Micronutrients Importance : बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व को जानना

शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों की एक संतुलित मात्रा का मुख्य लाभ शरीर की संचालन प्रक्रिया के तहत कार्यों का प्रभावी रूप से समर्थन और निष्पादन करना है। कुछ सूक्ष्म पोषक तत्व एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी काम करते हैं और ऑक्सीडेटिव सेल की क्षति को रोकने में मदद करने के साथ ही साथ कैंसर और अल्जाइमर के खतरे को भी कम करते हैं।

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Written By: Anshumala | Published : September 21, 2019 10:04 AM IST

सूक्ष्म पोषक तत्वों (what is micronutrients) को मानव शरीर की जरूरतों को पूरा करने वाले प्रमुख पोषक समूह के रूप में जाना जाता है। इनमें विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन ई जैसे विटामिन के साथ ही खनिज तत्व, लोहा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जस्ता और सेलेनियम जैसे खनिज तत्व शामिल हैं। इनमें विटामिन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, रक्त के थक्के और शरीर की लगातार ऊर्जा के लिए आवश्यक होते हैं, वहीं खनिज हड्डियों की बेहतरी, विकास और इनमें तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने के साथ ही कई अन्य प्रक्रियाओं में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चूंकि शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज तत्व बेहतर ढंग से प्राप्त हो सकें, इसके लिए दैनिक भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए ही सूक्ष्म पोषक तत्वों (micronutrients importance) को ‘आवश्यक पोषक’ तत्वों के रूप में जाना जाता है। सेहत के लिए किस तरह से सूक्ष्म पोषक तत्व महत्वपूर्ण है (micronutrients importance), इसके बारे में बता रहे हैं विस्तार से सैफी हॉस्पिटल (मुंबई) के परामर्श चिकित्सक और डायबिटीज एक्सपर्ट डॉ. अबिजर मांकड़ -

प्रकार और कार्य

सूक्ष्म पोषक तत्वों (micronutrients importance) के रूप में, विटामिन और खनिजों को मोटे तौर पर चार श्रेणियों, पानी में घुलनशील विटामिन, वसा में घुलनशील विटामिन, मैक्रो खनिज और ट्रेस खनिज में विभक्त किया गया है। शरीर द्वारा इन सभी को एक समान तरीकों से अवशोषित किया जाता है, साथ ही इस अंदरूनी प्रक्रियाओं के दौरान ये आपस में एक-दूसरे से साथ मिलते भी हैं।

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पानी में घुलनशील विटामिन का कार्य

पानी में घुलनशील विटामिन को आसानी से घुलने के लिए जाना जाता है और इतना ही नहीं, अधिक मात्रा में सेवन करने पर भी ये शरीर में जमा नहीं रहते हैं, क्योंकि मूत्र त्याग करने की प्रक्रिया के दौरान ये शरीर से बाहर निकल जाते हैं। इनमें विटामिन सी (एस्कॉर्बिक एसिड) और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स (थियामिन (बी 1), राइबोफ्लेविन (बी 2), नियासिन (बी 3), पैंटोथेनिक एसिड (बी 5), विटामिन बी 6, बायोटिन (बी 7), फोलिक एसिड (बी 9), विटामिन बी 12, और विटामिन ए (बीटा-कैरोटीन रूप में) शामिल हैं। हालांकि, इन सभी का अलग-अलग कार्य होता है, लेकिन कार्यात्मक तौर पर ये सभी एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।

वसा में घुलनशील विटामिन के कार्य

इसके विपरीत, वसा में घुलनशील विटामिन पानी में नहीं घुलते हैं और वसा के स्रोत के साथ सेवन करने पर ही ये शरीर में अवशोषित होने वाले विटामिन के तौर पर जाने जाते हैं। इसके बाद वे व्यक्ति के लीवर और वसा ऊत्तकों में संग्रहित हो जाते हैं, जो भविष्य में शरीर की प्रक्रियाओं में अपना योगदान देते हैं।

शरीर के लिए आवश्यक खनिज

आवश्यक खनिजों के तौर पर बात करें तो, शरीर में बेहतर भूमिका निभाने के लिए भारी मात्रा में सूक्ष्म खनिजों की आवश्यकता होती है। इनमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड और सल्फर शामिल हैं। दूसरी ओर, ट्रेस खनिज पदार्थों में लोहा, मैंगनीज, कॉपर, आयोडीन, जिंक, कोबाल्ट, फ्लोराइड और सेलेनियम शामिल हैं, और खास बात यह है कि शरीर में कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए इनकी काफी कम मात्रा में ही जरूरत पड़ती है।

