
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Liver damage symptoms in stool: लिवर हमारे शरीर के उन अंगों में से एक है, जिसका बिना हमारा शरीर एक मिनट के लिए भी काम नहीं चला सकता है। आपने भी देखा होगा जब भी आप किसी बीमारी के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वे कोई भी दवा देने से पहले आपके लिवर का टेस्ट करते हैं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि आपका लिवर कितना हेल्दी है। क्योंकि लिवर से जुड़ी कोई समस्या आपकी पूरी सेहत को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, सिर्फ टेस्ट करके ही नहीं बल्कि शरीर में होने वाले लक्षणों की पहचान करके भी लिवर के स्वास्थ्य का पता लगाया जा सकता है। बहुत ही कम लोग जानते हैं कि लिवर से जुड़ी कुछ बीमारियों का पता मल में हुए बदलावों से भी लगाया जा सकता है। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ जानकारियां देने वाले हैं, जिसकी मदद से लिवर से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का पता स्थिति को नियंत्रण से बाहर होने से पहले ही लगाया जा सकता है, चलिए जानते हैं इसके बारे में
मल के रंग में होने वाला बदलाव आपके लिवर के स्वास्थ्य से जुड़ी कई जानकारियां दे सकता है। यदि मल का रंग पीला है, तो यह पीलिया या फिर लिवर से जुड़ी कई समस्याओं का संकेत हो सकता है। ऐसा आमतौर पर इसलिए क्योंकि बाइल यानी पीतरस मल तक पर्याप्त मात्रा में न पहुंच पाने के कारण ही मल का रंग पीला पड़ता है और इसके पीछे लिवर से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
मल का रंग गहरा होना जैसे काले, डार्क ब्राउन या फिर डार्क ग्रे रंग का मल भी लिवर से जुड़ी कई परेशानियों का संकेत हो सकता है। लिवर सिरोसिस के गंभीर चरणों में भी मल का रंग डार्क देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ब्लड पर्याप्त मात्रा में लिवर तक नहीं पहुंच पाता है, जिससे आंत से लिवर तक ब्लड ले जाने वाली वाहिकाओं में प्रेशर बढ़ जाता है।
दस्त लगना वैसे तो आमतौर पर पाचन आदि से जुड़ी समस्या का ही संकेत होता है, लेकिन अचानक से दस्त लगना लिवर से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है और इसलिए इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। एक्यूट लिवर फेलियर के मामलों में एक्यूट डायरिया जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं और इसलिए इन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए। दस्त के साथ-साथ उल्टी आदि के लक्षण भी देखे जा सकते हैं।
लिवर से जुड़ी कुछ समस्याएं कई बार आपकी पाचन क्रिया को गंभीर रूप से प्रभावित कर देती हैं। लिवर से जुड़ी किसी भी प्रकार की बीमारी जैसे लिवर में सूजन, लिवर ठीक से काम न कर पाना या सिरोसिस आदि के शुरुआती लक्षणों में पाचन क्रिया गंभीर रूप से खराब हो सकती है, जिससे मल में चिपचिपापन या बलगम जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं।
क्रोनिक लिवर डिजीज, क्रोनिक लिवर फेलियर और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों के गंभीर चरणों में मल में खून जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन बीमारियों में रक्त लिवर तक नहीं पहुंच पाता है और रक्त वाहिकाओं में प्रेशर बढ़ने के कारण मल में खून देखने को मिल सकता है। मल में खून के अलावा खून की उल्टी से जुड़े लक्षण भी देखे जा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यदि आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो आपको बिना देरी किए जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।