Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

बच्चों में कैंसर ट्रीटमेंट के बाद हो सकती है ये समस्याएं, इन साइड-इफेक्ट्स को भी ना करें नजरअंदाज

इलाज की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकों के चलते बच्चे के स्वास्थ्य पर प्रभाव भी पड़ता है। इससे बच्चे के शरीर, स्किन और ओवरऑल हेल्थ में कई तरह के बदलाव दिखायी देने लगते हैं।

बच्चों में कैंसर ट्रीटमेंट के बाद हो सकती है ये समस्याएं, इन साइड-इफेक्ट्स को भी ना करें नजरअंदाज

Written by Sadhna Tiwari |Updated : February 13, 2023 7:18 PM IST

World Childhood Cancer Day 2023: कैंसर की बीमारी का पता लगना किसी के लिए भी एक बड़े सदमे से कम नहीं होता। लेकिन, जब किसी बच्चे में कैंसर का पता चले तो तकलीफ कई गुना बढ़ सकती है। बता दें कि, हर साल कई लाख बच्चों में अलग-अलग प्रकार के कैंसर का पता चलता है और उन्हें कैंसर के इलाज की एक लम्बी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कैंसर के इलाज के बाद बच्चे के ठीक होने की उम्मीद बढ़ जाती है लेकिन, इलाज की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकों के चलते बच्चे के स्वास्थ्य पर प्रभाव भी पड़ता है। इससे बच्चे के शरीर, स्किन और ओवरऑल हेल्थ में कई तरह के बदलाव दिखायी देने लगते हैं। (Side Effects Of Cancer Treatment In Children In Hindi)

सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.खुजेमा फतेही (Dr. Khuzema Fatehi, Surgical Oncologist at SRV Hospitals - Chembur) बता रहे हैं कुछ ऐसे ही साइड-इफेक्ट्स के बारे में जो कैंसर ट्रीटमेंट के बाद बच्चों में दिखायी दे सकते हैं। आइए जानें बच्चों में कैंसर ट्रीटमेंट के लेट इफेक्ट्स या साइड-इफेक्ट्स के बारे में साथ ही जानें इन समस्याओं से बचने और उनसे राहत के उपायों के बारे में भी। (Side Effects Of Cancer Treatment In Children)

कैंसर ट्रीटमेंट के बाद हेल्थ पर होते हैं बुरे असर

Also Read

More News

डॉ. फतेही कहते हैं कि, शिशुओं से लेकर 14 साल के बच्चों में जो कैंसर ( common types of cancer in children ) पाए जाते हैं उनमें ल्यूकेमिया, ब्रेन कैंसर और सेंट्रल नर्वस सिस्टम (central nervous systems) ट्यूमर और लिम्फोमा (lymphomas) का कैंसर सबसे कॉमन हैं। बच्चों में कैंसर के इलाज की प्रक्रिया और तरीका कैंसर के प्रकार और उसकी गम्भीरता के आधार पर तय किया जाता है। आमतौर पर कैंसर के इलाज के लिए जिन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है उसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी (chemotherapy), रेडिएशन थेरेपी (radiation therapy) और इम्यूनोथेरेपी (immunotherapy) का इस्तेमाल किया जाता है। इन तरीकों से इलाज के कारण कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं जैसे-

  • भूख ना लगना या भूख मर जाना ( poor appetite)
  • कॉन्स्टिपेशन (constipation,
  • डायरिया ( diarrhoea)
  • थकान ( fatigue)
  • उल्टी ( vomiting) और मतली
  • चक्कर आना

कैंसर पीड़ित बच्चों की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है वैसे-वैसे उन्हें नींद से जुड़ी गड़बड़ियां और परेशानियां भी महसूस हो सकती हैं।

स्लीपिंग डिसॉर्डर्स हैं कैंसर इलाज का साइड-इफेक्ट (Sleeping disorders are the side effects of cancer treatment)

डॉ. फतेही कहते हैं कि “कैंसर के मरीजों में स्लीपिग डिसॉर्डर देखे जाते हैं। ट्यूमर, कैंसर का इलाज, कुछ दवाओं के सेवन के अलावा लम्बे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और तनाव के कारण बच्चों को आगे चलकर नींद न आने की समस्या हो सकती है। इसी तरह अन्य कई कारणों से भी कैंसर मरीजों में अनिद्रा जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इंसोम्निया या अनिद्रा के अलावा कैंसर पीड़ित बच्चों में नींद से जुड़ी जो समस्याएं सबसे अधिक देखी जाती हैं वो हैं-

  • बहुत कोशिश करने के बाद भी सो ना पाना
  • स्लीप एपिनिआ जिसमें, सोते समय व्यक्ति की सांस रूक जाती है।
  • दिन में अधिक नींद आना या थकान महसूस होने की समस्या या हाइपरसोम्निया (hypersomnia)
  • बॉडी क्लॉक से जुड़ी समस्याएं

इन सबके कारण बच्चों को समय पर जागने-सोने में दिक्कतें आती हैं और वही अच्छी तरह से सो नहीं पाता या उसकी नींद पूरी नहीं हो पाती।"

नींद की कमी से मेंटल हेल्थ और बच्चे के बिहेवियर में आ सकते हैं ये बदलाव

नींद से जुड़ी समस्याएंउम्र के साथ बढ़ती जाती हैं। कैंसर ट्रीटमेंट के कारण बच्चों में दर्द और तनाव बढ़ जाता है। इसी वजह से उन्हें अपने रोजमर्रा के कामों पर ध्यान देने में परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही उन्हें दूसरों द्वारा बतायी गयी बातों पर ध्यान देने या निर्देश फॉलो करने में दिक्कतें आ सकती हैं। इससे वे खुद को सुस्त, थका हुआ, परेशान और चिड़चिड़ा महसूस करते हैं। इससे उन्हें फैसले लेने में दिक्कतें आ सकती हैं। इसीलिए, अच्छी नींद सोने और स्लीपिंग डिसॉर्डर्स को मैनेज करने के लिए बच्चों की मदद करना महत्वपूर्ण है और इस काम में मां-बाप और आसपास के लोग भी मदद कर सकते हैं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

बच्चों में नींद से जुड़ी परेशानियों से आराम के उपाय क्या हैं? (Tips to treat sleeping disorders after cancer treatment)

  • बच्चों में तनाव कम करने के लिए उनकी मदद करें।
  • योग और मेडिटेशन की प्रैक्टिस के लिए मदद करें।
  • सोने से पहले बच्चों को टीवी या मोबाइल देखने से रोकें।
  • गर्म पानी से नहाएं।
  • बच्चों को चाय-कॉफी और अन्य कैफीन वाले ड्रिंक्स ना पीने दें।
  • धूप में टहलें।
  • सोने और जागने का समय तय करें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें।