More From मलेरिया (Malaria)
मलेरिया परजीवी के कारण होने वाली एक गंभीर बीमारी है और कई बार यह जानलेवा भी बन सकती है। मलेरिया का कारण बनने वाला यह परजीवी मच्छरों के माध्यम से फैलता है, मलेरिया से ग्रसित लोगों को गंभीर बुखार और कंपकंपी की समस्याएं रहती हैं। यह परजीवी संक्रमण आमतौर पर चार प्रकार के परजीवियों के कारण हो सकता है जिन्हें प्लाज्मोडियम विवैक्स, प्लाज्मोडियम ओवेल, प्लाज्मोडियम मलेरिए और प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के नाम से जाना जाता है। जब मच्छर इनमें से किसी भी परजीवी से संक्रमित हो जाते हैं और किसी व्यक्ति को काटते हैं, तो डंक की मदद यह परजीवी व्यक्ति के शरीर में भी चला जाता है और संक्रमण शुरू हो जाता है। व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद लक्षण विकसित होने में 10 दिन से 4 हफ्तों तक का समय लग सकता है। मलेरिया का समय पर निदान किया जाए तो इसका इलाज प्रभावी रूप से किया जा सकता है। इसके इलाज में दवाओं के साथ-साथ विशेष डाइट भी शामिल होती है। पी फाल्सीपेरम से होने वाला मलेरिया गंभीर और जानलेवा हो सकता है।
मलेरिया के लक्षण
जब व्यक्ति मलेरिया के परजीवी से संक्रमित हो जाता है, तो उसके 10 दिन से 30 दिनों के भीतर मलेरिया के लक्षण विकसित हो जाते हैं। कुछ मामलों में परजीवी शरीर में जाकर कुछ महीनों तक निष्क्रिय रह सकता है और ऐसे में कई बार बीमारी काफी समय बाद विकसित होती है। बुखार, ठंड लगना और कंपकंपी होना मलेरिया के सबसे प्रमुख लक्षण हैं। इन लक्षणों के बाद व्यक्ति के तेज पसीना आने लगता है और साथ ही उसका शारीरिक तापमान बीच-बीच में सामान्य भी हो जाता है। हालांकि, इन प्रमुख लक्षणों के अलावा मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -
- सिर में दर्द होना
- मतली और उल्टी
- पेट में दर्द
- दस्त लगना
- एनीमिया
- मांसपेशियों में दर्द
- मांसपेशियों में असाधारण रूप से संकुचन होना (Convulsions)
- कोमा
- मल में खून आना
यदि आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से बात करें। साथ ही अगर आप किसी ऐसे एरिया में रहते हैं, जहां मलेरिया का ज्यादा प्रकोप है, तो ऐसे में समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराते रहें।
मलेरिया के कारण
मलेरिया पी. विवैक्स, पी. ओवेल, पी. मलेरिए और पी. फाल्सीपेरम नामक परजीवियों के कारण होता है, जो आमतौर पर मादा एनाफिलीज नामक मच्छरों में पाए जाते हैं। जब मच्छर मलेरिया से संक्रमित किसी व्यक्ति को काटते हैं, तो डंक की मदद से वे उनका खून पीते हैं। मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति के खून में ये परजीवी होते हैं और ऐसे में मच्छर भी इनसे संक्रमित हो जाते हैं। इसके बाद जब ये संक्रमित मच्छर किसी दूसरे व्यक्ति को काटते हैं, तो डंक के माध्यम से ये परजीवी उनके उनके रक्त में मिल जाते हैं। परजीवी स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में मिलने के बाद धीरे-धीरे लिवर तक पहुंच जाते हैं और वहां जाकर अपनी संख्या को बढ़ाना शुरू कर देते हैं। ये परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं के अंदर चले जाते हैं और उसमें तब तक अंडे देते हैं जब तक कोशिका फट न जाए। ऐसी स्थिति में आप गंभीर रूप से बीमार पड़ जाते हैं। मलेरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन यह निम्न स्थितियों में हो सकता है -
- मलेरिया से ग्रसित गर्भवती महिला से बच्चे को
- संक्रमित इंजेक्शन सुई का इस्तेमाल करने से
- संक्रमित रक्त चढ़ाने से
- संक्रमित व्यक्ति का ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने से
