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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 23, 2022 7:07 PM IST
Tomato Flu को लेकर शोधकर्ताओं की चेतावनी, 'अगर नहीं रोका तो बड़ों में भी फैलेगा ये इंफेक्शन'
भारत में कोविड, मंकीपॉक्स के बाद अब टोमाटो फ्लू (Tomato flu) का खतरा मंडराने लगा है। द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने ये चेतावनी जारी की है कि बच्चों में टोमाटो फ्लू का खतरा काफी बढ़ा हुआ है और अगर इसे नहीं रोका गया तो इस संक्रमण के गंभीर प्रभाव सामने आ सकते हैं। बता दें वैज्ञानिकों ने ये चेतावनी भी जारी की है ये संक्रमण अनियंत्रित होने पर आम लोगों में फैल सकता है।
टोमाटो फ्लू या फिर टोमाटो फीवर का सबसे पहला मामला 6 मई को केरल के कोल्लम जिले से सामने आया था। लांसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जुलाई तक राज्य के स्थानीय सरकारी अस्पतालों में करीब 82 बच्चों में इस इंफेक्शन की खबर सामने आ चुकी है। इन सभी बच्चों की उम्र 5 साल से कम है। केरल के अलावा तमिलनाडु और ओडिशा में भी टोमाटो फ्लू के मामले आ चुके हैं।
17 अगस्त को प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे टोमाटो फ्लू के संपर्क में आने के बड़े खतरे में हैं क्योंकि इस उम्र में वायरल इंफेक्शन होना बहुत ही आम होता है और ये करीबी संपर्क के माध्यम से बहुत तेसी से फैलता है। कम उम्र के बच्चे में इस इंफेक्शन के होने की सबसे बड़ी वजह है नैपी का प्रयोग, गंदी सतह को छूना साथ ही किसी भी चीज को मुंह में डाल लेना।
रिपोर्ट के मुताबिक अगर बच्चों में टोमाटो फ्लू को नियंत्रित नहीं किया गया या फिर नहीं रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं क्योंकि ये व्यस्कों में भी फैल सकता है।
ये दुर्लभ वायरल इंफेक्शन पूरे शरीर पर फैल जाता है। इस बीमारी में लाल रंग के चकत्ते गुच्छे में पूरे शरीर पर फैल जाते हैं, जिस कारण से ही इसे टोमाटो फ्लू का नाम दिया गया है। ये चकत्ते टमाटर के आकार तक बढ़ सकते हैं। फिलहाल ये बीमारी स्थानिक चरण में हैं।
भले ही ये बीमारी जानलेवा नहीं है लेकिन सतर्कता बहुत ही जरूरी है ताकि ये स्थानीय स्तर पर न फैले। स्टडी के मुताबिक लापरवाही की वजह से लोग इस बीमारी का कोविड की तरह शिकार हो सकते हैं।
टोमाटो फ्लू के लक्षण कोविड जैसे ही दिखाई देते हैं, जिसमें शामिल हैंः
1-बुखार
2-थकान
3-शरीर में दर्द
4-स्किन पर रैशेज
मेडिकल जर्नल में प्रकाशिक रिपोर्ट के मुताबिक, ये चिकनगुनिया और डेंगू के बाद शरीर पर होने वाले प्रभाव के परिणामस्वरूप हो सकता है। ये वायरल इंफेक्शन से थोड़ा अलग होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये वायरस, वायरल का नया वेरिएंट साबित हो सकता है, जो कि हाथ, पैर, मुंह रोग वाला वेरिएंट है। ये एक आम संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर 1 से 5 साल के बच्चे को परेशान करती है और हां, इससे कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति भी परेशान हो सकते हैं।
अभी तक टोमाटो फ्लू की रोकथाम के लिए कोई एंटी-वायरल दवा या फिर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।