सूक्ष्म पोषक तत्वों के लाभ 

शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों (Benefits of micronutrients) की एक संतुलित मात्रा का मुख्य लाभ शरीर की संचालन प्रक्रिया के तहत कार्यों का प्रभावी रूप से समर्थन और निष्पादन करना है। बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर में विटामिन और खनिज निहायत ही आवश्यक हैं। इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है, क्योंकि लगभग हर आंतरिक प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग होने के साथ ही वे चयापचय को भी बनाए रखते हैं। कुछ सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrients importance) एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी काम करते हैं और ऑक्सीडेटिव सेल की क्षति को रोकने में मदद करने के साथ ही साथ दूसरों के बीच कैंसर और अल्जाइमर के खतरे को भी कम करते हैं।

Importance of micronutrients for good health 1 सूक्ष्म पोषक तत्व पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें। © Shutterstock

सभी के लिए है जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व

1 वयस्कों द्वारा आमतौर पर भोजन और तरल पदार्थों के माध्यम से प्रतिदिन पर्याप्त विटामिन और खनिजों का उपभोग तो कर लिया जाता है, लेकिन आबादी का कुछ हिस्सा, खासकर महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को इन आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों (Importance of micronutrients for good health), विटामिन डी, विटामिन बी 12, विटामिन ए, लोहा और कैल्शियम की कमी का खतरा रहता है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि, ये कमियां केवल विकासशील देशों में ही नहीं, बल्कि विकसित देशों में भी पाई जाती हैं।

2 शुद्ध रूप से शाकाहारी भोजन करने वाले लोगों, दवाओं का सेवन करने वाले या एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस, आंत के सूजन जैसे रोग और अन्य अंतःस्रावी विकारों से पीड़ित लोगों में आमतौर पर विटामिन बी 12 की कमी पाई जाती है। हालांकि, शरीर में बी 12 की कमी के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं। इसकी कमी के कारण व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी और तलवे में झिनझिनाहट या अन्य परेशानी हो सकती है, जिसे लोग आमतौर पर हल्के में लेते हैं।

3 एक अन्य महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व के रूप में, नमक के माध्यम से आयोडीन की कमी को पूरा करना जरूरी है, जो बढ़ते बच्चों के लिए जरूरी है। आयोडीन की कमी से मस्तिष्क को गंभीर नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं आयोडीन की कमी के कारण बच्चों की बौद्धिक क्षमता कम हो जाती है और यह उनकी विकास क्षमता को भी प्रभावित करता है।

4 आयरन की कमी की बात करें, तो खासतौर पर महिलाओं और बच्चों, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, में इसकी कमी देखने को मिलती है। इससे बच्चों में बौद्धिक और शारीरिक कमजोरी आती है, मातृ मृत्यु दर का खतरा बढ़ जाता है और व्यक्ति को एनीमिया होने का खतरा होता है, जिसके परिणामस्वरूप थकावट महसूस होती है। शरीर में आयरन की कमी का नकारात्मक प्रभाव दीर्घकालीक तौर पर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के तौर पर सामने आता है। चूंकि, इन सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी हमेशा दिखाई नहीं देती है और तुरंत इस कमी का पता भी नहीं चलता है, लेकिन दीर्घकालीक तौर पर वे शरीर और दिमाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

पर्याप्त सूक्ष्म पोषक तत्वों के लिए खाद्य पदार्थों का चयन

आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की भरपाई के लिए सप्लीमेंट्स एक सुरक्षित स्रोत हैं और वे शरीर में किसी भी प्रकार की कमी को रोकते हैं, लेकिन सबसे प्रभावी तरीका पौष्टिक भोजन के जरिए इसकी कमी को दूर करना है। इसके लिए आप कुछ खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल कर शरीर में सुक्ष्म पोषक तत्वों की कमी की भरपाई कर सकते हैं।

1 इनमें विटामिन ए के लिए चीज, दूध, अंडे की जर्दी, नारंगी और दूसरे पीले फल और सब्जियों का सेवन करें।

2 विटामिन बी के लिए अनाज, नट्स, बीज, फलियां और पत्तेदार सब्जियां लें।

3 विटामिन सी और डी के लिए ब्रोकली, गोभी, अजवायन, स्ट्रॉबेरी और खट्टे फल खाएं।

4 विटामिन ई के लिए ऑलिव ऑयल, साबुत अनाज और एवोकाडो लें। आयरन के लिए सब्जियां, फलियां और जल्द पचने वाले मांस का सेवन करें।

5 कैल्शियम के लिए बादाम, पत्तेदार सब्जियां और डेयरी उत्पाद, मैग्नीशियम के लिए बीज, साबुत अनाज, नट्स और पत्तेदार सब्जियां, जिंक के लिए चिकन, मछली, कद्दू और सूरजमुखी के बीज का सेवन करें।

6 सेलेनियम के लिए सूरजमुखी के बीज, जई, और गेहूं आदि को अपने दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है।

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