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भले ही आप बहुत फिट हैं लेकिन 40 पार होते ही जरूर कराएं ये 3 टेस्ट, शरीर की असलियत आ जाएगी सामने

Medical Tests For Women Over The Age Of 40: 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को समय-समय पर कुछ मेडिकल टेस्ट करवाते रहना चाहिए ताकि समय रहते बीमारियों का निदान किया जा सके। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

भले ही आप बहुत फिट हैं लेकिन 40 पार होते ही जरूर कराएं ये 3 टेस्ट, शरीर की असलियत आ जाएगी सामने

Written by priya mishra |Updated : March 7, 2025 11:30 AM IST

Important Medical Tests For Women: 40 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इस दौरान महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, स्लो मेटाबॉलिज्म और हड्डियां कमजोर होना जैसी कई समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इसका कारण मेनोपॉज (menopause) की शुरुआत होती है। इतना ही नहीं, इस दौरान महिलाओं का शरीर कई बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। जी हां, 40 की उम्र पार करते ही महिलाओं में कई बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है। ऐसे में, 40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को समय-समय पर अपना हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए, ताकि किसी भी गंभीर बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके और उचित इलाज किया जा सके। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) के मौके परहम आपको ऐसे 3 जरूरी टेस्ट के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें 40 की उम्र के बाद हर महिला को जरूर करवाना चाहिए। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट

40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को पैप स्मीयर और ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टेस्ट जरूर करवाने चाहिए। इन टेस्ट्स की मदद से सर्वाइकल कैंसर का पता लगाया जा सकता है। हालांकि, मेनोपॉज के बाद कम जोखिम वाली महिलाओं में पैप स्मीयर टेस्ट की जरूरत कम रह जाती है। लेकिन एचपीवी टेस्ट करवाना जरूरी होता है। खासतौर पर, यौन रूप से सक्रिय महिलाओं के लिए एचपीवी टेस्ट महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सर्वाइकल कैंसर का भी खतरा हो सकता है।

मैमोग्राम

बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह एक स्तन कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट है। इसलिए 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं के लिए नियमित मैमोग्राम करवाना जरूरी हो जाता है। यह एक तरह का इमेजिंग टेस्ट है, जो ब्रेस्ट ट्यूमर और ब्रेस्ट टिश्यू में असामान्यताओं का शुरुआती चरण में पता लगा सकता है, जिससे समय पर इलाज संभव हो पाता है। डॉक्टर्स के मुताबिक महिलाओं को एक से दो साल में मैमोग्राम का टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए।

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बोन डेंसिटी टेस्ट

40 की उम्र के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। बोन डेंसिटी टेस्ट की मदद से यह पता चलता है कि हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा सही है या नहीं, जिससे फ्रैक्चर और हड्डियों की कमजोरी को रोका जा सके। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आप अपने खानपान और जीवनशैली में बदलाव करने साथ डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं।

बीपी और कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्ट से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में, दिल के स्वास्थ्य के बारे में पता लगाने के लिए नियिमत रूप से ब्लड प्रेशर की जांच और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना चाहिए। इससे हृदय रोगों और ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

40 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए कुछ अन्य जरूरी टेस्ट

ऊपर बताए सभी टेस्ट हर महिला को 40 साल की उम्र करने के बाद करवाते रहना चाहिए। हालांकि, महिलाओं को चाहिए वे कुछ अन्य टेस्ट भी जरूर करवाएं -

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  • थायराइड फंक्शन टेस्ट
  • कोलोनोस्कोपी टेस्ट
  • ब्लड ग्लूकोज और HbA1c टेस्ट
  • पेल्विक अल्ट्रासाउंड

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।