
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 2, 2022 2:40 PM IST
New Type Of Diabetes: डायबिटीज की बीमारी 2 प्रकार की होती है-टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज। लेकिन, इसके अलावा भी 2 अलग प्रकार की डायबिटीज संबधित स्थितियों के बारे में एक्सपर्ट्स अक्सर आगाह करते है रहते हैं जो हैं जेस्टेशन डायबिटीज या गर्भावधि डायबिटीज और डायबिटीज मेलिटस। वहीं, वैज्ञानिकों ने डायबिटीज के एक नये प्रकार (New type of diabetes) की खोज की है और वैज्ञानिकों का दावा है कि डायबिटीज का यह प्रकार दुनियाभर में करोड़ों लोगों को प्रभावित करता है।
जर्नल ऑफ डायबिटीज केयर ( journal Diabetes Care) में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार आइंस्टाइन ग्लोबल डायबिटीज इंस्टिट्यूट (Einstein Global Diabetes Institute) के वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्र (sub-Saharan Afric) और एशिया (Asia) में डायबिटीज के एक नये प्रकार का पता लगाया है। वैज्ञानिकों का मत है कि इस प्रकार का डायबिटीज मालन्यूट्रिशन या कुपोषण की वजह से होता है और इसीलिए, डायबिटीज के इस तीसरे प्रकार को मालन्यूट्रिशन रिलेटेड डायबिटीज (malnutrition-related diabetes) कहा जा रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनियाभर में इसके कई लाख मरीज मौजूद हैं। (New Type Of Diabetes In Hindi.)
हालांकि, जहांडायबिटीज के इस तीसरे प्रकार के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है वहीं, वैज्ञानिक भी इस दिशा में लगातार रिसर्च कर रहे हैं। EGDI के संस्थापक मेयरडिथ हॉकिंस बीते 12 वर्षों से कुपोषणकी वजह से होने वाली डायबिटीज पर शोध कर रहे हैं। डॉ. हॉकिंस ने कहा, फिलहाल मालन्यूट्रिशन रिलेटेड डायबिटीज के मैनेजमेंट के लिए कोई गाइडलाइंस उपलब्ध नहीं है। डायबिटीज का यह प्रकार अमीर माने जाने वाले देशों में कम पाया जाता है वहीं, मध्यम या निम्न आय वाले 60 से अधिक देशों में इस प्रकार के डायबिटीज के मरीजों के की संख्या बहुत अधिक होता है। जैसा कि इन देशों में डॉक्टर्स वेस्टर्न देशों के वैज्ञानिकों द्वारा लिखे गए जर्नल्स पढ़ते हैं। चूंकि पश्चिमी देशों में इस तरह के डायबिटीज से जुड़ी अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है इसीलिए, मरीजों के इलाज और उनकी मदद के लिए पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन, नयी स्टडी के परिणामों से उम्मीद की जा रही है कि ये डायबिटीज मैनेजमेंट की दिशा में मददगार साबित होंगे।