
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 11, 2026 5:42 PM IST
Medically Verified By: Dr. Saad Anwar
आंत में रुकावट यानी इंटेस्टाइनल ऑब्स्ट्रक्शन (Intestinal Obstruction) एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें छोटी या बड़ी आंत में खाना, पानी और गैस का सामान्य प्रवाह रुक जाता है। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बुजुर्गों, पेट की सर्जरी करा चुके लोगों और कुछ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों में इसका खतरा ज्यादा होता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी बन सकती है, इसलिए इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। इस लेख में डॉ. साद अनवर, कंसल्टेंट - जनरल सर्जरी एंड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हर जानना बहुत जरूरी होता है।
आंत में रुकावट के दौरान मरीज को कई गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसका सबसे सामान्य संकेत पेट में तेज और बार-बार उठने वाला दर्द होता है, जो कई बार मरोड़ जैसा महसूस होता है। इसके साथ पेट फूलने लगता है, क्योंकि गैस और भोजन आंत में आगे नहीं बढ़ पाते। मरीज को भारीपन और बेचैनी महसूस हो सकती है। खाना ठीक से पच न पाने की वजह से मतली और बार-बार उल्टी की समस्या भी हो सकती है, जबकि कुछ मामलों में उल्टी से बदबू आना गंभीर स्थिति का संकेत माना जाता है। लंबे समय तक गैस या मल पास न होना भी आंत में ब्लॉकेज का बड़ा लक्षण है। इसके अलावा भूख कम लगना, शरीर में कमजोरी, डिहाइड्रेशन और लगातार थकान महसूस होना भी इस बीमारी के सामान्य संकेतों में शामिल हैं।
1. पेट की पुरानी सर्जरी - जिन लोगों की पहले पेट या आंत की सर्जरी हो चुकी होती है, उनमें अंदरूनी चिपकाव (Adhesions) बनने लगते हैं। यही चिपकाव कई बार आंत को दबाकर रुकावट पैदा कर देते हैं। यह आंत में रुकावट का सबसे सामान्य कारण माना जाता है।
2. हर्निया - हर्निया के कारण भी आंत का एक हिस्सा पेट की कमजोर मांसपेशियों से बाहर निकल आता है। कई बार यह हिस्सा फंस जाता है और ब्लड सप्लाई रुकने लगती है, जिससे आंत में ब्लॉकेज हो सकता है।
3. आंत में ट्यूमर या कैंसर - आंत में बनने वाला ट्यूमर या Colorectal Cancer भी रास्ता संकरा कर सकता है। धीरे-धीरे भोजन और मल का रास्ता बंद होने लगता है, जिससे रुकावट की स्थिति पैदा हो जाती है।
4. कब्ज और मल का जमाव - लंबे समय तक रहने वाली गंभीर कब्ज के कारण भी आंतों में रुकावट हो सकती है, क्योंकि इससे मल का रास्ता बंद होने लगता है और पेट फूलने व दर्द जैसी परेशानी बढ़ जाती है।
5. आंत का मुड़ जाना या फंस जाना - कई बार आंत अपनी जगह से मुड़ जाती है, जिसे Volvulus कहा जाता है। इससे आंत में खून की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। बच्चों में आंत का एक हिस्सा दूसरे हिस्से में घुस जाना (Intussusception) भी रुकावट का कारण बन सकता है।
अगर पेट में लगातार तेज दर्द हो, उल्टी रुकने का नाम न ले रही हो, पेट असामान्य रूप से फूल गया हो या लंबे समय तक गैस और मल पास न हो रहा हो, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। देरी होने पर आंत फटने, गंभीर इंफेक्शन फैलने और जान का खतरा भी बढ़ सकता है। आंत में रुकावट का इलाज इसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। शुरुआती मामलों में दवाओं, शरीर में तरल पदार्थ चढ़ाने और पाइप के जरिए पेट की गैस व जमा पदार्थ निकालकर राहत दी जाती है, जबकि गंभीर स्थिति में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। समय पर जांच और सही इलाज से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है, इसलिए इसके लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल आंतों की समस्याओं से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल आंतों की समस्याओं या किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
आंतों का मुख्य काम भोजन को पचाना, पोषक तत्वों को अवशोषित करना और अपशिष्ट को बाहर निकालना है।
फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी, व्यायाम और तनाव को कंट्रोल करके आप आंतों को स्वस्थ बना सकते हैं।
छोटी आंत पोषक तत्वों को अवशोषित करती है, जबकि बड़ी आंत पानी निकालकर मल बनाती है।