hamburger icon
A
Read in English

नींद न आने के कारण शरीर में होता है ये खतरनाक बदलाव

नींद की कमी के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. लेकिन अच्छी नींद न आने से शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म पर जो प्रभाव पड़ता है, उसकी वजह से मोटापा और डायबिटीज का खतरा तो बढ़ता ही है साथ में हृद रोग की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है.

WrittenBy

Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 19, 2019 7:09 PM IST

नींद न आने के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. नींद की कमी से शरीर पर खतराक बदलाव के संकेत मिले हैं. एक नये शोध के अनुसार नींद में कमी के कारण इंसाने के शरीर का सबसे जरूरी काम मेटाबॉलिक रेट प्रभावित होता है. मेटाबॉलिक रेट इस तरह प्रभावित होता है कि वो शरीर के फैट पर असर डालता है. लिपिड जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार ज्यादा समय तक नींद की कमी से शरीर में मेटाबॉलिक रेट कमजोर होने के साथ मोटापा और डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

नींद न आने के कारण डाइट पर असर 

इस नये शोध में यह बात भी सामने आयी है कि नींद न आने के कारण खाने के बाद लोगों में कई तरह के असर देखने को मिलते हैं. कुछ लोगों में मेटाबॉलिक रेट के कमजोर होने की वजह से खाने के बाद सुस्ती और कमजोरी के लक्षण देखने को मिलते हैं.

जो लोग नींद की कमी के शिकार होते हैं उनके शरीर के फैट का भी मेटाबॉलिक रेट बदलता है, जो कई तरह की बीमारियों का कारण बनता है.

पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऑर्फ्रयू के अनुसार, "लंबे समय तक नींद में कमी की वजह से मेटाबॉलिक पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है और लोग मोटापे के साथ डायबिटीज के शिकार होने लगते हैं."

पोस्टप्रांडियल लिपिड पर असर 

नींद की कमी की वजह से लोगों के पोस्टप्रांडियल लिपिड पर असर पड़ता है. पोस्ट प्रांडियल लिपिड पर असर होने से इसका रिस्पॉन्स प्रभावित होता है. जिसकी वजह से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन प्रभावित होता है. पोस्ट प्रांडियल लिपिड लंबे समय तक अगर प्रभावित होता है तो डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है.

क्या आपको भी नींद नहीं आती ? ये 6 काम नींद की दवा जैसा करते हैं असर.

अच्छी नींद नहीं आती है ? अपनाएं ये सरल उपाय.