
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 8, 2020 12:24 PM IST
Hypothyroidism – If your thyroid is not making enough thyroid hormone (a condition known as hypothyroidism) your metabolism slows down, which results in weight gain. Hypothyroidism can also have an effect on the kidneys and cause the body to retain fluid, another cause of weight gain. Other symptoms of hypothyroidism include constant fatigue, feeling cold, dry skin and hair, brittle nails, stiff joints and aching muscles, and constipation.
थायराइड बहुत पुराना रोग है इसलिए इसकी चपेट में आने पर लोगों में गंभीरता में अभाव देखा जाता है। वर्तमान समय में 40 मिलियन से भी ज्यादा लोग इस रोग की चपेट में हैं। जब शरीर में थायराइड हॉर्मोन का उत्पादन अधिक मात्रा में होने लगता है तो यह रोग जन्म ले लेता है। जब अपर्याप्त हार्मोन उत्पादन होने लगे तो हाइपोथायरायडिज्म होता है। इसलिए यह जरूरी है कि ऐसे रोग से समय रहते निपटा जा सके। आहार में बदलाव कर और लाइफस्टाइल को नियमित कर रोग को मात दी जा सकती है। अगर आप थायराइड के लिए दवाओं या घरेलू नुस्खों का सहारा ले रहे हैं तो वह भी सही है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी चीजें बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप थायराइड को कंट्रोल कर सकते हैं।
सर्वे में साफ हुआ है कि लोग खाने में बहुत कम समय देते हैं। उन्हें लगता है कि यह समय की बर्बादी है। जबकि हर व्यक्ति को भोजन चबा चबा कर खाना चाहिए। यह थायराइड में तो फायदा करता ही है साथ ही आपके पेट को भी दुरुस्त रखत है। जब कोई व्यक्ति थायराइड से जूझता है और चबाकर खाता है तो चयापचय प्रक्रियाओं को बढ़ाने में मदद मिलती है।
आमतौर पर लोगों को खाने में फैट शामिल न करने की सलाह दी जाती है। लेकिन थायराइड से ग्रस्त लोगों को अपनी डाइट में फैट शामिल करना चाहिए। क्योंकि जब आप फैट का सेवन करते हैं तो थायराइड ग्रंथि को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है और उसमें मक्खन और घी जैसी पर्याप्त चिकनाई भी आ पाती है। इसलिए रोग से जल्दी रिकवर करने के लिए अपनी डाइट में फैट शामिल करें। आप डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन भी कर सकते हैं।
प्रोबायोटिक्स न सिर्फ हमारी आंतों को स्वस्थ रख पाचन क्रिया को आसान बनाता है बल्कि यह थायराइड ग्रंथि को भी अच्छी तरह से काम करने के लिए बल देता है। प्रोबायोटिक्स से थायरॉयड ग्रंथि संतुलित रहती है और रोग जल्दी कटता है। इसके लिए आप एप्पल साइडर विनेगर, दही और अन्य खट्टे पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। ये आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य में सुधार करने के साथ थायराइड के रोग से अच्छी तरह निपटने में मदद करता हैं।
थायराइड से पीड़ित लोगों को जंक फूड का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे लोगों को सिर्फ जंक फूड ही नहीं बल्कि पैक्ड और प्रोसेस्ड के सेवन से भी बचना चाहिए। यह ग्रंथि को ट्रिगर करता है जिससे रोग बढ़ता है।