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बरसात में बढ़ सकती हैं लीकी गट सिंड्रोम से जुड़ी समस्याएं,जानें क्या हैं इसके कारण, लक्षण और इलाज

लीकी गट बरसात में होने वाली एक आम समस्या है। गट से जुड़ी हुई यह परेशानी उमस और गर्मी बढ़ जाने की वजह से होती है।

Leaky Gut Syndrome: बरसात के मौसम में कई प्रकार की बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। वहीं, बच्चों को भी बरसात में सर्दी-खांसी से लेकर डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी समस्याएं (common health problems in monsoon) भी बढ़ जाती हैं। लीकी गट बरसात में होने वाली ऐसी ही एक स्वास्थ्य समस्या है। गट से जुड़ी हुई यह परेशानी उमस और गर्मी बढ़ जाने की वजह से होती है। दरअसल, हमारे गट में असंख्य गुड बैक्टेरिया (Good Gut Bacteria) और बैड बैक्टेरिया (Bad bacteria in Gut) पाए जाते हैं। इस बैक्टेरिया के संतुलन से जहां गट हेल्दी रहता है और अच्छी तरह काम कर पाता है। वहीं, जब किसी कारण से यह संतुलन बिगड़ जाता है तो कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। लीकी गट सिंड्रोम भी बैक्टेरिया का बैलेंस बिगड़ने से होने वाली समस्या है जिसमें गट में सूजन बढ़ने लगती है और इससे गट सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाता। (Leaky Gut Syndrome in Hindi)

क्यों होता है लीकी गट सिंड्रोम? (Causes of Leaky Gut Syndrome in Hindi)

एक पाचनतंत्र से जुड़ी समस्या ( Digestive system rlated problem) के तौर पर जाने जानी वाली लीकी गट की समस्या के कारण इसमें आंत की अंदरूनी लाइनिंग से पोषक तत्वों के साथ-साथ विषैले तत्व भी नसों में चले जाते हैं। ब्लड सर्कुलेशन के साथ ये तत्व नसों में घूमते रहते हैं। इन हानिकारक तत्वों का शरीर पर प्रभाव पड़ता है, शरीर के इम्यून सिस्टम को नुकसान (weakening immune system) पहुंचता है और इससे विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखायी देते हैं। इसी तरह अनहेल्दी लाइफस्टाइल या खान-पान से जुड़ी गलतियों के कारण भी लीकी गट सिंड्रोम की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा लीकी गट सिंड्रोम के कुछ कारण (reasons of leaky gut syndrome) ये भी हो सकते हैं-

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  • दूषित पानी पीने से (side effects of drinking contaminated water)
  • अनहेल्दी डाइट लेने से (eating unhealthy diet)
  • कमजोर इम्यून सिस्टम
  • शरीर में टॉक्सिंस (toxins in body) बढ़ने से
  • तनाव (stress)
  • मानसिक समस्याएं (mental health issues)
  • एंटीबायोटिक्स (antibiotics) का साइड-इफेक्ट्स
  • पेस्टिसाइड्स (pesticides) का स्वास्थ्य पर बुरा असर

लीकी गट सिंड्रोम के प्रमुख लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Leaky Gut Syndrome in Hindi)

  • पेट फूलने की समस्या या ब्लोटिंग (bloating)
  • पेट में गैस होना (abdominal gas)
  • डायरिया (diarrhea)
  • घुटनों, कहानी और अन्य जोड़ वाली जगहों पर दर्द या जॉइंट पेन (Joint pain)
  • पिम्पल्स और फोड़े-फुंसियां बढ़ जाना
  • शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति कम (weak immunity) हो जाना
  • बार-बार सिरदर्दहोना (headache)
  • बहुत अधिक थकान महसूस करना (extreme fatigue)
  • फूड एलर्जिस (food allergies)
  • स्किन रैशेज या त्वचा पर चकत्ते बनना
  • एंग्जायटी, छोटी-छोटी जानकारियां भूल जाना और ब्रेन फॉग जैसी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं

लीकी गट सिंड्रोम का इलाज क्या है? (Treatment of Leaky Gut Syndrome in Hindi.)

