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Written By: Jitendra Gupta | Updated : November 8, 2021 2:47 PM IST
डायबिटीज की दवा से सुधर सकती है आपकी किडनी की सेहत! जानें कौन सी दवाएं आपकी किडनी के लिए हैं सेफ
हमारे शरीर का अच्छी तरह से काम करने के लिए जरूरी है कि हमारे शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम करें। हालांकि शरीर में मौजूद बीमारियां हमारे अंगों को कमजोर करना शुरू कर देती हैं और हमारे लिए शरीर को हेल्दी रख पाना बहुत ही मुश्किल होता है। हाल ही में लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में ये दावा किया गया है कि वयस्कों में क्रॉनिक किडनी रोग (सीकेडी) से पीड़ित कुछ लोगों के इलाज के लिए डायबिटीज में प्रयोग होने वाली एक आम दवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन सी है ये दवा।
अध्ययन के मुताबिक, डैपाग्लीफ्लोजिन नाम की दवा 'सोडियम ग्लूकोज कोट्रांसपोर्टर-2 (एसजीएलटी2) इनहिबिटर' के एक समूह से संबंध रखता है, जो हमारी किडनी में एसजीएलटी2 प्रोटीन को अवरुद्ध करके अपना काम करती है। इस प्रोटीन को अवरुद्ध करने से गुर्दे पर पड़ने वाले दबाव और सूजन को कम किया जा सकता है, जिससे हमारे किडनी को होने वाली क्षतिको कम किया जा सकता है।
इतना ही नहीं यह प्रोटीन को मूत्र में रिसने से रोकने में भी मदद करता है और हाई ब्लड प्रेशर के साथ-साथ शरीर के वजन को भी कम करता है।
क्रॉनिक किडनी रोग से पीड़ित 4,304 प्रतिभागियों पर हुए एक क्लीनिकल ट्रायल से ये जानकारी सामने आई कि डैपाग्लिफ्लोजिन क्रॉनिक किडनी रोग (सीकेडी) के रोगियों में किडनी के कार्य में होने वाली कमी की दर को कम करता है।
हालांकि वे लोग, जो डायबिटीज से पीड़ित नहीं हैं उनमें भी डैपाग्लिफ्लोजिन से किडनी की होने वाली क्षति को भी कम किया जा सकता है लेकिन डायबिटीज वाले लोगों में डापाग्लिफ्लोजिन का प्रभाव अधिक है।
यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ग्रोनिंगन के प्रमुख लेखक हिड्डो लैम्बर्स हीर्सपिंक का कहना है कि अध्ययन से प्राप्त हुए मुख्य निष्कर्ष से ये साफ होता है कि डैपाग्लिफ्लोजिन क्रॉनिक किडनी रोग, जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज नहीं है उन रोगियों में होने वाले किडनी फंक्शन लॉस को धीमा करने के लिए एक प्रभावी उपचार साबित हो सकता है।
हीर्सपिंक ने ये भी कहा कि हार्टफेल या मृत्युदर के जोखिम को कम करने के अलावा, डैपाग्लिफ्लोजि़न रोगी की किडनी को होने वाली क्षति के कारण उसकी कार्यक्षमता में गिरावट की प्रगति को भी धीमा कर सकता है।
शोध के निष्कर्ष 'एएसएन किडनी वीक 2021' के 4-7 नवंबर अंक में भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
(सोर्स-आईएएनएस)