नहीं बनाया खाने का टाइम टेबल, तो अब बना लें, वरना हो सकती हैं ये परेशानियां

रहना है स्‍वस्‍थ, तो आज ही आदतों में शामिल करें नियमित और संतुलित खानपान।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 30, 2018 6:14 PM IST

पारंपरिक रसोई घर में हर चीज के सेवन का निश्चित समय होता था। विदेशों में भी बहुत सी जगहें ऐसी हैं जहां एक निश्‍चित समय के बाद खाना नहीं मिलता। पर हमारी अपनी दिनचर्या ऐसी हो गई है कि इसमें किसी भी चीज का समय निश्चित नहीं है। जब टाइम मिलता है हम तभी खाने का डिब्‍बा खोल लेते हैं और टाइम न मिले तो या तो जंक फूड खा लेते हैं या फि‍र चाय-कॉफी में ही दिन निकाल देते हैं। जबकि यह दोनों ही गलतियां सेहत पर बहुत भारी पड़ जाती हैं।

हो रही हैं समस्‍या

इन दिनों जयादातर लोग ऑबेसिटी के शिकार हैं। कईयों को तो यह लगता है कि वह तो ऐसा कुछ खाते ही नहीं, फि‍र इतने मोटे कैसे हो जाते हैं। पर शायद आप नहीं जानते कि जब आप खाना स्किप करते हैं तो उसके बदले में कितना कुछ अनहेल्‍दी खा लेते हैं। यही वजह है कि ऑबेसिटी बढ़ती जा रही है। इसके अलावा और भी बहुत सारी बीमारियां हैं जो खाने का समय निश्चित न होने की वजह से होती हैं।

लाइफ स्‍टाइल डिजीज

जिन्‍हें आधुनिक भाषा में लाइफ स्‍टाइल डिजीज कहा जा रहा है, उनका सीधा संबंध हमारे भोजन की आदतों से हैं। इनमें डायबिटीज और ऑबेसिटी प्रमुख हैं। इसके अलावा केल्श्यिम और आयरन की कमी भी खानपान की गलत आदतों की वजह से होती है।

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बिगड़ रहा है पाचनतंत्र

जब पाचन तंत्र सही न हो तो भोजन करने बाद सुस्ती, पेट फूलना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो अपना डायजेशन ठीक करें। इससे आधी बीमारियां ख़ुद ही भाग जाएंगी।

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बरतें ये सावधानियां

  • खाने का टाइम टेबल बनाएं : व्यस्त लाइफस्टाइल की वजह से हम अलग अलग समय पर भोजन करते हैं। ऐसा करने से भी पाचन सम्बंधित समस्याएँ होती हैं। इसलिए खाने का टाइल टेबल बनायें और जब पहले खाया हुआ खाना पच जाये तभी दुबारा खाने की सोचें। इस काम की शुरुआत करने के लिए आपको ताज़ा खाना खाना होगा और गुनगुना पानी पीना होगा। गरम खाने का स्वाद भी अधिक होता है और इससे पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है।
  • अदरक का सेवन करें : अदरक पेट की प्रॉब्लम जैसे कब्ज़ के लिए भी लाभदायक होता है। अदरक को पीसकर उस पर काला नमक छिड़ककर खाने से पाचन तंत्र सम्बंधित विकार समाप्त हो जाते हैं।
  • तनाव मुक्त रहें : तनाव का हमारी पाचन प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ता है। जिससे लगातार पाचन सबंधित समस्याएँ बनी रह सकती हैं। इसलिए आपको योग, प्राणायाम, अनुलोम विलोम को साधन बनाना चाहिए।
  • वज्रासन का लाभ लें : भोजन करने के बाद वज्रासन की मुद्रा में बैठकर आंखें बंद करके ध्यान लगाना चाहिए। इस मुद्रा में घुटनों के बल बैठा जाता है। इससे पाचन तंत्र का फ़ंक्शन ठीक रहता है, शरीर को ऊर्जा मिलती है और माइंड रिफ़्रेश हो जाता है।

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  • आयुर्वेदिक मसाले खाएं : पाचन सम्बंधित विकारों को दूर रखने के लिए हींग, मेथी, अजवाइन और जीरा प्रयोग किया जाता है। इन्हीं कारणों से भारतीय व्यंजनों में इन्हें मसालों में प्रयोग किया जाता रहा है। जिससे पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करता है और पेट की सूजन भी कम होती है। साथ ही जब आप खाने के लिए बैठें तो खाना खाकर ही उठें। खाना खाते समय टीवी न देखें बल्कि मन को शांत रखकर भोजन करें। इससे भोजन का अधिक लाभकारी बन जायेगा।

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