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लाइम डिजीज (Lyme Disease in hindi) एक संक्रामक बीमारी है जो कि एक किट के काटने से फैलती है। दरअसल, इस किट में बोरेलिया बर्गडोरफेरी (Borrelia Burgdorferi) नाम का बैक्टीरिया होता है जो धीमे-धीमे शरीर में फैल कर हमें बीमार बना देता है। इस स्थिति में शरीर में कई लक्षण आते हैं जो कि दूसरी बीमारियों के लक्षणों (Lyme Disease symptoms) से मिलते जुलते हैं। जैसे कि स्किन रैशेज, खुजली और दाद जैसे लक्षण। कई बार हम इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जो कि आगे चल कर बेहद गंभीर और संक्रामक हो जाता है और दूसरे लोगों में फैलने लगता है। इसलिए जरूरी है कि आप इस बीमारी के उन लक्षणों क बारे में जानें जो कि छिपे हुए रहते हैं और आपको पेरशान कर सकते हैं।
लाइम डिजीज (Lyme Disease in hindi) एक संक्रामक बीमारी है जो कि एक किट के काटने से फैलती है। दरअसल, इस किट में बोरेलिया बर्गडोरफेरी (Borrelia Burgdorferi) नाम का बैक्टीरिया होता है जो धीमे-धीमे शरीर में फैल कर हमें बीमार बना देता है। इस स्थिति में शरीर में कई लक्षण आते हैं जो कि दूसरी बीमारियों के लक्षणों (Lyme Disease symptoms) से मिलते जुलते हैं। जैसे कि स्किन रैशेज, खुजली और दाद जैसे लक्षण। कई बार हम इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जो कि आगे चल कर बेहद गंभीर और संक्रामक हो जाता है और दूसरे लोगों में फैलने लगता है। इसलिए जरूरी है कि आप इस बीमारी के उन लक्षणों क बारे में जानें जो कि छिपे हुए रहते हैं और आपको पेरशान कर सकते हैं।
काले रंग के भवरे जैसा दिखने वाले इस किट के काटने से आपके शरीर में दाने हो सकते हैं। दाने आमतौर पर एक छोटे लाल धब्बे के रूप में शुरू होते हैं जो दिनों या हफ्तों की अवधि में फैलते हैं। सीडीसी के अनुसार, दाने 12 इंच व्यास तक बढ़ सकते हैं। इसे छूने में गर्मी लग सकती है, लेकिन कई बार ये खुजली या दर्दनाक नहीं होते हैं।
लाइम रोग के लक्षण बढ़ सकते हैं और कई बार संक्रमण ज्यादा बढ़ने पर ये जोड़ों में दर्द का कारण बन सकता है। दरअसल, एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज नहीं करने वाले लगभग 60 प्रतिशत लोगों में जोड़ों का दर्द होता है। यह दर्दनाक और सूजे हुए जोड़ों, विशेष रूप से घुटनों जैसे बड़े जोड़ों में दर्द का कारण हो सकता है।
पुरानी थकान आमतौर पर लाइम रोग से जुड़ी होती है। दरअसल, जब ये बीमारी पूरे शरीर में पैर पसारने लगती है तो स्मृति हानि, एकाग्रता में कठिनाई, और मनोदशा या नींद की आदतों में बदलाव महसूस होने लगता है। इससे शरीर में एक प्रकार की बेचैनी पैदा होती है जिससे नींद आने में समस्या हो सकती है। इसके अलावा ये आपको मन से परेशान और हर समय चिढ़चिढ़ा कर सकता है।
अगर इलाज नहीं किया जाता है, तो लाइम रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया पूरे शरीर में फैल सकते हैं और संक्रमण के व्यापक लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसमें सिरदर्द, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और गर्दन में दर्दया जकड़न आदि हो सकता है। चूंकि संक्रमण तंत्रिका तंत्र के माध्यम से अपना रास्ता बनाता है, लाइम वाले व्यक्ति तेजी से दुर्लभ और गंभीर लक्षणों की रिपोर्ट कर सकते हैं। सीडीसी के अनुसार, लाइम रोग के कई मामलों में हाथों या पैरों के तंत्रिका में दर्द या सुन्नता महसूस कर सकते हैं।
लाइम रोग के अन्य सामान्य लक्षणों में बुखार, ठंड लगना और शरीर में दर्द शामिल हैं। अगर यह तिकड़ी परिचित लगती है, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि लक्षण किसी भी संक्रमण के बाद प्रकट हो सकते हैं, जैसे कि फ्लू। सीडीसी के अनुसार, आप अन्य बीमारियों का पता लगाने के लिए डॉक्टर से टेस्ट करवा सकते हैं, लेकिन लाइम रोग के लिए एंटीबॉडी आमतौर पर संक्रमण के बाद हफ्तों तक टेस्ट में दिखाई नहीं देते हैं। ऐसे में इस समस्या पर रेगुलर नजर रखने की जरूरत है।