन हो सकता है। इससे बचाव का एक ही तरीका है, समय पर इसे पहचानकर इसका उपचार करना।

प्रोड्रोम को पहचानें

माइग्रेन कभी भी अचानक नहीं होता। इससे पहले कुछ संकेत नजर आते हैं, जिसे प्रोड्रोम कहते हैं। इसे प्री-हैडएक कहा जाता है। अगर आपको सिर में हल्का दर्द महसूस होना शुरू हो रहा है तो हो सकता है कि यह माइग्रेन की शुरुआत हो। प्रोड्रोम के दौरान हल्के सिरदर्द के साथ कुछ कॉमन बातों पर ध्यान दें। जैसे इस दौरान आपको उबासी अधिक आएगी, आपको यूरिन ज्यादा आएगा, मीठा खाने का मन ज्यादा होगा खासतौर पर चॉकलेट। आप इन सभी बातों पर गौर करें और इन्हें नोट करें। ऐसा करने पर आप अपनी माइग्रेन की स्थिति जान पाएंगे। साथ ही समय पर उपचार ले सकेंगे।

व्यवहार को करें नोटिस

माइग्रेन के अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है। कुछ लोग माइग्रेन से कुछ घंटों पहले काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं। कई बार वे उदास रहने लगते हैं। कई बार लोग ज्यादा उत्साहित नजर आते हैं और कुछ देर बाद उन्हें माइग्रेन होने लगता है।

नींद के पैटर्न में बदलाव

माइग्रेन से पहले आमतौर पर लोगों को थकान महसूस होने लगती है। नींद के पैटर्न में भी बदलाव होता है। जैसे या तो बहुत ज्यादा नींद आने लगती है या फिर बहुत कम नींद आने लगती है। नींद में यह बदलाव माइग्रेन को ट्रिगर करती है। इसमें सुधार करके आप माइग्रेन से बचाव कर सकते हैं। कई बार तेज रोशनी और आवाज भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है।

पेट की समस्या होना

माइग्रेन कभी-कभी आपके पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आपको कब्ज या फिर दस्त हो रहे हैं तो यह सिरदर्द का कारण हो सकता है। यदि आपको भी ऐसे लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या दवा लें।

ऐसे करें माइग्रेन से बचाव

माइग्रेन के शुरुआती लक्षण पहचान कर आप इससे मुक्ति पा सकते हैं। इसके लिए कुछ आसान तरीके अपनाएं।

1. कैफीन का करें सेवन : कैफीन का बहुत अधिक सेवन अच्छा नहीं है। लेकिन अगर आपको माइग्रेन का आभास हो रहा है तो थोड़ी मात्रा में कैफीन का उपयोग करें।

2. मेडिटेशन करें : माइग्रेन से राहत में मेडिटेशन बहुत काम का हो सकता है। इससे न सिर्फ मस्तिष्क बल्कि पूरे शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है। हर दिन कम से कम 10 मिनट मेडिटेशन जरूर करें।

3. फूड ट्रिगर से बचें : कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन माइग्रेन को बढ़ाता है। इनमें पुराना पनीर, कुछ फल और मेवे, शराब, मसालेदार चीजें, प्रोसेस्ड फूड शामिल हैं। माइग्रेन से बचाव के लिए संतुलित डाइट लें।

4. सोते समय दें ध्यान : माइग्रेन से दूर रहना है तो अपनी नींद को अच्छा बनाना जरूरी है। आप हमेशा शांत, कम रोशनी वाले आरामदायक बिस्तर पर सोएं। इससे आपको नींद अच्छी आएगी। सोने से आधे घंटे पहले मोबाइल या स्क्रीन का उपयोग न करें।