मलेरिया का निदान
मलेरिया का निदान करने के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों की जांच करते हैं और साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी पिछली जानकारियों (मेडिकल हिस्ट्री) के बारे में पूछा जाता है। यदि डॉक्टर को लगता है कि आप मलेरिया से ग्रसित हो सकते हैं, तो ऐसे में आपको निम्न टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है -
- थिक एंड थिन ब्लड स्मीयर
- एंटीजन टेस्ट
- मॉलिक्युलर टेस्ट
- ड्रग रेजिस्टेंस टेस्ट
मलेरिया की रोकथाम
मलेरिया की रोकथाम के लिए निम्न उपाय किए जा सकते हैं -
- अपने घर के आस-पास पानी जमा न होने दें उसमें मच्छर पनपने लगते हैं।
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, क्रीम और अन्य प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें
- ऐसे एरिया में यात्रा न करें जहां मलेरिया का प्रकोप ज्यादा हो
- शाम से पहले ही घर के खिड़की दरवाजे बंद कर लें और बगीचे आदि में न जाएं
- बच्चों को मलेरिया की वैक्सीन जरूर लगवाएं
मलेरिया का इलाज
मलेरिया का इलाज उसका कारण बनने वाले परजीवी के प्रकार और लक्षणों के अनुसार किया जाता है। यदि समय पर इसकी देखभाल की जाए तो इसका इलाज प्रभावी रूप से किया जा सकता है। मलेरिया का इलाज एंटीमलेरियल दवाओं की मदद से किया जाता है, जिनमें निम्न शामिल हैं -
- क्लोरोक्विन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन
- आर्टीमिसिनिन-बेस्ड कॉम्बिनेशन थेरेपी (ACT)
- एटोवैक्वॉन-प्रोग्यूनिल, अर्टेमीथर-लूमेफैनट्राइन
- मेफ्लोक्विन
- आर्टिसुनेट
मलेरिया का इलाज करने के लिए डॉक्टर दवाओं के साथ-साथ मरीज के आहार में भी कुछ खास बदलाव कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अच्छा आहार रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। इस दौरान आपको ऐसी डाइट दी जाती है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और अलग-अलग प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं। साथ ही मरीज को इस दौरान खूब तरल पदार्थ पीने के लिए भी दिए जाते हैं।
मलेरिया की जटिलताएं
प्लाज्मोडियम के कुछ प्रकार ऐसे हैं, जिनसे होने वाला मलेरिया जानलेवा हो सकता है। अफ्रिका में पाए जाने वाले प्लाज्मोडियम पैरासाइट से होने वाला मलेरिया इंफेक्शन जानलेवा हो सकता है। मलेरिया से कई बार निम्न स्थितियां होने का खतरा बढ़ जाता है -
- संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंच जाना (सेरेब्रल मलेरिया)
- सांस लेने में दिक्कत होना
- शरीर का कोई अंग काम करना बंद कर देना (ऑर्गन फेलियर)
- एनीमिया
- ब्लड शुगर कम होना
More From मलेरिया (Malaria)
दिल्ली में आई बाढ़ ने यहां के लोगों के लिए कई परेशानियां बढ़ा दी हैं यही नहीं बाढ़ की वजह से लोगों में वायरल इंफेक्शन के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है आइए जानते है व कौन से वायरल इंफेक्शन है जिनके फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है।
मौसम में बदलाव के साथ-साथ डेंगू-मलेरिया और वायरल फीवर की समस्याएं लोगों में देखने को मिल रही हैं। अगर आपके परिवार के किसी सदस्य को तेज बुखार है तो यहां डॉक्टर ने कुछ सलाह दी है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।
Delhi Dengue: 'स्ट्रेन' के अलावा बारिश जैसे अन्य कई कारक है जो मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
Malaria Diet: मलेरिया का बुखार शरीर को तोड़ने लगता है, ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें जो हेल्दी भी हो और रोग से लड़ने में भी मदद करें।
