मनोज बाजपेयी ने कहा, शरीर से प्रोटीन खत्म होना स्वास्थ्यवर्धक नहीं है, जानें क्यों जरूरी है शरीर के लिए प्रोटीन

मनोज बाजपेयी का कहना है कि शरीर से प्रोटीन खत्म होना स्वास्थ्यवर्धक नहीं है। यह आपके स्वास्थ्य को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।

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Written By: Anshumala | Published : September 1, 2018 11:05 AM IST

अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपनी आगामी फिल्म 'गली गुलियां' में एक बीमार व्यक्ति का किरदार जीवंत करने के लिए अपना वजन बहुत कम कर लिया है। उनका कहना है कि उन्होंने जो किया है, वह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है, लेकिन उन्हें काम पर ऐसे खतरे लेने का जुनून है। दीपेश जैन द्वारा निर्देशित और लिखी गई फिल्म में मनोज अपने अवरुद्ध मनोविज्ञान से जूझते एक पागल व्यक्ति का किरदार निभाते नजर आएंगे।

मनोज ने वजन कम करने के सवाल पर कहा, "मुझे खाने-पीने का बहुत ध्यान रखना पड़ता था। मैं जो कर रहा था वह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं था। शरीर से प्रोटीन खत्म होना स्वास्थ्यवर्धक नहीं है। यह आपके स्वास्थ्य को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।"

उन्होंने कहा, "मैं अपना बहुत सारा वजन कम करके एक बीमार व्यक्ति जैसा दिखना चाहता था। मेरा वजन इतना कम हुआ कि प्रतिरोधी तंत्र पूरी तरह अवरुद्ध होने लगा। मैं बीमार होने लगा था। कभी-कभी बुखार और मैं ऐसा नहीं हूं जिसे आसानी से बुखार आ जाए। उस समय मुझ पर ईश्वरीय कृपा रही है लेकिन उन दिनों मैं कई बार बीमार पड़ा।"

उन्होंने अपने बारे में बात करते हुए कहा, "मेरे घर में अकेले में बात करना आम बात हो गई थी। मेरी पत्नी आश्चर्यचकित रहती थी कि मैं क्या बुदबुदाता रहता हूं। वह मुझसे पूछती रहती थी, 'क्या तुमने कुछ कहा? क्या तुम खुद से बात कर रहे हो? ये अच्छे लक्षण नहीं हैं। कृपया अपना ध्यान रखो।"'

उन्होंने कहा, "आप जानते हैं कि ट्रेडमील पर दौड़ते हुए सोचना..अचानक से होश में आने पर आपको एहसास होता है कि आप मानसिक रूप से वहां अनुपस्थित होकर 4-5 मिनट से दौड़ रहे थे। ये लक्षण खतरनाक होते हैं और अभिनेता के तौर पर मानसिक तैयारी करते समय मैं इनसे गुजरा हूं।"

उन्होंने कहा, "यह एक कठिन काम है। यह आपको कई तरीकों से बेकार कर सकती है।"

'गली गुलियां' की निर्माता एक्सटेंट मोशन पिक्चर्स की शुचि जैन हैं और यह फिल्म सात सितंबर को रिलीज हो रही है।

protien is important for body प्रोटीन कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। © Shutterstock

क्यों जरूरी है प्रोटीन

शरीर का निर्माण, मरम्मत और उसे बनाए रखने के लिए प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। शरीर में हिमोग्लोबीन के निर्माण में भी प्रोटीन सहायता करता है। मनुष्य के हार्मोन और रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यूनिटी पावर को क्रियाशील रहने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। हालांकि, प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी तत्व है फिर भी इसका ज्यादा सेवन शरीर के लिए अच्छा नहीं है।

शरीर में प्रोटीन की कमी होने से क्या होता है?

शरीर के विकास और दिन भर काम करने के लिए हमारे शरीर को कई तरह के विटामिन्स और प्रोटीन्स की जरूरत पड़ती है। प्रोटीन हमारे लिए बेहद जरूरी होता है। यह कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसके बिना मानव शरीर की संरचना ही संभव नहीं है। खासतौर से हमारी मांसपेशियां दो तरह के प्रोटींस से बनी होती हैं, जिन्हें एक्टिन और मायोसिन कहा जाता है। मांसपेशियां हड्डियों से जुड़कर शरीर के सभी अंगों के संचालन और हार्ट को पंप करने में भी सहायक होती हैं। इसके अलावा अन्य मांसपेशियां आंतों तक भोजन पहुंचाने का काम करती हैं।

प्रोटीन के कमी के लक्षण

- प्रोटीन की कमी से नाखून कमजोर हो सकते हैं। वे टूटने लगते हैं। कई बार नाखूनों पर रेखाएं बनने लगती हैं।

- शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है और थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है।

- शरीर में कोई घाव होने पर ये जल्दी भरता नहीं है।

- बाल रूखे, बेजान और कमजोर होकर टूटने और झड़ने लगते हैं।

- प्रोटीन की कमी से मसूड़ों में सूजन और रक्त की समस्या आ जाती है।

- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इसलिए इंफकेक्शन और एलर्जी जल्दी-जल्दी होता है।

- नाक, आंख और मुंह से पानी गिरना शुरू हो सकता है। शरीर का वजन बिना प्रयास के कम होने लगता है।

- हड्डियां कमजोर हो जाती हैं इसलिए ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो जाती है।

(इनपुट:आईएएनएस)

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