
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : March 17, 2025 2:25 PM IST
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White discharge in female treatment: महिलाओं में सफेद पानी या लिकोरिया एक सामान्य समस्या है, जिसमें सफेद, दूधिया या पानी जैसा स्राव योनि से होता है। यह स्त्राव गर्भाशय, अंडाशय और योनि में होने वाले स्वाभाविक बदलावों के कारण उत्पन्न होता है। सफेद पानी का गिरना सामान्य रूप से मासिक धर्म चक्र के दौरान होता है, विशेष रूप से ओवुलेशन (अंडोत्सर्ग) के समय। लेकिन यदि यह अत्यधिक, तीव्र या असामान्य हो, तो यह किसी समस्या का संकेत हो सकता है। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे
गर्भावस्था, मासिक धर्म और यौवन के दौरान हार्मोनल बदलाव शरीर में विभिन्न परिवर्तन लाते हैं, जिनका प्रभाव सफेद पानी (लिकोरिया) पर पड़ता है। ये हार्मोनल परिवर्तन योनि में स्राव को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सफेद पानी का स्राव अधिक या कम हो सकता है, जो सामान्य होता है।
बैक्टीरियल, फंगल या यौन संचारित संक्रमण, जैसे कि यीस्ट इंफेक्शन, के कारण सफेद पानी का स्राव बढ़ सकता है। इन संक्रमणों से योनि में सूजन, जलन और असामान्य गंध हो सकती है, जो सफेद पानी के स्राव में वृद्धि का कारण बनते हैं। इसका इलाज डॉक्टर से परामर्श करके किया जा सकता है।
मानसिक तनाव, अस्वस्थ आहार और अपर्याप्त नींद शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सफेद पानी की समस्या बढ़ सकती है। इन कारणों से शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उचित जीवनशैली से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. शैली शर्मा, क्लाउडनाइन अस्पताल, दिल्ली में वरिष्ठ सलाहकार और एसोसिएट डायरेक्टर हैं, वह कहते हैं कि महिलाओं में सफेद पानी गिरना - व्हाइट डिस्चार्ज एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन अगर यह अधिक मात्रा में हो, बदबूदार हो, या इसके साथ जलन, खुजली या दर्द महसूस हो तो यह किसी संक्रमण या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।
डॉ. शैली ने आगे बताया कि सफेद पानी गिरने के मुख्य कारणों में हार्मोनल बदलाव, संक्रमण, पोषण की कमी, तनाव या शरीर में साफ-सफाई की कमी शामिल हो सकते हैं। इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें, साफ और सूखे अंडरगारमेंट्स पहनें, और अधिक केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचें। पोषण से भरपूर आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल और दही जैसे प्रोबायोटिक फूड शामिल हों। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ जलन और बदबू हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही उपचार मिल सके। यदि यह समस्या अधिक बढ़ जाए तो डॉक्टर से तुरंत जांच कराना जरूरी होता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।