गट को हेल्दी रखने और लीकी गट की बीमारी से राहत के लिए सबसे आसान तरीका है इस बीमारी के सही कारण (reasons of leaky gut syndrome) का पता लगाना और उसका इलाज करना। कई लोगों को बार-बार होने वाले कॉन्स्टिपेशन (constipation) और इंफ्लेमेटरी बाइल डिजिज या आईबीडी (Inflammatory bowel disease) और सेलिएक डिजिज (celiac disease) जैसी समस्याओं के कारण भी लीकी गट सिंड्रोम हो सकता है। दवाइओं, कसरत और लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव कर इन हेल्थ प्रॉब्लम्स का इलाज किया जा सकता है।

लीकी गट सिंड्रोम में किस तरह की डाइट लेनी चाहिए? (Diet In Leaky Gut Syndrome In Hindi)

जैसा कि लीकी गट सिंड्रोम का एक बड़ा कारण खाने-पीने से जुड़ी गलतियां हैं ऐसे में अपनी डाइट में बदलाव करना महत्वपूर्ण हो जाता है। मरीजों को अपने डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के अनुसार अपना डाइट चार्ट तैयार करना चाहिए। आमतौर पर लीकी गट सिंड्रोम के मरीजों को इस तरह से डाइट में बदलाव करने पड़ सकते हैं-

  • मैदे से बनी सफेद ब्रेड (White bread) और पास्ता (pasta) जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए।
  • अंडे, प्रोसेस्ड ओट्स (processed oats), प्रोसेस्ड मीट (Processed meats) के अलावा केक (cake), मफीन, कुकीज (cookies) और अन्य बेकरी प्रॉडक्ट्स के सेवन से परहेज करें।
  • जंक फूड्स (junk foods) खाना छोड़ दें।
  • जिन लोगों को दूध से एलर्जी है उन्हें डेयरी प्रॉडक्ट्स और आइस क्रीम का सेवन बंद कर देना चाहिए।
  • मूंगफली (Peanuts), गेंहू और ग्लूटेन(gluten) वाले अनाजों का सेवन ना करें।
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और शक्कर वाले मीठे ड्रिंक्स ना पीएं।
  • रिफाइंड ऑयल (refined oil) में खाना ना पकाएं।
  • आलू चिप्स, कैंडी बार और अन्य पैकेटबंद फूड्स के सेवन से बचें।

प्री-बायोटिक्स औऱ प्रोबायोटिक्स का सेवन है महत्वपूर्ण

  • अपनी डाइट में प्रो-बायोटिक्स (probiotics) से भरपूर और फर्मेंटेड फूड्स (fermented foods) को शामिल करें। ये फूड्स गट को जल्द ठीक होने में सहायता कर सकते हैं।  इसके लिए दही (yogurt), छाछ, अचार (pickles), किमची (kimchi) और केफीर (kefir) जैसे फूड्स का सेवन कर सकते हैं।
  • प्रीबायोटिक्स (prebiotic) का भी सेवन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इसके लिए लहसुन (garlic), केला (bananas) और सेब (apples) का सेवन करें। ये फूड्स गट में गुड बैक्टेरिया का लेवल बढ़ा सकते हैं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड्स (omega-3 fatty acids), विटामिन डी (vitamin D) के अलावा ज़िंक (zinc) और एल-ग्लूटामाइन के सप्लीमेंट्स का सेवन करें।

इन बातों का भी रखें ध्यान

  1. नींद की कमी (sleeplessness) लीकी गट सिंड्रोम की समस्या को बढ़ा सकता है। हर दिन 7-8 घंटें की पर्याप्त और गहरी नींद सोएं।
  2. तनाव से बचें और स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए एक्सराइज, म्यूजिक और खुली हवा में टहलने जैसे तरीके अपनाएं।
  3. एक नयी स्टडी के मुताबिक, अल्कोहल (Alcohol) का सेवन करने से यह प्रोटीन के साथ मिलकर हेल्थ के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसीलिए, अल्कोहल का सेवन करने से परहेज करें। (Why Alcohol consumption is harmful in Leaky Gut Syndrome)

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी और उसक इलाज से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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