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Fefdon ke rog: किसी के लिए भी जानलेवा बन सकती हैं फेफड़ों की ये बीमारी, ये 4 लक्षण जो नहीं होने चाहिए इग्नोर

Lungs health: हमारे शरीर के फेफड़ों में होने वाली कई ऐसी बीमारियां हैं, जिन पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो कई जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं और इस लेख में हम आपको इन्हीं समस्याओं के बारे में बताने वाले हैं।

Fefdon ke rog: किसी के लिए भी जानलेवा बन सकती हैं फेफड़ों की ये बीमारी, ये 4 लक्षण जो नहीं होने चाहिए इग्नोर

Written by Mukesh Sharma |Published : March 18, 2024 9:11 AM IST

Serious conditions of lungs: फेफड़े हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है और ये भी उन्हीं अंगों में से एक हैं जिन्हें बिना रुके लगातार काम करना पड़ता है। इन्हें महत्वपूर्ण अंगों में से एक इसलिए गिना जाता है, क्योंकि हमारे शरीर को हर सेकंड के लिए चाहिए होने वाली ऑक्सीजन को हम तक उपलब्ध कराने में फेफड़ों का काम सबसे महत्वपूर्ण और सबसे पहला होता है। जब भी फेफड़े ठीक से काम करना बंद कर देते हैं, तो इसके कारण आपका स्वास्थ्य ठीक से काम करना बंद कर देता है और इस कारण से आपका शरीर भी प्रभावित हो जाता है। लेकिन फेफड़ों को हेल्दी रखना भी बहुत ज्यादा जरूरी है, क्योंकि जब फेफड़े स्वस्थ नहीं रहते हैं तो इसके कारण उनमें कई तरह की बीमारियां होने लगती है जिससे उनकी काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। इस लेख में हम आपको फेफड़ों में होने वाली कुछ ऐसी ही बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जो सीधे फेफड़ों के काम करने की क्षमता को प्रभावित कर देती हैं और ऐसे में कई बार कई जानलेवा स्थिति पैदा कर देते हैं। चलिए जानते हैं फेफड़ों में होने वाली कुछ ऐसी बीमारियां और उनके शुरुआती लक्षणों के बारे में।

1. सीओपीडी (COPD)

क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी सीओपीडी (COPD) फेफड़ों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिसे इग्नोर करना जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। सीओपीडी कई सालों को तक धीरे-धीरे विकसित होता है और श्वसन मार्गों को डैमेज करता रहता है। सांस फूलना, कोई मेहनत का काम न कर पाना, थोड़ी सी फिजिकल एक्टिविटी करते ही थक जाना और सुबह के समय सूखी खांसी या उसके साथ बलगम आना आदि लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

2. ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)

कई प्रकार के संक्रमण हैं जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। जब फेफड़ों में विकसित होने वाला बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण और वायरल बुखार बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह ब्रोंकाइटिस के रूप में विकसित हो जाता है। यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है, जो धूम्रपान करते हैं, किसी फैक्ट्री में काम करते हैं या फिर किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां ज्यादा प्रदूषण रहता है।

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3. सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic Fibrosis)

फेफड़ों की बीमारियां ज्यादातर प्रदूषण या धूम्रपान से ही जुड़ी होती हैं, लेकिन कई जेनेटिक कंडीशन भी हैं जो आपके फेफड़ों को डैमेज कर सकती हैं। इन बीमारियों में प्रमुख रूप से सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसी कंडीशन मौजूद हैं। सिस्टिक फाइब्रोसिस में आपके फेफड़े डैमेज होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, क्योंकि इसमें बार-बार गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है।

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4. पल्मोनरी एंबोलिज्म (Pulmonary Embolism)

फेफड़ों में होने वाली ये बीमारी आमतौर पर रक्त के थक्के से जुड़ी होती है, क्योंकि इसमें शरीर के किसी हिस्से में बना हुए रक्त का थक्का रक्त के माध्यम से फेफड़ों की किसी धमनी में जाकर फंस जाता है। यह थक्का ज्यादातर मामलों में टांग के किसी हिस्से से निकल कर जाता है। फेफड़े की धमनी में जाकर फंसने के कारण यह थक्का सांस लेने में दिक्कत पैदा करने लगता है, जिससे कई बार कई जानलेवा स्थितियां पैदा हो जाती हैं।