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Written By: Anshumala | Updated : August 27, 2018 4:32 PM IST
जो लोग (खासकर अधेड़ उम्र के लोग) रात में कम सोते हैं, वे अपनी इस आदत को जल्द ही बदल लें। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो अधेड़ उम्र के लोग पांच घंटे से कम सोते हैं उनमें दिल का दौरा पड़ने या आघात होने का खतरा दोगुना बढ़ जाता है।
पहले हुए अध्ययनों में यह बात साबित नहीं हो पाई थी। इसके पुख्ता सबूत भी मौजूद नहीं थे कि क्या वाकई कम नींद लेना दिल की बीमारी के होने के खतरे को बढ़ाता है। इस अध्ययन में 50 वर्ष की उम्र वाले पुरूषों को शामिल किया गया। स्वीडन में यूनिवर्सिटी ऑफ गोथेनबर्ग के मोआ बेंगटसन का कहना है कि बेहद व्यस्त रहने वाले लोगों के लिए सोना समय बर्बाद करने जैसा हो सकता है, लेकिन इस अध्ययन के अनुसार, कम नींद लेने से भविष्य में दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है।
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वर्ष 1993 में इस अध्ययन में भाग लेने के लिए 1943 में जन्मे और गोथेनबर्ग में रह रहे पुरूषों की 50 फीसदी आबादी में से इन लोगों को रैंडम तौर पर चुना गया था। अध्ययन में पाया गया कि रात में पांच घंटे या उससे कम समय तक सोने वाले पुरुषों में उच्च रक्त चाप, मधुमेह, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और खराब नींद की समस्या आम पाई गई। मोआ के अनुसार, यह अध्ययन बताता है कि नींद बेहद जरूरी है वरना कई तरह की शारीरिक बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।
कम सोने से खराब होती है स्पर्म क्वालिटी
जो लोग पिता बनना चाह रहे हैं, उन्हें स्वस्थ शुक्राणुओं के लिए समय से सोना चाहिए। एक शोध के अनुसार, जो लोग रात 8 से 10 बजे के बीच सो जाते हैं, उनके शुक्राणुओं में गतिशीलता ज्यादा होती है। ये तेजी से गति करते हुए अंडे को निषेचित करते हैं। वहीं जो पुरुष देर रात तक जागते रहते हैं या काफी देर से सोते हैं, उनके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम होती है और शुक्राणु जल्दी नष्ट हो जाते हैं। वैज्ञानिकों ने शोध के दौरान देखा कि 6 घंटे या इससे कम सोने वाले पुरुषों के शुक्राणुओं की स्थिति और भी ज्यादा खराब होती है। वहीं 9 घंटे सोने वाले पुरूषों के शुक्राणु ज्यादा स्वस्थ होते हैं।
हो सकती हैं कई बीमारियां
अच्छे स्वास्थ्य के लिए भरपूर नींद बहुत जरूरी है। इसके कई फायदे होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, रात की पूरी नींद लेने से हमारी दिनचर्या ठीक रहती है, मानसिक तनाव से निजात मिलता है। चेहरे की रंगत सही रहती है लेकिन नींद पूरी नहीं होने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक शोध के दौरान रात भर जागने वाले विद्यार्थियों, इमरजेंसी वार्ड में रहने वाले मेडिकल कर्मचारी, युद्ध क्षेत्र के सैन्य लड़ाके और रात के वक्त काम पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों पर अध्ययन किया। इसका नतीजा चौंकाने वाला था।
अध्ययन के लिए 18 लड़कों पर प्रयोग किया गया, जिन्हें 70 लोगों का हावभाव देखने को कहा गया है। एक बार उन्हें 24 घंटे की नींद लेने और एक बार पूरे दिन जगे रहने के बाद उनके हावभाव देखने को कहा गया। उनके मस्तिष्क के स्कैन से पता चला कि नींद की कमी के कारण लोग डरावने तथा मित्रवत लोगों के हावभाव में अंतर नहीं कर पाते। इसके अतिरिक्त, नींद की कमी वाले लोगों का हृदय मित्रवत तथा डरावने हावभाव वाले लोगों पर सामान्य प्रतिक्रिया नहीं देता।
वजन भी बढ़ता है
अधूरी नींद का संबंध वजन बढ़ने से भी होता है, क्योंकि ऐसे में भूख काफी बढ़ जाती है। एक शोध के अनुसार, जो लोग 6 या इससे कम घंटे सोते हैं, उनमें मोटापे की आशंका 30 फीसदी अधिक होती है। ग्रेलिन नामक हार्मोन भूख बढ़ाता है। कम नींद होने पर ग्रेलिन की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे भूख पर नियंत्रण रहता है। वहीं, मस्तिष्क के उस हिस्से की क्रियाशीलता कम हो जाती है, जो भूख की संतुष्टि का अहसास कराता है।
चित्रस्रोत : Shutterstock.
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