Lung Cancer Awareness Month: क्या होता है लंग कैंसर और कैसे होती है इसकी शुरुआत? जानिए लंग कैंसर के बारे में सबकुछ

नवंबर का महीना लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ (Lung Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है। जिसका मकसद लोगों को लंग कैंसर के प्रति जागरुक करने के साथ ही अपने फेफड़ों को मजबूत बनाना होता है। आज इस लेख में हम आपको लंग कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके बता रहे हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 9, 2020 11:05 AM IST

वर्तमान में दुनियाभार में मौजूद सबसे आम कैंसर में से फेफड़ों का कैंसर है। धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर होने का सबसे मुख्य कारण होता है। इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि फेफड़ों के कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान और उसके धूएं से दूर रहें। हालांकि लंग कैंसर होने के पीछे और भी कई कारण जिम्मेदार होते हैं। नवंबर का महीना लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ (Lung Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है। जिसका मकसद लोगों को लंग कैंसर के प्रति जागरुक करने के साथ ही अपने फेफड़ों को मजबूत बनाना होता है। आज इस लेख में हम आपको लंग कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके बता रहे हैं।

लंग कैंसर के लक्षण

1. गहरी या लंबी सांस लेने में तकलीफ महसूस होना।

2. सांस लेते समय सीने से सीटी जैसी आवाज सुनाई देना।

3. चेहरे और गले मे सूजन होना भी लंग कैंसर से हो सकता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर अचानक से गले और चेहरे में सूजन या कोई बदलाव दिखाई दे तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

4. सीने के साथ-साथ पीठ और कंधों में भी दर्द महसूस होना।

5. बार बार कफ संबंधी अन्य समस्याएं जैसे थूक में कफ या खून का आना भी लंग कैंस का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

लंग कैंसर होने के क्या कारण हैं?

लंग कैंसर होने का सबसे मुख्य कारण धूम्रपान करना है। लेकिन पिछले कुछ समय से ऐसे कई लोग भी फेफड़ों के कैंसर का शिकार हो रहे हैं जो धूम्रपान का सेवन नहीं करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक धूम्रपान ना करने वाले लोगों के बीच इस बीमारी की तीन से चार गुना की वृद्धि हुई है। ऐसा पैसिव स्मोकिंग के कारण होता है। यानि कि अगर आप स्मोकिंग नहीं भी करते हैं लेकिन किसी तरह से स्मोकिंग के धूएं के संपर्क में रहते हैं तो आपको भी लंग कैंसर हो सकता है।

इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाहरी हवा में श्रेणी-1 कार्सिनोजेन प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं, जो कैंसर पैदा करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है। इसके अलावा प्रदूषण भी लंग कैंसर का कारण बनता है।

लंग कैंसर से ऐसे करें बचाव

1. कई लोग खतरनाक केमिकल्स के सम्पर्क में आने से भी लंग कैंसर का शिकार हो जाते हैं। अगर आप भी किसी ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां आसपास केमिकल्स की फैक्ट्री है या किसी और तरीके से हवा में केमिकल्स घुलने की संभावना बनती है। तो अपने घर की हवा की क्वालिटी चेक कराएं। अपने डॉक्टर की मदद से घर को सुरक्षित बनाने की कोशिश करें। स्थानीय हेल्थ डिपार्टमेंट से सम्पर्क करें और उनसे इस विषय में मदद के लिए कहें।

2. डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज का करें अभ्यास- बॉडी में ऑक्सीजन की कमी आपको फेफड़ों की समस्या या दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नियमित रूप से डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यास करें। इससे आपके फेफड़ों को मजबूती मिलने के साथ ही बॉडी को डिटॉक्स होने में भी मदद मिलेगी।

3. स्मोकिंग करने से बचना लंग कैंसर से बचने के लिए अहम है। जो लोग सिगरेट, बीड़ी या किसी अन्य प्रकार की स्मोकिंग करते हैं, तो इस आदत को बदल दें। कोशिश करें कि धीरे-धीरे आप इस आदत को कंट्रोल कर सकें। इसी तरह अपने आसपास के लोगों और बच्चों को भी सिगरेट की आदत से दूर रखने की कोशिशें करें।

4. व्यायाम फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आपके दिल और मांसपेशियों को अच्छी तरह से ऑक्सीजन मिलती है। सांस की तकलीफ, सांस लेते समय दर्द, गतिविधि में बदलाव के साथ चक्कर आना, और लगातार खांसी फेफड़े की समस्याओं के कुछ लक्षण हैं। इन लक्षणों का अनुभव होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

5. अपनी डायट की मदद से भी आप लंग कैंसर के खतरे को थोड़ा कम कर सकते हैं। हेल्दी डायट लें। अपनी डायट में मौसमी फल, हरी सब्ज़ियां, एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर नैचुरल फूड्स जैसे मसाले और हर्ब्स आदि शामिल करें। इसके अलावा, एक्सरसाइज़ करें, एक्टिव रहें और प्राणायाम, योग आदि की मदद से लंग्स को मज़बूत बनाने के प्रयास करें।

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