मलेरिया मच्छर से होने वाली एक ऐसी बीमारी है जो इस समय विश्व स्तर पर लोगों को संक्रमित कर रही है। इससे जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए ही विश्व स्तर पर मलेरिया दिवस मनाया जाता है।
इस साल भारत में जुलाई से लेकर अभी तक मलेरिया के लगभग 64,500 केस देखने को मिल चुके हैं। इन में से लगभग 35 मृत्यु भी देखने को मिल चुकी हैं।
दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या 27 पाई गई है। हालांकि, इस साल डेंगू (Dengue) के कुल मरीजों का आंकड़ा 97 है, तो वहीं मलेरिया (Malaria) के 45 और चिकनगुनिया के 26 हो गए हैं।
World Mosquito Day 2021: मलेरिया मच्छरों के काटने से होता है, यह एक जानलेवा बीमारी है। मलेरिया होने पर शरीर में तेज बुखार, सिर में दर्द, दस्त, उलटी आना और मसल्स पेन आदि लक्षण दिखाई देते हैं।
उन घरेलू उपायों के बारे में यहां हम आपको बता रहे हैं, जो आपको मच्छर काटने से बचाते हैं।
मच्छरों से फैलने वाली बीमारी मलेरिया से बचाव के लिए सूप का सेवन फायदेमंद हो सकता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार अगर डेली डाइट में मीट और हरी सब्जियों से बनने वाले पारंपरिक सूप का सेवन किया जाए, तो मलेरिया के खतरे को कम किया जा सकता है. मलेरिया से बचने के लिए सूप का सेवन फायदेमंद हो सकता है. (Malaria Treatment And Prevention)
यदि आपको मच्छर अधिक काटते (Mosquito Bites) हैं, तो इसे नजरअंदाज ना करें। बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने से मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, पीली बुखार आदि होने की संभावना बढ़ जाती है। जानें, कुछ लोगों को मच्छर अधिक क्यों काटते हैं....
बिहार में बाढ़ (Bihar flood) आने के बाद वहां के प्रभावित इलाकों में नदियों का पानी कम तो हो गया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को अब कोरोना (Coronavirus) सहित अन्य बीमारियों का डर सताने लगा है।
मच्छर दिखने में छोटा जरूर लगता है लेकिन लोगों की जान लेने में यह बहुत माहिर है। मच्छर ऐसी प्रजाती है जो हर साल लाखों लोगों की जान लेती है जबकि कई लाख लोगों को बेबस और हॉस्पिटलाइज्ड करती है। आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में हर साल लगभग 7 लाख लोग मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आकर मरते हैं। इसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस और लसीका फाइलेरिया (एलिफेंटिएसिस) समेत जापानी एन्सेफलाइटिस जैसे वायरस शामिल हैं। आज हम आपको मच्छर काटने से होने वाली 6 गंभीर बीमारियों के बारे में बता रहे हैं। यदि कोई भी मरीज इनमें से किसी भी वायरस का शिकार होता है तो उसे बिना वक्त गवाए डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपना इलाज करना चाहिए।
यूं तो डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां मानसून के मौसम में हर साल ही आंतक मचाती हैं, लेकिन इस साल कोरोना वायरस के चलते इस तरह किसी का खास ध्यान नहीं गया। लेकिन इसका मतलब कतई यह नहीं है कि इस साल डेंगू और मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों के मामले सामने आए ही नहीं।
एक्ट्रेस पायल घोष को मलेरिया हो गया है। उन्हें बुखार आया था, लेकिन यकीन था कि यह कोविड -19 (Covid-19) नहीं है, क्योंकि उन्होंने सभी एहतियात अपनाए थे। जब उन्होंने अपनी जांच कराई, तो यह मलेरिया (Payal Ghosh is suffering from Malaria) निकला। इन दिनों मलेरिया रोग भी काफी तेजी से फैल रहा है। यदि आपके घर में भी किसी को मलेरिया हुआ है, तो अपनाएं ये घरेलू उपचार...
