अचानक से एंग्जायटी बढ़ जाए तो उसके लिए करना चाहिए, साइकियाट्रिस्ट ने बताए 4 तरीके

एंग्जायटी अटैक कई बार एक बेहद गंभीर समस्या हो सकती है और इसके कारण कई अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इसलिए एंग्जायटी अटैक को मैनेज करने के तरीके सीखना बहुत जरूरी है, इस लेख में मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट इसी बारे में कुछ जरूरी जानकारी देने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 3, 2026 7:38 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Deeksha Kalra

चिंता, तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आज के समय में कोई बड़ी चीज नहीं रही हैं, आजकल लोगों का लाइफस्टाइल ही ऐसा हो गया है कि ये समस्याएं तो अब आम लगने लगी हैं। लेकिन आम लगने लगी हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि समस्याएं आम ही हैं। यहां तक कि मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते इलाज न किया जाए तो इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आजकल लोगों में अचानक से एंग्जायटी के लक्षण होने लगते हैं, जिस कंडीशन को एंग्जायटी अटैक कहा जाता है।

डॉ. दीक्षा कालरा, एसोसिएट कंसलटेंट, साइकियाट्री, मेंटल हेल्थ एंड बिहेवियरल साइंसेज, आर्टेमिस हॉस्पिटल्‍स के अनुसार एंग्जायटी एक मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम तो है ही साथ ही साथ यह फिजिकल हेल्थ को प्रभावित करती है। जब कोई व्यक्ति किसी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने लगता है और उस टॉपिक को बार-बार और ज्यादा गहराई से सोचता है, जिस कंडीशन को एंग्जायटी कहा जाता है। थोड़ी बहुत तो चिंता होना सामान्य है लेकिन जब वही चिंता के लक्षण बार-बार या लंबे समय तक रहें तो वह एंग्जायटी डिसऑर्डर बन जाता है। वहीं अगर कभी-कभी अचानक से एंग्जायटी से जुड़े तेज लक्षण महसूस होने लगें तो उसे एंग्जायटी अटैक कहा जाता है। एंग्जायटी से जुड़े कुछ लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं -

  • व्यक्ति को इसमें पसीना आना
  • सांस लेने में परेशानी
  • ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत
  • हाथ पैर कांपना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • बेचैनी महसूस होना

एंग्जायटी अटैक को मैनेज कैसे करें

अगर किसी व्यक्ति को एंग्जायटी अटैक आए तो ऐसे समय में कुछ आसान तरीकों की मदद से स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं -

  • गहरी सांस लेने की कोशिश करें - अगर आपको एंग्जायटी अटैक आया है, तो गहरी सांस लेने पर ध्यान रखें और अगर किसी और को आया है तो उसे भी यही समझाएं। नाक से 4 सेकंड तक सांस लें, फिर 4 सेकंड तक रोकें और फिर मुंह से 6 सेकंड में छोड़ें। इस प्रक्रिया से शरीर को शांत करने में मदद मिलती है, दिल की धड़कन सामान्य होती है।
  • अपने करीबी के साथ बात करें - आपको ध्यान रखना है कि अगर आपको एंग्जायटी अटैक आ रहा है, तो आपको किसी बहुत भीड़-भाड़ वाली जगह पर नहीं जाना है और न ही बिल्कुल अकेले रहना है। बल्कि आप अपने किसी करीबी, भरोसेमंद दोस्त, परिवार के पास बैठे, उनसे बात करें। जब आपको इमोशनल सपोर्ट मिलता है, तो एंग्जायटी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • ठंडे पानी सेचेहरा धोएं - एंग्जायटी अटैक को कंट्रोल करने में यह भी बहुत अच्छा तरीका है। इसलिए एंग्जायटी अटैक के दौरान ठंडे पानी से मुंह धोएं और अगर आप ठंडे पानी से नहा सकते हैं, तो यह और भी अच्छा विकल्प आपके लिए हो सकता है। इसके अलावा धीमा म्यूजिक सुनें, जो आपको पसंद हो। लेकिन ध्यान रहे सैड सॉन्ग न सुनें।
  • ग्राउंडिंग एक्सरसाइज करें - एंग्जायटी को कंट्रोल करने के लिए 5-4-3-2-1 तकनीक एक बेहतरीन विकल्प है। जब कभी भी आपको घबराहट हो तो पूरा ध्यान लगाते हुए ये तकनीक अपनाएं -
  • 5 अलग-अलग चीजों को देखें
  • 4 अलग-अलग चीजों को छूकर महसूस करें
  • 3 अलग-अलग आवाजें सुनें
  • 2 अलग-अलग खुशबुएं पहचानें
  • 1 चीज का स्वाद महसूस करें

हालांकि, अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपको ज्यादा एंग्जायटी अटैक हो रहा है, तो अपने परिवारजनों या दोस्त को बताएं और किसी अच्छे साइकियाट्री से संपर्क करें। कई बार एंग्जायटी अटैक के पीछे को अन्य बीमारी भी हो सकती है, जिसकी समय पर जांच करके पता लगाना और उसका इलाज करना जरूरी होता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याओं के बारे में कुछ जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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