फाइब्रोसिस, लंग इंफेक्शन से ग्रस्त कोरोना पॉजिटिव मरीज के फेफड़े का पहली बार हुआ सफल प्रत्यारोपण

कोरोनावायरस पॉजिटिव एक मरीज के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त फेफड़ों को चेन्नई के अस्पताल में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक बदल दिया है। हॉस्पिटल ने अपने बयान में कहा है कि यह कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के फेफड़ों के प्रत्यारोपण का एशिया का पहला ज्ञात मामला है।

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Written By: Anshumala | Updated : August 29, 2020 7:02 PM IST

Lung Infection and Corona: पहली बार एशिया में एक 48 वर्षीय कोरोना से पॉजिटिव मरीज के फेफेड़े का सफल प्रत्यारोपण (Lung transplant) किया गया है। कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus patient) इस मरीज के फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त थे, जिसे चेन्नई के एक हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की एक टीम ने सफलतापूर्वक बदल दिया है। यह कोविड मरीज दिल्ली का रहने वाला है। इस प्राइवेट हॉस्पिटल ने अपने बयान में कहा है कि यह एशिया का ऐसा पहला मामला है, जिसमें एक कोरोना से संक्रमित मरीज (Covid-19) के लंग्स को ट्रांसप्लांट (Lung transplant) करने में सफलता हासिल हुई है।

लॉकडाउन के बाद हॉस्पिटल में किया गया दूसरा लंग ट्रांसप्लांट

ऐसा भी कहा जा रहा है कि यह लॉकडाउन के बाद से हॉस्पिटल में किया गया दूसरा फेफड़ा प्रत्यारोपण (Lung transplant) है। अस्पताल ने कहा कि इस मरीज के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण (Lung Infection) था। कोविड -19 से संबंधित फाइब्रोसिस (Fibrosis) के कारण उसके फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे।

फेफड़े का एक छोटा हिस्सा ही कर रहा था काम

एमजीएम हेल्थकेयर के अनुसार, मरीज का कोरोनावायरस का टेस्ट (Coronavirus test) 8 जुलाई को हुआ था, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया था। साथ ही उसके फेफड़े बुरी तरह से खराब हो चुके थे, जिसके कारण छोटा सा हिस्सा ही काम कर रहा था। जब उसकी कंडीशन खराब होने लगी तो उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। उसकी स्थिति जब ज्यादा खराब हो गई तो उसे 20 जुलाई को एयरलिफ्ट करके चेन्नई ले जाया गया।

चेन्नई में एक महीने से अधिक समय तक उसे ईसीएमओ सपोर्ट पर रखा गया। बाद में डॉक्टर्स ने उसके फेफड़ों का प्रत्यारोपण (Lung Infection and Corona) करने का फैसला किया। 27 अगस्त को उसके फेफड़ों का सफल ट्रांसप्लांट किया गया, जिसका नेतृत्व कार्डियक साइंसेज के अध्यक्ष और निदेशक डॉ.के.आर. बालकृष्णन ने किया। फिलहाल मरीज आईसीयू में है और प्रत्यारोपित किए गए फेफड़े भी सही तरह से अपना काम कर रहे हैं।

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