सोते समय 'पैरों में ऐंठन' को न करें सामान्य दर्द समझने की भूल, एक्सपर्ट से जानिए Leg Cramps के कारण और उपचार

Pairon Mein Aithan Hona: पैरों में ऐंठन की समस्या को हल्के में न लें क्योंकि पैरों में ऐंठन की समस्या के अनेक कारण हो सकते हैं, जिनकी समय रहते जांच और उपचार जरूरी है।

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Written By: Atul Modi | Published : March 2, 2023 6:41 PM IST

रेस्टलेस लेग सिंड्रॉम (Restless Leg Syndrome) एक ऐसा डिसॉर्डर है, जिसमें रोगी शिकायत करते हैं कि उनके पैरों में ऐंठन (Leg Cramps) होती है और उन्हें पैर पटकने और पैर हिलाने की प्रबल इच्छा होती है। पैर हिलाने और पटकने से इन्हें राहत महसूस होती है। अक्सर यह समस्या लोगो को रात में होती है। इस कारण रोगी की नींद भी प्रभावित होती है, उन्हें ठीक तरह से नींद नहीं आती।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. कदम नागपाल बताते हैं कि, पैरों में ऐंठन की समस्या को अगर श्रेणी के आधार पर देखा जाए, तो इसे तीन अलग-अलग श्रेणियों मे विभाजित कर सकते है। रोगी हफ्ते में तीन बार ऐसी समस्याओं की शिकायत करते हैं। अक्सर रोगी इस समस्या से पिछले तीन महीने से जूझ रहे होते हैं। ऐसे रोगी हमें बताते हैं कि उन्हें सनसनी सी होती है, कभी झनझनाहट होती है, कभी कुछ रेंगने जैसी अनुभूति, कभी पैरों में ऐंठन की समस्या महसूस होती है और अक्सर पैर हिलाने के बाद उन्हें आराम महसूस होता है।

डॉ. नागपाल के मुताबिक, रेस्टलेस लेग सिंड्रॉम एक ऐसी स्थिति होती है, जिसे बाकी चीजों से भी अंतर करना जरूरी होता है। जिसे हम कहते हैं नोक्टर्नल लेग क्रैंप्स। रात में होने वाली ऐसी कुछ ऐंठन में रेस्टलेस लेग सिंड्रॉम से कुछ अलग लक्षण देखे जाते हैं। इनमें पैर की नर्व में दर्द होना जैसे लक्षण हो सकते हैं। किसी को डायबेटिक न्यूरोपैथी हो सकती है या किसी और कारण से उनकी नसें कमजोर हो सकती हैं। ऐसे लोगों की नसों में भी रात में दर्द होता है। तो इन तमाम स्थितियों पर विचार किया जाना जरूरी होता है।

पैरों में ऐंठन का कारण - Leg Cramps Reason In Hindi

यह तकलीफ आयरन की कमी या एनीमिया की वजह से भी हो सकती है। कई लोग डायबिटीज से पीड़ित होते हैं, तो कुछ को यूरेमिया की समस्या हो सकती है। ऐसे लोग कभी-कभी कैंसर से भी पीड़ित हो सकते हैं या उन्हें गठिया की भी समस्या हो सकती है। न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के कारण भी ये समस्या हो सकती है, अगर किसी को पार्किंसन की बीमारी हो या कोई न्यूरोपैथी हो या व्यक्ति अत्यधिक कॉफी का सेवन करता हो या नींद की दवाएं ले रहा हो और अचानक से बंद कर दे, तो ऐसे लोगों को भी पैरों में ऐंठन की समस्या हो सकती है।

पैरों में ऐंठन का उपचार - Leg Cramps Treatment In Hindi

डॉ. कदम कहते हैं कि, इसमें अलग-अलग तरह से उपचार किया जाता है। एक नॉन फार्माकॉलिजिकल एप्रोच होती है, जिसमें रोगी को धूम्रपान न करने, अल्कोहन न लेने, ज्यादा कॉफी का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। अगर एंटी-डिप्रेशन की आवश्यकता हो तो सिर्फ डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। सोने से पहले हल्का व्यायाम जरूर करें। सोने से पहले शारीरिक व्यायाम खासकर, स्ट्रेचेज व्यायाम जरूर करें।

एनिमिया की स्थित में सबसे पहले आयरन की पूर्ति की जाती है। न्यूरोपैथी की वजह से रेस्टलेस लेग सिंड्रॉम के लक्षण आ रहे है, तो न्यूरोपैथिक दर्द की दवा दी जाती है। इसमें एक अलग तरह की दवा का इस्तेमाल किया जाता है। जिन्हें सिर्फ आयरन की कमी की वजह ये समस्या होती है, उनकी समस्या जल्दी ठीक हो जाती है और दवा भी कुछ समय में ही बंद हो जाती है, लेकिन कई रोगियों में इसका इलाज लंबे समय तक चल सकता है।

(इनपुट्स: डॉ. कदम नागपाल, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजिस्ट, PSRI हॉस्पिटल, दिल्ली)

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