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Written By: IANS | Published : December 12, 2019 1:09 PM IST
लाइफ क्राइसेस के लक्षण 40 वर्ष के बाद महसूस होने लगते हैं।
फिल्म निर्माता करण जौहर का कहना है कि वह मिड लाइफ क्राइसिस ( Midlife Crisis) से होकर गुजर रहे हैं और यही वजह है कि उन्होंने अपने पर्सनल वार्डरोब में कुछ रंगीले व चमकीले पोशाकों को शामिल किया है।
करण जौहर ने कहा, "मनीष मल्होत्रा की अपनी एक विशिष्ट समझ है। एक डिजाइनर के तौर पर वह बेहद आकर्षक और तेज-तर्रार हैं, लेकिन जब अपने खुद के पहनावे की बात आती है तो वह बहुत साधारण हैं। मुझे लगता है कि मैं मिड लाइफ क्राइसिस (Midlife Crisis) से होकर गुजर रहा हूं तो रंगीले और चटखदार पोशाकें पहन रहा हूं। मैं उम्र के जिस दौर में हूं उससे निपटने का हमारा अपना तरीका है।"
चैट शो 'नॉट जस्ट सुपर स्टार्स' पर करण जौहर, मनीष मल्होत्रा संग शामिल हुए और अपने निजी स्टाइल के बारे में बात की। यह शो जी कैफे पर प्रसारित होता है।
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मिड लाइफ क्राइसेस, 40 की उम्र के पार महसूस होने वाली भावनात्मक असुरक्षा का रूप है। आधी ज़िंदगी बिता चुके लोगों को 40 की उम्र के बाद अचानक से जीवन अधिक चुनौतिपूर्ण नज़र आने लगता है। इसमें, लोगों को भावनात्मक मज़बूती, रिश्तों में ईमानदारी की कमी, अकेलापन और आर्थिक स्थिति से जुड़ी चिंताएं महसूस होने लगती हैं। ऐसे ही, सेहत में गिरावट, बीमारियां और शरीर की बनावट में बदलाव जैसे कारणों से लोगों का आत्मविश्वास कम होने लगता है। इसीलिए, कई लोग चिंता और तनाव महसूस करने लगते हैं।
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