माइग्रेन एक ऐसी समस्या है जिसका अभी तक कोई ठीक इलाज सामने नहीं आया है। माइग्रेन के मरीज़ को ही पता है कि उसकी यह हेल्थ प्रॉबल्म उसकी पूरी ज़िंदगी को प्रभावित करती है। माइग्रेन का दर्द जब उठता है तो मरीज असहाय सा महसूस करता है। एक बार माइग्रेन की तकलीफ शुरु हो जाए तो उसे ठीक होने में कई दिनों का समय लग जाता है और ऐसा भी तभी संभव होता है जब मरीज़ को बहुत सारा आराम और दवाइयां मिलें।
लेकिन क्या माइग्रेन की तकलीफ को कम करने के लिए कुछ किया जा सकता है या उससे बचा जा सकता है? एक्सपर्ट्स का यही मानना है कि कुछ छोटे-मोटे लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव करने के बाद आप इस समस्या की गंभीरता को थोड़ा कम कर सकते हैं। मसलन आप अपनी लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव कर माइग्रेन की तकलीफ को थोड़ा कम कर सकते हैं।
माइग्रेन को ट्रिगर करने या उसे बढ़ाने का काम करता है तनाव। स्ट्रेस या तनाव की वजह से आपको माइग्रेन की समस्या उभर सकती है। आज के प्रतियोगिता वाले माहौल में स्ट्रेस से बच पाना काफी मुश्किल है लेकिन आप तनाव को कंट्रोल करने के लिए कुछ तरीके इस्तेमाल कर सकता है। आप योग और ध्यान कर सकते हैं। योग और मेडिटेशन का नियमित अभ्यास करें।
अपने सोने-जागने का समय निश्चित करें और उसे फॉलो करें। अच्छी नींद ना मिल पाने से आपकी माइग्रेन की समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है।
हेल्दी डायट लें। चाय-कॉफी-कोला जैसी कैफिन वाली चीज़ों के सेवन से बचें। जंक फूड ना खाएं।
ढेर सारा पानी पीएं।
मोबाइल,टीवी और कम्प्यूटर पर कम से कम समय बिताएं।
एक डायरी में अपनी माइग्रेन की समस्या के बारे में लिखें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किन स्थितियों में आपका माइग्रेन शुरु होता है या किन चीज़ों से आपको परेशानी अधिक होती है। इससे आपके लिए और आपके डॉक्टर के लिए आपकी समस्या को समझना और उसे हैंडल करना काफी आसान हो जाएगा।
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