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बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, दिख रहे हैं निमोनिया संक्रमण के लक्षण, एम्स (दिल्ली) में हो सकते हैं भर्ती।
Lalu Yadav Health News in Hindi: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) काफी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और लगातार उनका रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। ताजा खबर के अनुसार, लालू यादव की तबीयत काफी बिगड़ गई है, जिसके बाद हो सकता है, उन्हें दिल्ली के एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया जाए। इसी सिलसिले में अधिकारियों ने वीवीआईपी के लिए आरक्षित एक निजी वार्ड के एक कमरे को लालू प्रसाद (Lalu Yadav Health News) के लिए तैयार कर दिया है। कमरा वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा से लैस है।
अस्पताल के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि लालू यादव (Lalu Yadav Health) एम्स में भर्ती होंगे या नहीं, लेकिन हमने उनके यहां भर्ती होने के उम्मीद से इसे तैयार किया है। दरअसल, कई महीनों से उनका इलाज रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) हॉस्पिटल में चल रहा है। इलाज के दौरान उनकी (Lalu Yadav) तबीयत बिगड़ जाने के कारण उन्हें शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि उनमें निमोनिया संक्रमण के लक्षण (Pneumonia symptoms in Hindi) नजर आ रहे हैं। कोरोना काल में निमोनिया के लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
रिम्स के निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद का कहना है कि लालू प्रसाद को निमोनिया (Pneumonia) हो गया था और पिछले दो दिनों से उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ (Breathing problem) हो रही थी। शुक्रवार को उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी अपने पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद विशेष विमान से रांची पहुंचे। रात में सभी उनसे मिले। तेजस्वी ने अपने पिता को दिल्ली ले जाने की व्यवस्था में राज्य सरकार का सहयोग लेने के लिए दिन में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।
अक्सर निमोनिया की समस्या बुजुर्गों और बच्चों में अधिक होती है। निमोनिया को नजरअंदाज करना कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। जब किसी को लगातार तेज बुखार और खांसी हो, तो यह निमोनिया रोग (Pneumonia Disease) हो सकता है। न्यूमोनिया फंगस (Fungus), बैक्टीरिया (Bacteria) आदि माइक्रोब्स के कारण होता है। निमोनिया संक्रमण (Pneumonia infection) माइक्रोबियल इंफेक्शन (Microbial infection) होता है, जो व्यक्ति के फेफड़ों पर असर करता है। इस बीमारी में फेफड़ों में सूजन की समस्या हो जाती है।
यदि आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण 3-4 दिनों तक लगातार दिखें, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। हालांकि, सांस की तकलीफ, सीने में दर्द होने पर जितनी जल्दी दिखा लें, उतना ही आपके लिए सही है। बुखार जब लगातार 102 फेरनहाइट हो, खांसी आए, कफ, बलगम से परेशान हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर कुछ टेस्ट के जरिए पता करते हैं कि आपको निमोनिया के कारण ये लक्षण नजर आ रहे हैं या कोई और समस्या है। निमोनिया का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। जिनकी स्थिति बहुत गंभीर होती है, उन लोगों को वेंटिलेटर पर रखा जाता है। कुछ केसेज में सर्जरी की भी जरूरत पड़ती है।
Home Remedies for Pneumonia: क्या है निमोनिया, इसके लक्षण और घरेलू उपचार
इनपुट: (IANS Hindi)