World Malaria Day 2020: आज दुनिया भर में 'विश्व मलेरिया दिवस' मनाया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ की विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2019 के अनुसार, 2018 में लगभग एक अरब लोग मलेरिया से मारे गए थे। ऐसे में मलेरिया रोग से बचने के लिए हर किसी को जागरूक होना होगा। जानें, कैसे हुई इस दिन की शुरुआत, इस बार का थीम, मलेरिया के लक्षण, उपचार और डायट टिप्स के बारे में सबकुछ...
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 से भारत ने मलेरिया के मामलों में आधे से भी ज्यादा कमी लाने में सफलता पायी है. भारत में मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों को दो-तिहाई से भी ज्यादा कम किया जा चुका है. भारत में 2016 से मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है. भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में 2030 तक मलेरिया को खत्म करने के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है.
मलेरिया की बीमारी (Malaria) दुनियाभर में हर साल 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है. मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया का संक्रमण हृदय रोग, हार्ट फेलियर (Malaria and Heart Failure) का कारण बन सकता है. हाल ही में डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफट यूनिवर्सिटी के पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने एक शोध के हवाले से यह बात कही है. उनका मानना है कि बढ़ते मलेरिया ने दिल की बीमारियों की संभावना को बढ़ा दिया है. अध्ययन के अनुसार मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेलियर की संभावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.
दिल्ली में आई बाढ़ ने यहां के लोगों के लिए कई परेशानियां बढ़ा दी हैं यही नहीं बाढ़ की वजह से लोगों में वायरल इंफेक्शन के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है आइए जानते है व कौन से वायरल इंफेक्शन है जिनके फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है।
मौसम में बदलाव के साथ-साथ डेंगू-मलेरिया और वायरल फीवर की समस्याएं लोगों में देखने को मिल रही हैं। अगर आपके परिवार के किसी सदस्य को तेज बुखार है तो यहां डॉक्टर ने कुछ सलाह दी है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।
Delhi Dengue: 'स्ट्रेन' के अलावा बारिश जैसे अन्य कई कारक है जो मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
Malaria Diet: मलेरिया का बुखार शरीर को तोड़ने लगता है, ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें जो हेल्दी भी हो और रोग से लड़ने में भी मदद करें।
इस साल भारत में जुलाई से लेकर अभी तक मलेरिया के लगभग 64,500 केस देखने को मिल चुके हैं। इन में से लगभग 35 मृत्यु भी देखने को मिल चुकी हैं।
दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या 27 पाई गई है। हालांकि, इस साल डेंगू (Dengue) के कुल मरीजों का आंकड़ा 97 है, तो वहीं मलेरिया (Malaria) के 45 और चिकनगुनिया के 26 हो गए हैं।
World Mosquito Day 2021: मलेरिया मच्छरों के काटने से होता है, यह एक जानलेवा बीमारी है। मलेरिया होने पर शरीर में तेज बुखार, सिर में दर्द, दस्त, उलटी आना और मसल्स पेन आदि लक्षण दिखाई देते हैं।
उन घरेलू उपायों के बारे में यहां हम आपको बता रहे हैं, जो आपको मच्छर काटने से बचाते हैं।
मच्छरों से फैलने वाली बीमारी मलेरिया से बचाव के लिए सूप का सेवन फायदेमंद हो सकता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार अगर डेली डाइट में मीट और हरी सब्जियों से बनने वाले पारंपरिक सूप का सेवन किया जाए, तो मलेरिया के खतरे को कम किया जा सकता है. मलेरिया से बचने के लिए सूप का सेवन फायदेमंद हो सकता है. (Malaria Treatment And Prevention)
यदि आपको मच्छर अधिक काटते (Mosquito Bites) हैं, तो इसे नजरअंदाज ना करें। बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने से मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, पीली बुखार आदि होने की संभावना बढ़ जाती है। जानें, कुछ लोगों को मच्छर अधिक क्यों काटते हैं....
