
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Naveen Sanchety
लंग कैंसर एक घातक बीमारी है।
सर्दी लग गई होगी, धूल की वजह से खांसी है, काम का स्ट्रेस है, इसलिए थकान रहती है। लंग कैंसर के साथ सबसे बड़ा धोखा यही है। किसी व्यक्ति को लंग कैंसर आता है, लेकिन चुपके से। और हम इसके शुरुआती अलार्म को रोजमर्रा की थकान और मौसम समझकर इग्नोर कर देते हैं। नतीजा? जब पता चलता है, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। फरीदाबाद के सेक्टर- 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नवीन संचेती कहते हैं कि भारत में इतनी तकनीक आने के बावजूद लंग कैंसर का पता तीसरे या चौथे स्टेज में चलता है। इसका मुख्य कारण है लोग लंबे समय तक चलने वाली खांसी को ज्यादा गंभीर नहीं मानते हैं और इससे राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले कफ सिरप का इस्तेमाल करने लगते हैं।
सांकेतिक तस्वीर
फेफड़े हमारे शरीर का वो हिस्सा हैं जिनमें दर्द के नर्व नहीं होते। इसलिए जब ट्यूमर छोटा होता है, तो आपको दर्द या कोई तेज लक्षण महसूस ही नहीं होता है। दूसरी वजह लंग कैंसर के पहचान में देरी से आने की यह भी है कि इसके लक्षण सामान्य बीमारी जैसे लगते हैं। आइए जानते हैं किन लक्षणों पर हमें गौर करना चाहिए-
डॉ. नवीन संचेती कहते हैं समस्या ये है कि ये सभी लक्षण सर्दी, अस्थमा, TB या सिर्फ कमजोरी में भी होते हैं। इसलिए मरीज और कई बार डॉक्टर भी पहले इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
कैंसर का इलाज तब सबसे आसान होता है जब वो स्टेज 1 में पकड़ा जाए। और लंग कैंसर को स्टेज 1 में पकड़ने का सिर्फ एक तरीका है - स्क्रीनिंग।स्क्रीनिंग का मतलब है - लक्षण आने से पहले ही जांच करवा लेना। खासकर हाई-रिस्क लोगों के लिए।
अगर आपकी उम्र 50 से 80 साल के बीच है और आपने अपनी लाइफ में 20 पैक-ईयर से ज्यादा स्मोकिंग की है। पैक-ईयर = रोज कितने पैकेट x कितने साल, जैसे रोज 1 पैकेट 20 साल = 20 पैक-ईयर और आपने पिछले 15 साल में स्मोकिंग छोड़ी है या अभी भी करते हैं। अगर ये 3 बातें आप पर लागू होती हैं, तो आप हाई-रिस्क कैटेगरी में हैं। ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह पर साल में एक बार लंग कैंसर की स्क्रीनिंग जरूर करवानी चाहिए।
घर में कोई 30 साल से स्मोकर है और आप उसी धुएं में रहे हैं। इसके अलावा आपके माता-पिता, भाई-बहन में से किसी को लंग कैंसर हुआ है तो भी आप लंग कैंसर की हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से बात करके लंग कैंसर की स्क्रीनिंग जरूर करवानी चाहिए।
डॉ. नवीन संचेती कहते हैं कि लंग कैंसर खतरनाक है, इसमें कोई दो राय नहीं। लेकिन खतरनाक इसलिए है क्योंकि हम इसे देर से पकड़ते हैं। इसलिए 3 बातें गांठ बांध लीजिए कि हमेशा अपने शरीर की सुनिए - 3 हफ्ते से ज्यादा खांसी, बिना वजह वजन घटना, लगातार थकान को नॉर्मल मत कहिए। अगर आप हाई-रिस्क में हैं तो LDCT स्क्रीनिंग कराइए - ये 10 मिनट की जांच आपकी जिंदगी बचा सकती है। अपने फेफड़े के डॉक्टर या फिजिशियन से इस बारे में पूछें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण या स्क्रीनिंग के लिए अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।