गांव नहीं, शहर बन रहे हैं मलेरिया का नया हॉटस्पॉट

Urban malaria India : पहले गांव को मलेरिया का हॉटस्पॉट माना जाता था, लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक मलेरिया के मामले एक ओर जहां कम हो रहे हैं। वहीं, शहरों में इसके मामले बढ़ रहे हैं। आइए जानते हैं, ऐसा क्यों?

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Written By: Kishori Mishra | Published : April 25, 2026 9:32 AM IST

World Malaria Day 2026 : एक समय ऐसा था, जब मलेरिया को ग्रामीण इलाकों की बीमारी माना जाती थी, लेकिन अब लोगों में यह धारणा तेजी से बदल रही है। क्योंकि अब शहरों की बढ़ती आबादी, खराब सफाई की व्यवस्था के चलते मलेरिया के मच्छरों का हॉटस्पॉट शहर बन चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पूरे अफ्रीका के शहर अब मलेरिया फैलने के नए और बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। जहां एक ओर मलेरिया के कुल मामलों में कमी आई है। वहीं, शहरों में मलेरिया के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं।

Thelancet की रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों में बढ़ते मलेरिया के मामले की मुख्य वजह एनोफिलीज स्टीफेन्सी नामक मच्छर है, जो कफी तेजी से फैलती है। यह मच्छर इंसानों द्वारा बनाए गए साफ पानी के आर्टिफिशयल स्टोरेज, जैसे- निर्माण स्थलों और घरों की छतों पर बनी पानी की टंकियों में पनपने के लिए पूरी तरह से अनुकूलित हो चुका है। आइए विस्तार से समझते हैं शहर क्यों बनता जा रहा है मलेरिया का हॉटस्पॉट?

मलेरिया का हॉटस्पॉट क्यों बनता जा रहा है शहर?

एक्सपर्ट्स औरकई रिसर्चके मुताबिक, गांवों की तुलना में अब शहरों में मलेरिया के मामले अधिक आ रहे हैं, इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं, जो निम्न हैं-

बढ़ती आबादी और क्लोज्ड स्पेस का असर

WHO की रिपोर्टके मुताबिक, शहरों में जनसंख्या घनत्व ज्यादा बढ़ता जा रहा है, जिसकी वजह से शहरी इलाकों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है। स्लम एरिया और भीड़भाड़ वाले इलाकों में साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था भी काफी ज्यादा कमजोर है, जिसकी वजह से मलेरिया के प्रसार को और बढ़ावा मिलता है।

क्लाइमेट चेंज भी है जिम्मेवार

NCBI की रिपोर्ट के मुताबिक, क्लाइमेट चेंज के कारण तापमान और नमी का स्तर बढ़ रहा है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल है। मुख्य रूप से शहरों में लंबे समय तक रहने वाली गर्मी और बीच-बीच में बारिश मलेरिया के मामलों को बढ़ावा देती है। गांव में शहरों की तुलना में क्लाइमेट थोड़ा धीरे-धीरे बदलता है।

कुछ लोगों की भी है लापरवाही

बदलवा मौसम और बढ़ती आबादी के साथ-साथ लोगों की लापरवाही के चलते भी शहरों में मलेरिया अपना पैर पसार रहा है। शहर के खई लोग मच्छरों से बचाव को गंभीरता से नहीं लेते, जैसे- कूलर का पानी समय पर न बदलना, मच्छरदानी का इस्तेमाल न करना और घर के आसपास पानी जमा होने देना, जैसी छोटी-छोटी गलतियों के कारण भी मलेरिया का खतरा बढ़ा देता है।

बचाव ही है मलेरिया का सबसे बेहतर इलाज

ध्यान रखें कि मलेरिया से बचना ही इसका सबसे अच्छा इलाज है, इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है, जैसे-

  • घर के आसपास और घर के अंदर लंबे समय तक पानी इकट्ठा न होने दें।
  • कूलर और पानी की टंकी को समय-समय पर बदलते रहें।
  • घर में मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल जरूर करें।
  • बच्चों के साथ-साथ खुद भई पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  • घर में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।

Disclaimer : ध्यान रखें कि अगर आपको तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि समय पर मलेरिया का इलाज हो सके। 

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