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Men’s Health Week 2019 : क्या टेस्टिकुलर कैंसर का पता लगा सकती है प्रेग्नेंसी टेस्ट किट ?

शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रेग्नेंसी किट से प्राप्त होने वाला रिजल्ट 40 से 50% ही प्रामाणिक होता है, लेकिन शुरुआती अवस्था में कई बार इसके परिणाम पॉजिटिव आ जाते हैं। इस लिए घरेलू जांच के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

Men’s Health Week 2019 : क्या टेस्टिकुलर कैंसर का पता लगा सकती है प्रेग्नेंसी टेस्ट किट ?
महिलाओं में प्रेग्नेंसी का पता लगाने वाली 'प्रेग्नेंसी टेस्ट किट' से की जा सकती है टेस्टिकुलर कैंसर की जांच। © Shutterstock.

Written by Anshumala |Published : June 12, 2019 1:36 PM IST

क्या आपको पता है कि आप जिस प्रेग्नेंसी टेस्ट किट से अपने प्रेग्नेंट होने का पता लगाती हैं, उससे पुरुषों में होने वाले टेस्टिकुलर कैंसर की जांच भी की जा सकती है? चौंक तो नहीं गईं इस खबर को सुनकर ? दरअसल, इस बात पर यकीन चिकित्सक तब करने लगे, जब यूके में एक लड़के का टेस्टिकुलर कैंसर की जांच प्रेग्नेंसी टेस्ट किट करने से पॉजिटिव पाया गया। चिकित्सकों ने भी शोध में यह बात मानी है कि काफी हद तक पुरुषों में होने वाली टेस्टिकुलर कैंसर और कई अन्य प्रकार के कैंसरों की जांच के लिए प्रेग्नेंसी किट का यूज किया जा सकता है।

कितना सही होता है रिजल्ट

हालांकि, शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि इससे प्राप्त होने वाला रिजल्ट 40 से 50% ही प्रामाणिक होता है, लेकिन शुरुआती अवस्था में कई बार इसके परिणाम पॉजिटिव आ जाते हैं। इस लिए घरेलू जांच के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे बताती है प्रेग्नेंसी किट कैंसर है या नहीं

टेस्टिकुलर कैंसर मरीज के खून में एक खास तरह का तत्व रिलीज करता है, जिसे 'ट्यूमर मार्कर्स' कहते हैं। आमतौर पर ट्यूमर मार्कर्स कई तरह के होते हैं, जिनमें से तीन सबसे आम हैं- एएफपी (alpha-fetoprotein), एचसीजी (human chorionic gonadotropin) और एलडीएच (lactate dehydrogenase)। इनमें से एचसीजी एक ऐसा हार्मोन है, जो प्रेग्नेंट होने पर महिलाओं के शरीर में भी रिलीज होता है।

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कैसे करती है किट काम

आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं इसका पता लगाने के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट किट खरीदती हैं। यदि किसी पुरुष को टेस्टिकल्स में दर्द हो, जो लगातार बना हुआ हो, तो प्रेग्नेंसी किट पर यूरिन डालें। यह पेशाब में एचसीजी की पहचान करती है, जो कि प्रेग्नेंट होने पर महिलाओं में पाया जाने वाला एक विशेष हार्मोन है। दरअसल, कुछ कैंसर होने पर शरीर में एचसीजी हार्मोन का स्राव होता है, खासकर टेस्टिकुलर कैंसर में। कई बार यह हार्मोन कैंसर होने पर रिलीज नहीं भी होता है। ऐसे में टेस्ट का परिणाम नेगेटिव भी आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती स्टेज में सिर्फ 15% मामलों और एडवांस स्टेज में 50% मामलों में ही एचसीजी हार्मोन रिलीज होता है। तो इस जांच पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। आपको लगातार दर्द महसूस हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

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कितना विश्वसनीय है रिजल्ट

इसके साथ एक समस्या ये है कि कई बार कैंसर के ट्यूमर अधिक मात्रा में एचसीजी हार्मोन रिलीज नहीं करते। ऐसे में प्रेग्नेंसी टेस्ट किट आसानी से इस कैंसर को पकड़ नहीं पाते। लगातार टेस्टिस में दर्द हो तो डॉक्टर के पास जाना ही आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा। हां, आप एक बार चाहें, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करके इसकी जांच कर सकते हैं, क्या पता रिजल्ट सकारात्मक आ जाए। रिजल्ट यदि पॉजिटिव आता है, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। वो आगे अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करके इस बात की सही पुष्टि करेगा कि आपको वाकई टेस्टिकुलर कैंसर है या नहीं।

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