Lifestyle habits that can cause cancer: कैंसर की बीमारी ना केवल गम्भीर है बल्कि दुनियाभर में लोगों में यह बीमारी बहुत तेजी से बढ़ भी रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council for Medical Research) के अनुमान के अनुसार, साल 2025 तक कैंसर के मरीजों की संख्या लगभग 3 करोड़ तक पहुंच सकती है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार (Dr. Bharati Pravin Pawar, the Minister of State for Health and Family Welfare) ने हाल ही में, कैंसर की वजह से भारत में बढ़ती मृत्युदर (cancer deaths in India) पर चिंता भी व्यक्त की। कैंसर होने और इसके गम्भीर बनने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमे लाइफस्टाइल से जुड़ी कई आदतें और गलतियां भी शामिल हैं। जैसे प्रदूषण के सम्पर्क में आने पर सावधानी ना बरतना या कैंसर फैलाने वाली चीजों का सेवन करना। यह दोनों ही स्थितियां कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा सकती हैं और लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।
कैंसर का कारण बन सकती हैं ये स्थितियां
एक्सपर्ट्स के अनुसार, शरीर में कुछ विशेष सेल्स और जीन के नष्ट होने या उनके डैमेज होने के कारण कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इन बदलावों के कारण कैंसर वाली सेल्स बेतहाशा और अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं और इनकी वजह से शरीर की में हेल्दी सेल्स का निर्माण भी प्रभावित हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार जीन में बदलाव कई कारणों से हो सकता है जैसे, रेडिएशन, केमिकल्स, संक्रमण और तम्बाकू जैसे उत्पादों का सेवन। कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले कुछ कारण इस प्रकार हो सकते हैं-
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे रोजमर्रा के जीवन में कैंसर का रिस्क बढ़ाने वाली कई चीजों के सम्पर्क में हम आते हैं। हालांकि, अधिकांश प्रकार के कैंसर कभी भी और बिना किसी बड़े कारण के भी हो सकते हैं। लेकिन कुछ कैंसर लाइफस्टाइल, काम करने और रहने की जगह या खान-पान से जुड़ी आदतों के कारण भी हो सकते हैं।
जैसे ओरल कैंसर या एसोफेगल कैंसर (एसोफेगल कैंसर) में डाइट से जुड़ी गलतियां एक बड़ी वजह बन सकती हैं।
तम्बाकू से बनने वाले पदार्थ जैसे सिगरेट बीड़ी, पान मसाला और सुपारी-मिक्स जैसी चीजों का सेवन करने भी कैंसर का रिस्क बढ़ता है। इसी तरह फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग या आसपास रहने वाले लोगों में भी कैंसर का खतरा अधिक होता है।
डिब्बाबंद या कैन में मिलने वाले मीट और अन्य नॉन-वेजिटेरियन फूड्समें मिलाए जाने वाले प्रीजर्वेटिव्स भी कैंसरकारक माने जाते हैं। WHO के नियमों के अनुसार, कैन्ड चिकन के अलावा सलामी, सॉसेज और बेकन जैसे मांसाहारी भोजन भी कैंसर का रिस्क बढ़ाते है।
कैंसर से बचाव के उपाय क्या हैं? (Ways to minimize risk of cancer in Hindi)
सबसे पहले तम्बाकू वाले उत्पाद जैसे सिगरेट, गुटका और बीड़ी आदि का सेवन बंद करें।
अल्कोहल या शराब का सेवन भी कैंसर का कारण बनता है। इसीलिए, इसे ना पीएं।
मौसमी फल और सब्जियों से भरपूर डाइट का सेवन करें।
केमिकल्स और पेस्टिसाइड्स के सम्पर्क में आने वाले फल और सब्जियों का सेवन ना करें।
फलों, हर्ब्स, सब्जियों आदि का सेवन करने से पहले उन्हें पानी से अच्छी तरह साफ करें।
हाई-फैटस, तले-भुने और पैकेटबंद फूड्स के सेवन से बचें।
हेल्दी वेट मेंटेन करें।
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं और रोज एक्सरसाइज करें।
साफ-सुथरे, प्रदूषण रहित वातावरण की रचना करने में योगदान दें।
शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव (गांठें बनना, स्तनों का आकार बदलाना या बार-बार दर्द महसूस करना) को नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
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