बिहार में बाढ़ (Bihar flood) आने के बाद वहां के प्रभावित इलाकों में नदियों का पानी कम तो हो गया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को अब कोरोना (Coronavirus) सहित अन्य बीमारियों का डर सताने लगा है।
मच्छर दिखने में छोटा जरूर लगता है लेकिन लोगों की जान लेने में यह बहुत माहिर है। मच्छर ऐसी प्रजाती है जो हर साल लाखों लोगों की जान लेती है जबकि कई लाख लोगों को बेबस और हॉस्पिटलाइज्ड करती है। आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में हर साल लगभग 7 लाख लोग मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आकर मरते हैं। इसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस और लसीका फाइलेरिया (एलिफेंटिएसिस) समेत जापानी एन्सेफलाइटिस जैसे वायरस शामिल हैं। आज हम आपको मच्छर काटने से होने वाली 6 गंभीर बीमारियों के बारे में बता रहे हैं। यदि कोई भी मरीज इनमें से किसी भी वायरस का शिकार होता है तो उसे बिना वक्त गवाए डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपना इलाज करना चाहिए।
यूं तो डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां मानसून के मौसम में हर साल ही आंतक मचाती हैं, लेकिन इस साल कोरोना वायरस के चलते इस तरह किसी का खास ध्यान नहीं गया। लेकिन इसका मतलब कतई यह नहीं है कि इस साल डेंगू और मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों के मामले सामने आए ही नहीं।
एक्ट्रेस पायल घोष को मलेरिया हो गया है। उन्हें बुखार आया था, लेकिन यकीन था कि यह कोविड -19 (Covid-19) नहीं है, क्योंकि उन्होंने सभी एहतियात अपनाए थे। जब उन्होंने अपनी जांच कराई, तो यह मलेरिया (Payal Ghosh is suffering from Malaria) निकला। इन दिनों मलेरिया रोग भी काफी तेजी से फैल रहा है। यदि आपके घर में भी किसी को मलेरिया हुआ है, तो अपनाएं ये घरेलू उपचार...
World Malaria Day 2020: आज दुनिया भर में 'विश्व मलेरिया दिवस' मनाया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ की विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2019 के अनुसार, 2018 में लगभग एक अरब लोग मलेरिया से मारे गए थे। ऐसे में मलेरिया रोग से बचने के लिए हर किसी को जागरूक होना होगा। जानें, कैसे हुई इस दिन की शुरुआत, इस बार का थीम, मलेरिया के लक्षण, उपचार और डायट टिप्स के बारे में सबकुछ...
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 से भारत ने मलेरिया के मामलों में आधे से भी ज्यादा कमी लाने में सफलता पायी है. भारत में मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों को दो-तिहाई से भी ज्यादा कम किया जा चुका है. भारत में 2016 से मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है. भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में 2030 तक मलेरिया को खत्म करने के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है.
मलेरिया की बीमारी (Malaria) दुनियाभर में हर साल 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है. मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया का संक्रमण हृदय रोग, हार्ट फेलियर (Malaria and Heart Failure) का कारण बन सकता है. हाल ही में डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफट यूनिवर्सिटी के पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने एक शोध के हवाले से यह बात कही है. उनका मानना है कि बढ़ते मलेरिया ने दिल की बीमारियों की संभावना को बढ़ा दिया है. अध्ययन के अनुसार मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेलियर की संभावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.
दिल्ली में इस साल मलेरिया के 83 और डेंगू के 34 मामले दर्ज हुए और 48,039 घरों में मच्छर पाए गए।
कुछ घरेलू उपचार मलेरिया (Malaria Home Remedies) का इलाज करने में मदद कर सकते हैं।
मौसम में बदलाव और लगातार बढ़ती गर्मी वेक्टर से जुड़ी समस्याओं का कारण बनते हैं।
मलेरिया मच्छर से होने वाली एक ऐसी बीमारी है जो इस समय विश्व स्तर पर लोगों को संक्रमित कर रही है। इससे जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए ही विश्व स्तर पर मलेरिया दिवस मनाया जाता है।