सब कुछ करके देख लिया फिर भी कम नहीं हो रहा वजन? खराब मेटाबॉलिज्म दे रहा है चेतावनी

Metabolism and Weight Loss: अगर आपका तमाम कोशिशों के बाद भी वजन कम नहीं हो पा रहा है तो यह खराब मेटाबॉलिज्म का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में मेटाबॉलिज्म का ख्याल जरूर रखें।

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Written By: Dr. Pankaj Sharma | Updated : February 24, 2026 3:09 PM IST

Connection Between Metabolism and Weight: मेरे क्लिनिक में रोज ऐसे लोग आते हैं, जो थके-हारे मन से एक ही बात कहते हैं—“डॉक्टर, हमने सब कुछ कर लिया। डाइट बदल ली, खाना कम कर लिया, कभी-कभी भूखे भी रहे, लेकिन वजन टस से मस नहीं हो रहा है।” यहा पर यह समझना जरूरी हो जाता है कि वजन बढ़ना या कम न होना सिर्फ खाने की मात्रा का मसला नहीं है। इसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका हमारे मेटाबॉलिज्म की होती है। पेट के आसपास जमा चर्बी इस बात का संकेत है कि शरीर के अंदर मेटाबॉलिक असंतुलन चल रहा है।

मेटाबॉलिज्म क्या होता है?- What is Metabolism in Hindi

मेटाबॉलिज्म एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिये हमारा शरीर भोजन को ऊर्जा में बदलता है। अगर मेटाबॉलिज्म संतुलित रहता है, तो शरीर जरूरत के अनुसार कैलोरी बर्न करता है। लेकिन, जब मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, तब खाना फैट में बदलने लगता है और व्यक्ति का वजन तेजी से बढ़ने लगता है या कम होने का नाम ही नहीं लेता है। इस स्थिति में कई बार लोग डाइटिंग करते हैं, खाना कम खाते हैं, इसके बावजूद भी वजन कम नहीं हो पाता है। दरअसल, मेटाबॉलिज्म खराब या स्लो होने पर शरीर फैट को बचाकर रखने लगता है और व्यक्ति को मोटापे का शिकार बना देता है।

खराब मेटाबॉलिज्म के मुख्य कारण क्या हैं?- Slow Metabolism Causes in Hindi

खराब लाइफस्टाइल ही, स्लो मेटाबॉलिज्म का एक प्रमुख कारण माना जाता है। इसके अलावा,

  • देर रात तक जागना
  • नींद की कमी
  • लंबे समय से तनाव में रहना
  • शारीरिक गतिविधि की कमी
  • हार्मोनल समस्याएं
  • थायरॉइड
  • पीसीओएस
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस

ये सभी मेटाबॉलिज्म को खराब कर सकते हैं और मोटापे का कारण बन सकते हैं।

वजन घटाने के लिए क्या करना जरूरी है?

एक बैरिएट्रिक सर्जन के रूप में मेरा अनुभव कहता है कि वजन घटाने का इलाज सिर्फ तराजू पर दिखने वाले नंबर को कम करना नहीं है। असली लक्ष्य होना चाहिए शरीर के अंदर चल रही प्रक्रियाओं को ठीक करना। जब मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है, तो वजन अपने आप धीरे-धीरे कम होने लगता है। सबसे अहम बात है कि वजन दोबारा से नहीं बढ़ता है।

वजन घटाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी क्या है?- What is Bariatric Surgery for Weight Loss in hindi

बैरिएट्रिक सर्जरी को लेकर भी कई गलतफहमियां हैं। लोग इसे “आखिरी रास्ता” या “आसान उपाय” मान लेते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि यह सर्जरी मेटाबॉलिज्म को रीसेट करने का एक वैज्ञानिक तरीका है। यह सर्जरी सिर्फ पेट के साइज कम नहीं करती, बल्कि भूख और शुगर कंट्रोल से जुड़े हार्मोन्स पर असर डालती है। आज रोबोटिक तकनीक की मदद से यह सर्जरी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सटीक और कम दर्द वाली हो चुकी है।

यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को सर्जरी की जरूरत हो। कई लोग सही प्रोटीन डाइट, नियमित वॉक या एक्सरसाइज, अच्छी नींद और तनाव को कंट्रोल करके भी अपना मेटाबॉलिज्म सुधार सकते हैं। लेकिन जब तमाम कोशिशों के बावजूद भी वजन कम न हो या मोटापे के साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और जोड़ों का दर्द जुड़ जाए, तब विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहद जरूरी हो जाता है।

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