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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 4, 2021 11:10 AM IST
कोरोना रोगियों को शरीर के इस अंग पर हो रहा कैंसर, 75 फीसदी में नहीं दिखाई देते लक्षण
यूं तो दुनियाभर में कोरोना वैक्सीनेशन का काम बहुत तेजी से चल रहा है लेकिन जिन लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है उनके साथ कई अलग तरह की परेशानियां भी सामने आ रही हैं। जी हां, कोरोना का इलाज करा रहे बहुत से लोग अनचाहे ही लंग कैंसर यानी की फेफड़ों के कैंसर का शिकार हो रहे हैं और तो और वह इस बात से वाकिफ भी नहीं है कि उनकी हालत बिगड़ रही है। हालांकि शुरुआत में ही उपचार प्राप्त कर जल्द से जल्द ठीक हुआ जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में फेफड़ों के कैंसर का पता आमतौर पर एडवांस स्टेज में ही चल पाता है, जब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
बता दें कि भारत में फेफड़ों के कैंसर के करीब 75 फीसदी मामलों का पता स्टेज-4 में जाकर ही चलता है और इसके लक्षण स्टेज 1 से लेकर तक आमतौर पर नहीं दिखाई देते हैं।
कोविड प्रोटोकॉल के कारण डॉक्टरों ने बेंगलुरू में एक उम्रदराज महिला व पुरुष में फेफड़ों के कैंसर का पता लगाया और ये दोनों ही कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे। हालांकि इन्होंने शुरुआत में ही इलाज शुरू किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए थे। दरअसल हुआ यूं था कि एक 69 वर्षीय पुरुष जुलाई 2020 में कोरोना के गंभीर संक्रमण का शिकार हुए थे। जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो उनका हाइपोक्सिया ऑक्सीजन सैच्यूरेशेन लेवल बहुत कम हो चुका था, जिसके बाद उनके सीने का सीटी स्कैन किया गया था।
सीटी स्कैन में यु खुलासा हुआ है कि सीने को देखकर ये पता चला कि उसके फेफड़ों में कोरोना इंफेक्शन था । इसके साथ ही डॉक्टरों ने ये भी पता लगाया कि उसके फेफड़ों में घाव हो चुका था। पीड़ित व्यक्ति को कोरोना से ठीक होने में करीब 20 दिन लगे और उसे ऑन्कोलॉजिस्ट से मिलने की सलाह दी गई।
उसके बाद मरीज का PET स्कैन कराया गया, जिसमें ये पता चला है कि फेफड़ों में घाव कैंसर के शुरुआती लक्षणों में से एक है। जिसके बाद उन्हें बायोप्सी के लिए ले जाया गया, जिसमें ये पता चला कि फेफड़ों में घाव कैंसरकारी था।
अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर ने रोगी के बारे में बताया कि उनमें स्टेज-2 कैंसर का पता चला, जिसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। शुरुआत में ही कैंसर का पता चलने के बाद मरीज को काफी फायदा मिला नहीं तो देर हो सकती थी।
वहीं दूसरे मामले में 74 साल की महिला में कोरोना के गंभीर लक्षण पाए गए थे, जिन्हें भी सीने के सीटी स्कैन के लिए ले जाया गया और स्केन से मालूम हुआ कि उनके फेफड़ों में भी घाव हो चुका है। घाव के साथ-साथ सीने में लिफ नोड भी फैल चुके थेऔर अन्य लक्षण दिखाई दे रहे थे। इन सबके सामने आने के बाद उन्हें रेडिएशन थेरेपी दी गई और उसके बाद उपचार शुरू किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि हमने देखा है कि बहुत से धूम्रपान नहीं करने वाले लोगों और महिलाओं में भी फेफड़ों के कैंसर का पता चल रहा है जैसा कि पहले कभी नहीं हुई। ऐसा अक्सर धूम्रपान करने वाले लोगों के फेफड़ों में होता था।
सीने में लगे ये दिक्कत तो तुरंत कराएं फेफड़ों की जांच
- अगर दो हफ्ते से ज्यादा खांसी आ रही हो
– सांस लेने में कठिनाई
– सांस की तकलीफ के साथ क्रोनिक बीमारी या थकान
– सांस लेते समय दर्द होना
– छाती में बार-बार इन्फेक्शन होना