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Menopause Symptoms: भूलने की बीमारी और फोकस की कमी हो सकते हैं मेनोपॉज़ के लक्षण, इस मुश्किल दौर में महिलाएं हेल्दी रहने के लिए फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स

एक नयी स्टडी में बताया गया कि मेनोपॉज के आसपास के समय में किसी भी स्टेज पर महिलाएं याद्दाश्त और फोकस की कमी जैसी परेशानियां (Menopause Symptoms) महसूस कर सकती हैं।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : January 20, 2021 8:01 AM IST

Menopause Symptoms: मेनोपॉज का समय शुरू होते ही महिलाएं थोड़ी-सी भुलक्कड़-सी बन जाती हैं। उन्हें छोटी-छोटी बातें याद नहीं रहतीं और कई बाद कुछ दिमागी समझ वाले कामों में फैसले लेने में भी मुश्किल आने लगती है। इसी बात की पुष्टि करने वाली एक स्टडी के परिणाम हाल ही में सामने आए हैं। इस स्टडी के अनुसार, महिलाओं में मेनोपॉज के बाद भी  भूलने की समस्या हो सकती है। (Problems during Menopause)

क्या भूलने की बीमारी और फोकस की कमी हैं मेनोपॉज़ के लक्षण?

विभिन्न स्टडीज़ में कहा गया है कि मेनोपॉज महिलाओं के जीवन से जुड़ी ऐसी ऐसी स्थिति है जिसमें कॉग्निटिव डिस्फंक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। मेनोपॉज़ के साथ ही बुढ़ापा, डिप्रेशन, एंग्जायटी और हॉट फ्लैशेज़ जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। लेकिन अब कुछ स्टडीज़ में यह कहा जा रहा है कि महिलाओं की याद्दाश्त से जुड़ी परेशानियां, मेनोपॉज से पहले, मेनोपॉज के दौरान और उसके बाद भी हो सकती हैं।

इस स्टडी को ऑनलाइन पब्लिश किया गया और इसमें बताया गया कि मेनोपॉज के आसपास के समय में किसी भी स्टेज पर महिलाएं याद्दाश्त और फोकस की कमी जैसी परेशानियां महसूस कर सकती हैं। वहीं, कुछ गम्भीर स्थितियों यह क्लिनिकल कॉग्निटिव गड़बड़ियों में तब्दील हो सकता है।

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संज्ञात्मक समस्याओं से बचाव के उपाय

एक्सपर्ट्स के अनुसार, हेल्दी डायट, एक्सरसाइज़, लोगों से मिलने-जुलने और बातचीत करने के अलावा दिमागी कसरत मानी जाने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेने से कॉग्निटिव डिक्लाइन या संज्ञात्मक समस्याओं से बचा जा सकता है।

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के लिए हेल्थ टिप्स

  • कुछ स्टडीज़ के अनुसार मेडिटेरियन डायट कॉग्निटिव फंक्शन को बेहतर रखने में मदद करती है। इसीलिए,40 के बाद महिलाएं  मेडिटेरियन डायट का चयन कर सकती हैं।
  • अपनी रोज की खुराक में नट्स, ड्राईफ्रूट्स, बीन्स, साबुत अनाज के साथ-साथ मौसमी फल  और सब्जियों का सेवन करें।
  • मछली और रेड मीट का सीमित मात्रा में सेवन करें।
  • रेड वाइन और अल्कोहल के सेवन से परहेज करें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • खुद को नकारात्मक माहौल और ऐसी स्थितियों से बचाएं जहां, आपको चिड़चिड़ापन महसूस होती हों।

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