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इन लोगों को रहता है फेफड़ों के कैंसर का ज्यादा जोखिम, बचाव के लिए अपनाएं जरूरी टिप्स

Lung Cancer: फेफड़ों का कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। कुछ लोगों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा अधिक रहता है। जानें, इनके बारे में-

Written By Anju Rawat
Published : July 30, 2025 3:06 PM IST

Lung Cancer Risk Factors: फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनता है। फेफड़ों का कैंसर, दुनियाभर में कैंसर से संबंधित मौतों का प्रमुख कारण है। यह कैंसर पुरुषों और महिलाओं, दोनों को हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण होता है, जो लगभग 85 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार होता है।

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आपको बता दें कि जब फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर होता है। यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो पीड़ित व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है। यहां तक कि यह जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए फेफड़ों के कैंसर का समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। लगातार खांसी होना, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ आदि फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। वैसे तो फेफड़ों का कैंसर किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में फेफड़ों के कैंसर का जोखिम अधिक रहता है। हालांकि, आज भी कई लोगों फेफड़ों के कैंसर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इसलिए फेफड़ों के कैंसर के प्रति लोगों में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 1 अगस्त को विश्व लंग कैंसर दिवस (World Lung Cancer Day) मनाया जाता है। आइए, आज इसी मौके पर एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल, सोनीपत के चेयरमैन और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. अरुण कुमार गोयल से जानते हैं फेफड़ों का कैंसर किसे हो सकते हैं (Fefdo ka Cancer Kise Ho Skta Hai)?

FAQ'S

1. क्या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (Vape) सुरक्षित हैं?

नहीं, इनमें भी निकोटिन और कई अन्य हानिकारक केमिल होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इससे भी आपको बचना चाहिए।

2. क्या फेफड़ों के कैंसर का इलाज संभव है?

जी हां, अगर फेफड़ों के कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही पहचान लिया जाए तो सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी की मदद से इसका इलाज संभव है।

3. फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

लगातार खांसी, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी में खून आना और अचानक वजन घटना आदि फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

4. क्या नॉन-स्मोकर को भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है?

जी हां, जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं, उन्हें भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। पैसिव स्मोकिंग, प्रदूषण और आनुवंशिक कारणों से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।

धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को

जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें फेफड़ों के कैंसर का जोखिम अधिक रहता है। धूम्रपान या तंबाकू फेफड़ों के कैंसर का एक सबसे बड़ा कारण है। लंबे समय तक बीड़ी, सिगरेट और हुक्का पीने वाले लोगों में कैंसर का खतरा 20 गुना तक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, पैसिव स्मोकिंग से प्रभावित लोगों में भी फेफड़ों के कैंसर का रिस्क अधिक रहता है।

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खराब वायु गुणवत्ता में रहने वाले लोगों को

खराब वायु गुणवत्ता यानी वायु प्रदूषण में रहने वाले लोगों में भी फेफड़ों के कैंसर का जोखिम अधिक रहता है। खासकर, औद्योगिक क्षेत्र और ट्रैफिक वाले शहरों जैसे दिल्ली में रहने वाले लोगों में भी इसका खतरा अधिक रहता है।

पारिवारिक इतिहास

जिनके परिवार में पहले से किसी को फेफड़ों के कैंसर की हिस्ट्री रही है, उनमें इसका जोखिम ज्यादा बना रहता है। यानी फेफड़ों का कैंसर आनुवंशिक भी हो सकता है। इसलिए अगर परिवार में किसी को फेफड़ों का कैंसर रहा है, तो समय-समय पर फेफड़ों की जांच जरूर करवाएं।

फेफड़ों के कैंसर से बचाव कैसे करें?

  • फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए सबसे पहले धूम्रपान पूरी तरह से छोड़ें। यह फेफड़ों के कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है।
  • फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए आपको हेल्दी लाइफस्टाइल को जरूर फॉलो करना चाहिए।
  • इसके लिए हेल्दी डाइट लें। डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
  • प्रदूषण में जाने से पहले मास्क जरूर लगाएं।
  • फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए योग और प्राणायामजरूर करें।
  • अगर फेफड़ों के कैंसर का पारिवारिक इतिहास है, तो समय-समय पर चेकअप जरूर करवाएं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।