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Written By: Editorial Team | Updated : April 27, 2018 5:02 PM IST
मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया प्लाजमोडियम पैरासाइट की वजह से होता है जो मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से होता है। एक बार अगर यह मच्छर किसी शख्स को काट लेता है तो उसके पैरासाइट शरीर के लीवर को भी संक्रमित करते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को भी क्षतिग्रस्त करता है।
मलेरिया सामान्यतः मानसून के मौसम में ज्यादा फैलता है, लेकिन अब सालभर इसके मामले आने लगे हैं। फोर्टिस हास्पिटल के जनरल मेडिसिन के एचओडी डॉ. प्रदीप शाह कहते हैं कि "मच्छरों की नयी नस्लों ने चिकनगुनिया और डेंगी जैसी बीमारियां पैदा की हैं।"
मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया प्लाजमोडियम पैरासाइट की वजह से होता है, जो एनाफिलिज मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने से उसके पैरासाइट शरीर के लीवर को भी संक्रमित करते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को भी क्षतिग्रस्त करता है।
मलेरिया से शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे हमारी दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित होती है, इसलिए हमें मलेरिया के लक्षणों और कारणों को जनने के साथ ही सावधान भी रहना चाहिए। मलेरिया से जान भी जा सकती है, इसलिए इसके प्रति सावधान रहते हुए सही समय पर पहचान और उसका इलाज करना जरूरी है।
डॉ. शाह बताते हैं कि मलेरिया के कारण कई अन्य बीमारियां भी हो जाती हैं। उसके पैरासाइट शरीर के लाल रक्त कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करते हैं और इंसान इन बीमारियों का शिकार हो जाता हैः
डॉ. शाह के अनुसार, मलेरिया के लिए निम्न उपचार अपनाने चाहिए :
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अनुवादक: Akhilesh Dwivedi.
चित्रस्रोत: Shutterstock.