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Written By: Editorial Team | Published : August 28, 2017 5:04 PM IST
फेफड़े हमारे शरीर के अभिन्न अंग है और हम दिन भर में जितनी हवा सांस के द्वारा अंदर लेते हैं उसकी गंदगी को फ़िल्टर करना ही उनका मुख्य काम है। अधिक धूम्रपान और प्रदूषण वाली जगह पर रहने से फेफड़े जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या फेफड़ों को भी ट्रांसप्लांट किया जा सकता है?
इस बारे में हमने बैंगलोर स्थित नारायण हेल्थ सिटी के लंग ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. सैयद जेड तौशीद, डॉ. बाशा जे खान, डॉ. बी वी मुरली मोहन से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि हाँ यह सही है कि फेफड़े का प्रत्यारोपण हो सकता है लेकिन बाकी अंगों की तरह इसे सामान्यतः ट्रांसप्लांट नहीं किया जाता है। इसलिए लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में फेफड़े का प्रत्यारोपण बहुत ही कम होता है और इसकी संख्या 200 से भी कम है।
आखिर किसको जरुरत है फेफड़े के प्रत्यारोपण की : जो लोग फेफड़े की गंभीर समस्या से ग्रसित होते हैं उनके लिए लंग ट्रांसप्लांट आखिरी समाधान होता है। यदि कोई व्यक्ति फेफड़े की गंभीर समस्या से ग्रसित है और उसमें कोई सुधार नज़र नहीं आता है तब जाकर फेफड़े के प्रत्यारोपण का निर्णय लिया जाता है। इसके अलावा जो मरीज काफी दिनों से सिर्फ आक्सीजन सप्लाई पर ही निर्भर हैं उनके लिए भी लंग ट्रांसप्लांट काफी फायदेमंद साबित होता है।
फेफड़े के प्रत्यारोपण से पहले चाहे वह एक फेफड़ा हो या दोनों हों कई सारे क्लिनिकल टेस्ट किये जातें हैं जिससे यह पता चलता है कि यह अंग प्रत्यारोपण करने के लिए फिट है भी या नहीं। जब यह सुनिश्चित कर लिया जाता है कि वह अंग फिट है तो फिर फेफड़े को 6 घंटे के अंदर ही ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में ज्यादा देर करने से फेफड़े खराब हो सकते है। फेफड़ों के ट्रांसप्लांट के लिए मृत व्यक्ति के शरीर से एक या दोनों फेफड़ों को निकला जाता है और जीवित व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किया जाता है।
चूंकि फेफड़ा एक बहुत ही सक्रिय अंग होता है इसलिए इस पूरी प्रक्रिया के बाद डॉक्टर मरीज को कई तरह के परहेज बताते हैं और उनका गंभीरता से पालन भी करना चाहिये। लंग ट्रांसप्लांट के बाद अधिकांश मरीजों को इम्मुनोसप्रेसेंट दवाइयां दी जाती हैं जिससे बॉडी इस नए अंग को रिजेक्ट ना करे। इसी वजह से मरीज को ऐसे माहौल में रखा जाता है जहां बिल्कुल भी प्रदूषण ना हो और फेफड़े ठीक से काम करना शुरू कर दें।
हालांकि आप समझ लें कि फेफड़ों को ट्रांसप्लांट कराना बहुत ही महंगी और मुश्किल प्रक्रिया है और इसमें आपके परिवार वालों का सपोर्ट बहुत ज़रूरी है।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock