प्रदूषित हवा छीन रही है भारत के लोगों की उम्र के 5 साल, वायु प्रदूषण का नुकसान उठा रहा है आबादी का एक बड़ा हिस्सा

एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वायु प्रदूषण और खराब एयर क्वालिटी के कारण स्वास्थ्य संकट बढ़ा है और यहां के लोगों की औसत उम्र भी कम हो रही है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 15, 2022 11:57 AM IST

वायु प्रदूषण के कारण भारत के लोगों की औसत जिंदगी 5 साल कम हो गयी है, यह दावा किया गया है शिकागो यूनिवर्सिटी की एक नयी स्टडी में जिसके परिणाम हाल ही में सार्वजनिक किए गए हैं।  यूनिवर्सिटी के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की तरफ से हाल ही में भारत में एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स के आंकड़े प्रकाशित किए गए। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वायु प्रदूषण और खराब एयर क्वालिटी के कारण स्वास्थ्य संकट बढ़ा है और यहां के लोगों की औसत उम्र भी कम हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार भारत की राजधानी दिल्ली की हवा की क्वालिटी सबसे खराब है। दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की लिस्ट में दिल्ली का नाम सबसे ऊपर है।

इन दो शहरों की हवा सबसे अधिक हानिकारक

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषित हवा के कारण  दिल्ली में लोगों का जीवन 10 साल तक हो रहा है वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ में लोगों की जिंदगी साढ़े 9 साल तक कम हो गयी है।  वहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में सिंधु नदी और गंगा नदी के बीच का क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषण वाला क्षेत्र है।

बता दें कि हर साल सर्दियों के मौसम के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। कोहरा, धुआं और मानव निर्मित कुछ स्थितियों जैसे पराली जलाने या फैक्ट्रियों के धुएं आदि को इसकी वजह बताया जाता है।  हवा की क्वालिटी में गिरावट के साथ ही लोगों में सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ने लगती हैं, इसी तरह लोगों द्वारा इस मौसम में आंखों में जलन, सिर दर्द और एलर्जिक रिएक्शन्स होने की शिकायत भी की जाती है।

50 करोड़ लोगों की जीवन अवधि  कम होने का अनुमान

बता दें कि, शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा हर वर्ष प्रदूषण से जुड़ी रिपोर्ट्स पेश की जाती हैं। जिसमें एक पॉल्यूशन इंडेक्स कि मदद से हवा में फैले प्रदूषण का लोगों की जीवन प्रत्याशा (life expectancy) पर पड़नेवाले असर के बारे में समझने के प्रयास किए जाते हैं। इस वर्ष की रिपोर्ट में एक नक्शे की मदद से भारतीय उपमहाद्वीप में वायु प्रदूषण से जुड़े बड़े खुलासे किए गए हैं जिनके अनुसार,

  • अगर वायु प्रदूषण आने वाले समय में कम नहीं होता तो इसका प्रभाव भारतीय आबादी पर बहुत व्यापक स्तर पर पड़ेगा।
  • इससे भविष्य में पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक के भूभाग में रहने वाली आबादी में से लगभग 50 करोड़ लोगों का औसत जीवन 7.6 साल कम हो जाएगा।
  •  रिपोर्ट के अनुसार,  धूम्रपान करने से लोगों की जिंदगी के 1.5 साल कम हो सकते हैं।
  •  वहीं, बच्चे और मां में कुपोषण के कारण लोगों की जिंदगी के 1.8 साल कम हो सकते हैं।

वायु प्रदूषण से हो सकती हैं ये बीमारियां भी

  1. लंग कैसर -प्रदूषित हवा में सांस लेने वालों को फेफड़ों के कैंसर या लंग कैंसर का खतरा अधिक होता है।
  2. अस्थमा- वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा के लक्षण  मानी जाने वाली समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  3. हृदय रोग-हवा में फैली गंदगी और प्रदूषण के कारण हार्ट हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है और कई प्रकार की हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  4. विकास रह सकता है अधूरा- विभिन्न स्टडीज में कहा गया है कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से बच्चों का विकास प्रभावित हो सकता है और उनके शरीर और ब्रेन का विकास धीमी गति से हो सकता है।
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