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अकेलापन सेहत को पहुंचा सकता है नुकसान, इन उपायों से करें इस समस्या को दूर

अकेलेपन का सबसे बड़ा कारण है मन पर काबू न होना। ऐसे में उन विचारों को अपने से दूर रखें, जो आपको परेशान करती हैं। जिंदगी में होने वाली हर अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करें।

आज दुनिया भर में अकेलेपन की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। फिर चाहे बुजुर्ग हों या युवा वर्ग। यदि आपको भी अकेले रहना पसंद है, तो इस शौक को बदल लीजिए क्योंकि अकेलापन आपकी आयु और स्वास्थ्य दोनों के लिए ही खतरनाक साबित हो सकता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि आपके जीवन को जितना नुकसान शराब और सिगरेट पीने से होता है, उतना ही नुकसान अकेले रहने से भी होता है।

जो लोग सामाजिक तौर पर सबसे मिलते-जुलते हैं या फिर एक-दूसरे के साथ घुल-मिलकर रहते हैं, वे अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में 50 फीसदी अधिक जीते हैं। शोधकर्ता के अनुसार, अकेलापन शरीर को ठीक उतना नुकसान पहुंचाती हैं, जितना एक दिन में 15 सिगरेट पीने से शरीर को होता है। समाज से जुड़ाव रखने वाले व्यक्ति अकेलेपन में रहने वालों की तुलना में औसतन चार साल अधिक जीवित रहे। शोध में कहा गया है कि जो व्यक्ति जितना सामाजिक होता है, उसके अधिक दिन तक जीवित रहने की संभावना ज्यादा होती है। इससे आयु में वृद्धि होने के साथ ही हमारा स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। आप मानसिक रूप से रिलैक्स और खुशी महसूस करते हैं। तनाव और अवसाद से बचे रहते हैं।

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मानसिक और शारीरिक रूप हो सकते हैं बीमार

अकेलापन आपको न सिर्फ मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी बीमार कर देता है। अकेलेपन से अवसाद, तनाव, व्याकुलता और आत्मविश्वास में कमी जैसी मानसिक परेशानियां होती हैं। साथ ही अकेलेपन से शारीरिक बीमारियां होने के खतरे भी काफी बढ़ जाते हैं।

क्या है अकेलापन

अवसाद और अकेलापन दोनों को एक सिक्‍के के दो पहलू हैं। इसकी वजह से नकारात्‍मक विचार पैदा होते हैं। अवसाद के कारण भी अकेलापन हो सकता है, लेकिन अकेलापन के कारण अवसाद हो यह जरूरी नहीं है। जब कोई अकेला महसूस करता है तब वह अपने चारों ओर एक सुरक्षा कवच बना लेता है और वास्‍तविक दुनिया से बिल्‍कुल अलग हो जाता है। अकेले होने का अर्थ केवल शारीरिक रूप से अकेले होना ही नहीं बल्कि जुड़ाव महसूस न होना या परवाह न किया जाना भी होता है। अकेलापन मानसिक अवसाद को उत्पन्न करता है। ऐसे में जरूरी है कि आपके आसपास जो भी अकेला हो या अकेलापन महसूस करता हो, उसे समझनें की कोशिश करें। उन्हें अकेलेपन के एहसास से सुरक्षित रखने के लिए उनको समय-समय पर अपनी कंपनी दें। उनकी भावनाओं को समझें। उनसे बातें करें, उनके साथ घूमे-फिरें।

अकेलेपन को ऐसे करें दूर

- अकेलेपन का सबसे बड़ा कारण है मन पर काबू न होना। ऐसे में उन विचारों को अपने से दूर रखें, जो आपको परेशान करती हैं। जिंदगी में होने वाली हर अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करें।

- खुद के लिए थोड़ा वक्त निकालें। ऐसा करके आप अकेलेपन के कारणों को ढूंढ सकते हैं। अकेलापन महसूस हो, तो टहलने चलें जाएं। मेडिटेशन करें। अच्छी सी कोई मजेदार फिल्म देखें। गाना सुनें। खुद को जीवंत करने की कोशिश करें।

- खुद से प्‍यार करें। आपको आपसे ज्यादा कोई दूसरा नहीं जानता होगा इसलिए अपनी अच्‍छी या बुरी चीजों को समझें। जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव करें। जिंदगी के हर एक पल बहुत अनमोल हैं, इनको यूं ही अकेले रहकर न गंवाएं, इसे जी-भरकर इंज्‍वॉय करें।

- अपने अंदर की रचनात्‍मकता को बाहर निकालें। आपके अंदर जो भी खासियत छुपी हुई है, उसे बाहर लाएं। अपने अधूरे शौक को पूरा करें। नई एक्टिविटीज में हिस्सा लें।

- अकेलेपन को दूर करने के लिए नए लोगों से मिलें, दोस्ती का दायरा बढ़ाएं। अपने परिवार के लोगों से फोन और सोशल मीडिया पर जुड़े रहें। दोस्‍तों के साथ थोड़ा वक्‍त बिताएं, इससे आपको अच्‍छा लगेगा और अकेलेपन का एहसास भी नहीं होगा।

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