Menstruation: अपनी टीनएज बेटी को सिखाएं, मेंस्ट्रुइल हाइजिन से जुड़ी ये 5 बातें

पीरियड्स आने के बाद उन्हें अपनी देखभाल और पर्सनल हाइजिन के बारे में समझाएं। इससे, अगर उनके मन में कोई डर, शर्मिंदगी या अन्य किसी तरह की परेशानी है तो, वे बेहतर महसूस करेंगी। अगर आपकी बेटी भी टीनएज की तरफ बढ़ चुकी है और उसके पीरियड्स स्टार्ट हो चुके हैं। तो, अपनी बेटी से अनूकूल और कम्फर्टेबल माहौल बनाते हुए इस बारे में बात करें।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Published : May 31, 2020 5:57 PM IST

Period Hygiene Tips: पीरियड्स (Periods) की शुरुआत का समय आमतौर पर 13-15 वर्ष के आसापास का होता है। पहले पीरियड्स  (First Periods)किसी भी लड़की के लिए अजीब, डरावने और परेशान करने वाला अनुभव महसूस हो सकता है। हालांकि, टेक्नोलॉजी के चलते लड़कियां इन दिनों थोड़ा ज़्यादा समझदार और कॉन्फिडेंट महसूस करती हैं। क्योंकि, उन्हें अपनी हेल्थ से जुड़ी कई जानकारियां ऑनलाइन मिल जाती हैं। लेकिन, पीरियड्स आने के बाद उन्हें अपनी देखभाल और पर्सनल हाइजिन के बारे में समझाएं। इससे, अगर उनके मन में कोई डर, शर्मिंदगी या अन्य किसी तरह की परेशानी है तो, वे बेहतर महसूस करेंगी। अगर,  आपकी बेटी भी टीनएज की तरफ बढ़ चुकी है और उसके पीरियड्स स्टार्ट हो चुके हैं। तो, अपनी बेटी से अनूकूल और कम्फर्टेबल माहौल बनाते हुए इस बारे में बात करें। (Period Hygiene Tips in Hindi)

अपनी टीनएज बेटी को ज़रूर समझाएं पीरियड्स और हाइजिन (Period Hygiene Tips)  से जुड़ी ये बातें:

गर्म पानी से नहाएं

पीरियड्स के दौरान बहुत अधिक थकान, सुस्ती और कमज़ोरी महसूस होती है। इसीलिए, गर्म पानी से नहाएं। गर्म पानी से नहाने से बदन दर्द और थकान कम होती है। साथ ही, इससे बैक्टेरिया साफ हो जाते हैं। नहाने से मेंटली भी बेहतर महसूस करते हैं। इस तरह तनाव, चिड़चिड़ापन और बोरियत जैसी भावनाएं कम महसूस होगीं। (Period Hygiene Tips)

अपने लिए चुनें सही पैड

लड़कियों को अपनी सुविधा, पीरियड फ्लो और लाइफस्टाइल के अनुसार पैड (How to select right Sanitary Pad) चुनने चाहिए। उन्हें, इस काम में मदद करें। ऐसा पैड चुने जो आरामदायक हो और इस्तेमाल में आसान भी हो। इसी तरह कई बार टीनएज बच्चियों को पहले पीरियड्स में समझ नहीं आता कि वे सैनेटरी पैड का इस्तेमाल कैस करें। इसमें, उसकी मदद करें। एक-दो बार उसे डेमो दें और पैड यूज़ करना सिखाएं ।

जल्दी-जल्दी करें पैड चेंज

बहुत देर तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से यूटीआई होने का ख़तरा उत्पन्न होता है। इसीलिए, लड़कियों को जल्दी-जल्दी पैड बदलते रहने चाहिए। दरअसल, बहुत देर तक पैड इस्तेमाल करते रहने से कई प्रकार के बैक्टेरिया पनपने लगते हैं। ये बैक्टेरिया मेन्स्ट्रूअल ब्लड सम्पर्क में आने के बाद यूरीनरी ट्रैक्ट में प्रवेश कर सकते हैं। जिससे, इरिटेशन, जलन और गम्भीर यूरीनरी इंफेक्शन्स हो सकते हैं। इसीलिए, 2-3 घंटे बाद पैड बदलते रहें।

हाइजिन का रखें ध्यान

जब भी पैड चेंज करें, पानी से अपने प्रायवेट एरिया की साफ-सफाई करें। इससे, बैक्टेरिया और ब्लड क्लॉट जैसी चीज़ें साफ हो जाएगी। नये पैड पर भी बैक्टेरिया का ख़तरा कम रहेगा और हाइजिन मेंटेन की जा सकेगी।

डिस्पोज़ल का सही तरीका

पैड्स के सही इस्तेमाल के साथ उनके डिस्पोज़ल के लिए भी सही तरीका इस्तेमाल करना चाहिए। पैड को फ्लश करने या यहां-वहां खुले में फेंकने से बचना चाहिए। इसी तरह, ऐसा करने से बैक्टेरिया और इंफेक्शन फैलने का डर होता है। इसीलिए, पैड को पेपर में लपेटकर फेंके।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source