
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : August 2, 2023 4:38 PM IST
How raining damage lung problems in hindi: बारिश का मौसम लोगों को सिर्फ तब तक ही अच्छा लगता है, जब तक उसे आए हुए एक दो दिन ही होते हैं और उसके बाद लोग बारिश के मौसम से भी परेशान हो जाते हैं। दरअसल, मौसम बहुत ज्यादा ठंडा होने और बाहर निकलते ही बारिश के पानी में भीगने के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियां होने लगती हैं। कई शहरों में अभी से पहले ही कुछ लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार और एलर्जी आदि के लक्षण महसूस होने लगे हैं, जिससे लोग काफी परेशान हैं। लेकिन यह भी सच है कि चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए लोग इन छोटी-मोटी बीमारियों को सहन करने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। लेकिन बारिश के मौसम में कुछ ऐसी बीमारियां भी हो सकती हैं, जो बीमार नहीं बहुत ज्यादा बीमार बना सकती हैं और शरीर के कुछ अंदरूनी अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। इस लेख में हम आपको बारिश के मौसम में होने वाली 5 ऐसी बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जो आपके फेफड़ों को डैमेज कर सकते हैं।
लंबे समय तक बारिश का मौसम रहना फेफड़ों के लिए हानिकारक माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लगातार कई दिनों तक बारिश या बारिश जैसा मौसम रहने के कारण हवा में नमी हो जाती है, जिससे सांस के माध्यम यह नमी फेफड़ों में जाने लगती है। फेफड़ों में जाने के बाद धीरे-धीरे फंगस बनने लगती है और फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
मानसून या बारिश के मौसम के दौरान बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। बारिश के मौसम में बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा आमतौर पर उन अंगों में ज्यादा होता है जो सीधे बारिश या उसके पानी के संपर्क में आते हैं और इनमें फेफड़े भी शामिल है। फेफड़ों में बैक्टीरियल संक्रमण होना गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
बारिश के मौसम में एलर्जी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है और ज्यादातर एलर्जी के लक्षण हमारी श्वसन प्रणाली में ही देखे जाते हैं। श्वसन प्रणाली में होने वाले लक्षण सीधे आपके फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। सरल शब्दों में कहें तो बारिश के मौसम में होने वाली एलर्जी के कारण फेफड़ों में भी कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
बारिश के मौसम में मौसम बहुत ज्यादा नम हो जाता है और ऐसा आमतौर पर बारिश रुकने के बाद होने लगता है। बारिश रुकने के बाद मौसम बहुत ज्यादा नम हो जाता है और इसके कारण सांस लेने में दिक्कत व सांस फूलने लगता है। सांस से जुड़ी ये दोनों ही बीमारियां गंभीर हैं और फेफड़ों को कमजोर बनाती हैं।
लंबे समय से बारिश रहना यानी धूप से विटामिन न मिल पाना साथ ही अगर आप डाइट से भी पर्याप्त मात्रा में विटामिन नहीं ले पा रहे हैं, तो इससे शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। विटामिन डी की कमी सीधे आपके फेफड़ों को भी नुकसान पंहुचाती है।